बस्ती ज़िले के ग्रामीण क्षेत्रों ख़ास कर महसों गाँव में बिजली की उपलब्धता के बारे में किए गये दावे पूरी तरह फेल हो गये हैं , कुल मिलाकर मुश्किल से १२ से १४ घंटे बिजली रहती है वो भी नवरात्रि के समय।।
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@sakshijoshii@ReallySwara Crisis of identity
सबको धर्मनिरपेक्ष होने की होड़ लगी है पूरी दुनिया की आतंकवादी घटनाएं शायद ये भूल गई हैं या याद भी होगा तो इनका कौन सा सगा इसमें हताहत हुआ था
ये सब वामपंथ की औरस संतानें हैं