@airtelindia आपका नेट और wifi 20 दिनों से ठप्प पड़ा है। कई कंप्लेंट्स के बाद भी कोई बदलाव नहीं हुआ। मजबूरन हटाना पड़ेगा। लोकल एयरटेल ऑफिस में जो काम करने वाले एंप्लाई हैं वो फ़ोन रिसीव करने को तैयार नहीं है। आपका wifi नोच के फेक रहा हूँ। धन्यवाद।
रूह से इंसान हो कर आ रहा हूँ
साहिब-ए-ईमान हो कर आ रहा हूँ
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वो कभी प्यार की नज़रों से नहीं देखता है
उसकी आदत मेरे भाई की तरह लगती है
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दुनिया इसी लिए तो समझ ही नहीं सकी
यारो हमारे दिल की ज़बाँ इश्क़ इश्क़ है
~सलमान ज़फ़र
नव कहन के गंगाजमुनी
तहज़ीब के अलंबरदार शायर।
@ShayarSalman
मुंबई में जैन मंदिर ध्वस्त कर दिया वो भी कोर्ट की सुनवाई से पहले!
क्या BMC अब अदालत से ऊपर हो गई है?
जहाँ बिल्डरों की अवैध मीनारें फल-फूल रही हैं, वहाँ आस्था के एक शांत मंदिर पर बुलडोज़र चला दिया गया।
BMC की 'हिम्मत' सिर्फ कमजोरों पर चलती है ना बिल्डर डरते हैं, ना घोटालेबाज़।
तो फिर सवाल उठता है: ये आदेश किसके इशारे पर चला? और इंसाफ को रौंदने की ये ज़िम्मेदारी कौन लेगा?
गुलाब यादव जी से मिलिए,
यादव जी आज़मगढ़ ज़िले से हैं। रमज़ान में सेहरी के वक़्त रोज़दारों के दरवाज़े दरवाज़े जा कर जगाते हैं। इस ख़ूबसूरत और बेलौस अमल की शुरुआत गुलाब यादव के पिता जी ने 1975 में की थी. ये सिलसिला अब तक बदस्तूर जारी है।
मोहब्बत ज़िंदाबाद ❤️
वो लम्हा जब मिरे बच्चे ने माँ पुकारा मुझे,
मैं एक शाख़ से कितना घना दरख़्त हुई.
(हुमैरा रहमान)
माँ बनने की दिली मुबारकबाद @PragyaLive साहिबा 🤗❤️
#mother#baby#love
Taza Ghazal Se…
किसी से हाथ मिलाये हुए ज़माना हुआ.
तअल्लुक़ात निभाये हुए ज़माना हुआ.
अभी तलक तो कोई फल नज़र नहीं आया,
हमें दरख़्त लगाये हुए ज़माना हुआ.
दुआ से जिसकी हुए सरबुलंद हम सलमान,
उसी के पाँव दबाये हुए ज़माना हुआ.
#SalmanZafar
यहाँ “तंज़” के बजाय “कुशल राजनीति” की ज़रूरत थी। पिछड़ों को साधने का मौक़ा था। अपने वोट बैंक को एक फिर घर को गंगा जल से धुलवाना याद कराना था। उनका “स्टूल” पर बिठा कर अपमान किया जाना याद दिलाते। मगर अपने बचकाना हरकत कर दी। अफ़सोस है।
माँ सीता का श्राप लगा तब अयोध्या उजाड़ हो गया था। लेकिन अब तो रामलला अपनी जन्मभूमि लौट आयें। विकास की हर संभव कहानी अयोध्या की धरती पर लिखी जाने लगी थी। पर्यटक आ रहे थे, रोज़गार के नये अवसर उभरने लगे, अयोध्या की अर्थव्यवस्था मज़बूत होने लगी। विश्व भर से सनातनियों की नज़र अयोध्या को देखती हैं। क्या नाराज़गी थी आख़िर जो राम को लाने वाले के गले जीत की माला न डाल सके। अपने दिन पलटने को लेकर ही वोट कर देते। आख़िर क्यों दिये सबको मौक़ा ये कहने को कि भगवान राम अपनों से ही हारे थे। घर अगर अवैध होंगे तो टूटेंगे न चाहे वो अयोध्या में हो या कहीं और। कैसे मुक्ति पायेंगे इससे?? आज अयोध्या ( उत्तर प्रदेश) की हार ने दिल तोड़ दिया।
#Loksabhaelection #LokSabhaChunavResult2024
माननीय सर्वोच्च न्यायालय, चुनाव प्रमुख @ECISVEEP@CEOUP व पुलिस प्रमुख @dgpup@Uppolice इस बात का तत्काल संज्ञान लें कि मिर्ज़ापुर, अलीगढ़, कन्नौज के अलावा उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में ज़िलाधिकारी व पुलिस प्रशासन विपक्ष के राजनीतिक कार्यकर्ताओं को घरों में नज़रबंद करने का अवैधानिक कार्य कर रहे हैं, जिससे वो कल मतगणना में हिस्सा न ले सकें। अपने मत की रक्षा का अधिकार सबको है और तब तो और भी ज़्यादा है जब कोर्ट द्वारा लगाए गये कैमरों के सामने भी धांधली करने का दुस्साहस करनेवाली सरकार सत्ता में हो।
ऐसी घटनाओं को तुरंत रोका जाए व प्रशासनिक रूप से निरुद्ध किये गये लोगों को तुरंत मुक्त किया जाए। जब समस्त राजनीतिक दल शांतिपूर्ण तरीक़े से कार्य कर रहे हैं, ऐसे में शासन-प्रशासन भी ऐसा कोई अनैतिक कार्य न करे, जिससे जन-आक्रोश पनपे।
आशा है ऐसे पक्षपाती डीएम और प्रशासनिक अधिकारियों को तुरंत हटाया जाएगा और मतगणना को शांति के वातावरण में सम्पन्न कराया जाएगा।