आज लोकसभा में पिछले 35 साल से चले आ रहे झूठ का पर्दाफाश हो गया।
राहुल गांधी - जंतर मंतर पर युवाओं पर लाठी अमित शाह ने चलाई।
जितेंद्र सिंह - नहीं ये झूठ है गोली और लाठी चलाने का आदेश गृहमंत्री नहीं मजिस्ट्रेट देता है।
यानी साफ है अयोध्या में गोली का आदेश मुलायम सिंह यादव जी का नहीं डीएम नृपेंद्र मिश्रा का था।
संसद में जब इस आदमी ने एक मुस्लिम सांसद को कटु#आ कहा था,
तब बीजेपी वाले सब ठहाका लगा रहे थे,
आज @RahulGandhi ने लोकसभा में थोड़ा सा रेल दिया तो
शब्द और मर्यादा का पहाड़ा पढ़ रहे हैँ सब,
आज तक संघी भाजपाई अयोध्या में हुए कारसेवक गोलीकांड पर श्रद्धेय नेता जी मुलायम सिंह जी को दोषी ठहराते हैं
जबकि तत्कालीन सरकार के प्रशासनिक सर्वेसर्वा नृपेंद्र मिश्रा को इन्हीं भाजपाइयों ने राम मंदिर अयोध्या का भी सर्वे सर्वा बना रखा है और उन्हीं नृपेंद्र मिश्रा ने स्वीकार किया था कि गोली चलवाने में श्रद्धेय नेता जी मुलायम सिंह यादव जी का कोई रोल नहीं था बल्कि नृपें��्र मिश्रा के आदेश पर गोली चली थी
इसका मतलब भाजपा ने नृपेंद्र मिश्रा के साथ मिलकर सांठगांठ साजिश की थी, कि कारसेवकों को मरवा दो ��र नेताजी को बदनाम कर दो तथा सपा की सरकार बदनाम कर गिरा कर अपनी सरकार बना लो? इसका मतलब कर सेवकों को मरवाने में भाजपा का हाथ है, क्योंकि भाजपा सरकार बनाना चाहती थी और भाजपा ने नरेंद्र मिश्रा अधिकारी को सेट करके गोली कांड करवाया? आज नृपेंद्र मिश्रा किसकी गोद में बैठे हैं ये सब देख ही रहे हैं
@yadavakhilesh इतने दिन से C बना रहे थे अंधभक्तों को
गोली निपेंद्र मिश्रा ने चलवाई थी और आज ट्रस्ट का अध्यक्ष बन कर चन्दा चोरी भी करा दिया लेकिन अंधभक्त मानेंगे नहीं
भाजपा कार्यकर्ता हूं किस बात का टोल दे सड़क तुम्हारे बाप की नहीं हमारे बाप योगी मोदी की है।
बताओ 40 रुप�� के टोल के लिए ये अंधभक्त बाप बदल रहा फोन कर रहा पहचान बता रहा लेकिन टोल नहीं चुका पा रहा।����
देशभर के आंदोलनकारियों के सूचनार्थ!
भाजपा और उनके संगी-साथियों के दुर्व्यवहार, दुर्वचनों और हिंसा को सब देख लें। इनका दुस्साहस देखिए कि अभी युवाओं को वचन दिए हुए चंद घंटे भी नहीं हुए हैं और ये भाजपाई अपने इतिहास को दोहराते हुए फिर से धोखा दे रहे हैं। भाजपा के ये संस्कारी नेताजी अपने शीर्ष नेतृत्व के दिये गये आश्वासन की सरेआम धज्जियाँ उड़ा रहे हैं और वीड���यो भी बना रहे हैं। अब क्या ये भी डबल इंजन की टकराहट के कारण हो ��हा है।
तुरंत गिरफ़्तारी हो!
भाजपाई तो अपने वचन के भी सगे नहीं हैं।
भरोसे का विलोम भाजपा!
झारखंड में RJD के चार MLA हैं। चारों विधायक डंके की चोट पर कह रहें हैं कि हमने पोलिंग एजेंट को दिखाकर कांग्रेस प्रत्याशी को वोट दिया है।
कांग्रेस पार्टी के छुटभैये नेता लबड़-लबड़ बोलने के बजाए आत्मचिंतन करें। अपनी नाकामी और निकम्मेपन का ठीकरा CPI-ML और RJD पर ना फोड़े।
ये जौनपुर में शादी के दौरान मारे गए दूल्हे आज़ाद बिंद की बहन है
ये बहन अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ दोनों से मिल चुकी है
अब इस बहन से दोनों नेताओं के बारे में सुनिए