The lal-gamcha guy Nandan Yadav has been apprehended after a brief encounter.
He was shot in the leg when he was trying to escape and is currently receiving treatment in hospital.
This morning @yadavtejashwi
was calling him a “Bhagwa Balatkari” because he wore an orange gamcha. Turns out he is one of his own voters. Typical Ajmal Kasab playbook.
He was hiding his face while committing the crime. Let’s make this goon’s real face famous.
देख लो OBC वालों कैसे यह जबरदस्ती अंबेडकर वादियों ने इस्तीफा ले लिया और तुम लोग बहुजन एकता में रहो यह तुम्हारे लोग कोई एससी एसटी एक्ट में फंसा कर पैसे वसूल रहे हैं अब कोई नहीं बोल रहा कि ओबीसी एससी स्ट एकता जिंदाबाद बहुजन एकता जिंदाबाद #Resignation#OBC#SCSTActKhatamkaro
Those who are supporting that IIT Bombay cheating guy should also have supported Ankur Singh of Ballia, but they never did cause he was from so called Upper caste Rajput community
Professor Who Caught the IIT-B Student
Look at His Achievements.
We Are Making a Joke of Our Education System — and the SC/ST Act Is at the Heart of It.
साहिल वकोड़े IIT बॉम्बे के छात्र थे। परीक्षा चल रही थी। पूरा प्रश्नपत्र AI एप्प को अपलोड कर के उत्तर कॉपी में लिख रहे थे। प्रोफेसर ने पकड़ लिया। बाहर ले गए, डाँटा और कहा कि संस्थान के नियम स्पष्ट हैं आप चोरी करते पकड़े गए तो सस्पेंड किए जा सकते हो।
साहिल ने बाद में आत्महत्या कर ली। माँ-बाप ने पोस्टमार्टम के बाद भी शव नहीं लिया क्योंकि उन्हें न्याय चाहिए। न्याय पाने के लिए उन्होंने मोदी एक्ट की धाराएँ लगवा दीं प्रोफेसर पर।
एक लड़का आरक्षण से IIT पहुँचा। कम नंबर न आए, इसलिए चोरी कर रहा था। वह टॉपर बनना चाह रहा था। पर एक मनुवादी शिक्षक ने उसे कॉलेज के कानून बताए, सस्पेंड किया भी नहीं। उसने आत्महत्या कर ली।
क्या एक दलित को फोन ले जाने अनुमति नहीं होनी चाहिए? क्या ऐतिहासिक प्रताड़ना के कारण उसको ओपन मोबाइल परीक्षा देने की अनुमति नहीं होनी चाहिए?
आज एक ब्राइट स्टूडेंट, जो जेट इंजन बना सकता था AI से पूछ कर, हमारे बीच इसलिए नहीं रहा क्योंकि उससे पहले ही चरण में रोक लिया गया। मोदी एक्ट इसीलिए बना ही है।
प्रोफेसर को फाँसी होनी चाहिए।
कथावाचक से हवन कौन कराता है? और हनुमान चालीसा से कौनसा हवन होता है? हवन हो रहा है और लोग कुर्सियों पर बैठे हैं?
बस इसलिए कि कोई प्रसिद्द है, वो कुछ भी कर सकता है?
हवन में अग्नि को साक्षात् देवता माना गया है, इसलिए परंपरागत रूप से भूमि पर आसन बिछाकर बैठना उचित है, न कि कुर्सी पर।
और 16वी शताब्दी में लिखी हनुमान चालीसा से हवन करना पूर्णतः अवैदिक कार्य है।
@Aryakahhh Lol saare krishna mandir ko bacha aur suraksha rajputo ne di. Tum jaise gwale bas reservation nand sakte ho 🤣🤣. Rajputo ne mathura ke bhi mandir aur shrinath ki raksha ki.
करणी सेना के जिलाध्यक्ष सचिन राघव समेत 13 नामजदों पर SC-ST एक्ट में मुकदमा।
मारा इन्हीं को गया, अपमानित इन्हीं को किया गया और FIR भी इन्हीं पर!
वाह लोकतंत्र, वाह बीजेपी सरकार।
पत्रकार: आप दलित हैं, हाथ में ॐ और कलावा क्यों?
पीड़ित परिवार: हम हिंदू हैं, मुस्लिम थोड़ी ना। हिंदुओं में कलावा पहनते हैं।
पत्रकार: आपके भाई की हत्या हुई, चंद्रशेखर रावण क्यों नहीं आया?
पीड़ित परिवार: क्योंकि आरोपी मुस्लिम है।
और सबसे बड़ी बात—पीड़ित परिवार ने कहा, “अब भरोसा सिर्फ़ योगी आदित्यनाथ जी पर है।”
यही है ज़मीनी हकीकत।
कुछ लोग दलितों को सिर्फ़ राजनीति के लिए याद करते हैं,
लेकिन न्याय के समय परिवार खुद तय करता है कि भरोसा किस पर है।