हे प्रियतम... तुम बिन मैं अर्थहीन सा तुम ही हो अर्थ मेरा.. शून्य सा अस्तित्व मेरा.. संग तुम्हारे अनंत..अथाह हुआ.. तुम ही धरोहर मेरी जन्म जन्मांतर की... बिन तुम्हारे मैं मिट्टी का ढेर सा.. तुम ही हो पंचतत्व मेरे..!
~शिव
#happy4thanniversary ❤
#mylove
~28|05 🙏
#shivheart
तुम्हारी स्मृतियों से अटा हुआ मैं
अपने एकान्त में खोजता हूँ कोई कविता
क्योंकि,
अतृप्त इच्छाओं की पूर्ति करती
इन कविताओं में ही है,
तुम्हारी और मेरी आत्मा का
तृप्त आलिंगन।
~ हेमन्त परिहार
शुरूआत के वो दिन कितने कीमती है आज भी मेरे लिए.. तुम्हारे लिए.. हमारे लिए..
और वो हर शाम की मुलाकात.. न जाने कब हमे यूं इक दूजे से प्रेम हो गया.. ||
~शिवी
@ShivHeart
किससे छूटेगा कहाँ हाथ तुझे क्या मालूम
कोई कब तक है तेरे साथ तुझे क्या मालूम
उससे भी अच्छी तरह मिल जो नहीं है अच्छा
उससे फिर होगी मुलाक़ात तुझे क्या मालूम...
~ प्रेमरंजन अनिमेष