देखो भाइयों दिल्ली चुनाव की थोड़ी सी भविष्यवाणी में भी कर देता हूं
केजरीवाल अपनी सीट हारेगा .
सिसोदिया अपनी सीट हारेगा ।
आतिशी की सीट भी फंसी हुई है
बीजेपी 40-50 सीट जीत सकती है बाकी टिकिट फाइनल होने पर पता चलेगा
कुल मिलाकर दिल्ली में भयंकर नाराजगी है केजरीवाल के खिलाफ
LoP Shri @RahulGandhi and @INCIndia continue to shamelessly exploit students as political tools to manufacture disruption during the Monsoon Session of Parliament.
Shri @RahulGandhi and @INCIndia chose to stage a dharna outside the Hon'ble Prime Minister's residence , causing inconvenience to the public and disregarding established security protocols.
Even after Government conveyed its readiness for a comprehensive discussion, the Congress chose political spectacle over democratic debate. Their objective was never solutions for students, it was disruption for political headlines
For Rahul Gandhi, this is not about students. This is about manufacturing confrontation after every genuine avenue for discussion has been opened.
Our Government remains 100% committed to discussing NEET and addressing every genuine concern of our youth on the floor of the House. The students of India deserve far better than being treated as props in a political campaign. They deserve certainty over chaos, solutions over slogans and responsibility over disruption.
We owe our students more than outrage. We owe them answers, reforms and accountability. That is exactly what our government remains committed to delivering.
भले ही खुद की गा* फटी हो लेकिन हमारी जाति का नेता मजे करना चाहिए, खुद ट्रेन में लद कर मजदूर बनने बाहर चले जाएंगे , लेकिन हमारी जाति का नेता प्राइवेट जेट से चलना चाहिए
कांग्रेस के दौर में बिना किसी बड़े वैश्विक संकट के भी दाल, तेल, सब्ज़ी, गैस सबकी कीमतें आम आदमी की ���मर तोड़ देती थीं और डबल डिजिट इन्फ्लेशन आम बात थी...आज दुनिया भर में ऊर्जा संकट है, फिर भी भारत में retail inflation काबू में है.. आम आदमी की जेब पर असर मापने वाला CPI Inflation अप्रैल में सिर्फ 3.48% और मई में 3.93% रहा जो बताता है कि भारत ने इस वैश्विक शॉक को कितने अच्छे से मैनेज किया..
PM मोदी का 12 वर्षों तक लगातार भारत का प्रधानमंत्री बने रहना केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं है...यह उस व्यक्ति की कहानी है जिसने जीवन की कठिनाइयों को शिकायत नहीं..सीख में बदला..जिसने अभावों से संवेदनशीलता सीखी...संघर्षों से ��ैर्य सीखा...लोगों के बीच रहकर भारत की नब्ज़ को समझा और राजनीति को केवल चुनाव जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को बदलने का साधन माना...
यही कारण है कि जब वे भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले लोकतांत्रिक प्रधानमंत्री बनते हैं...तो बधाइयाँ केवल भारत के कोनों से नहीं....बल्कि दुनिया भर की राजधानियों से आती हैं...क्योंकि दुनिया केवल एक राजनेता को नहीं देख रही... दुनिया उस नेता को देख रही है ज���सने एक साथ कई असंभव दिखने वाली चुनौतियों के बीच अपने देश को आगे बढ़ाया....वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महामारी, युद्ध, सप्लाई चेन संकट, बदलता भू राजनीतिक संतुलन, ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी प्रतिस्पर्धा के इस दौर में भारत न केवल स्थिर खड़ा रहा, बल्कि अधिक आत्मविश्वास, अधिक प्रभाव और अधिक महत्व के साथ उभरा...
मोदी की सबसे बड़ी ताकत शायद उनकी वही स्ट्रीट स्मार्टनेस है जिसकी जड़ें उनके शुरुआती जीवन में दिखाई देती हैं...य�� किताबों में पढ़ा हुआ नेतृत्व नहीं है...यह लोगों के बीच से निकला हुआ नेतृत्व है।
कब जनता की उम्मीदों को सुनना है.. कब प्रशासन को धक्का देना है, कब दुनिया की बड़ी शक्तियों के बीच संतुलन बनाना है और कब केवल भारत के हित को प्राथमिकता देनी है, इसकी समझ वर्षों के अनुभव और निरंतर जनसंपर्क से बनी है....एक तरफ वे गांव के अंतिम व्यक्ति तक शौचालय, गैस कनेक्शन, बैंक खाता, घर और स्वास्थ्य सुरक्षा पहुंचाने की बात करते हैं, तो दूसरी तरफ वैश्विक मंचों पर भारत को निर्णायक आवाज़ दिलाने की क्षमता भी दिखाते हैं..
PM Modi ने विकास को केवल आंकड़ों का विषय नहीं रहने दिया। करोड़ों लोगों के लिए विकास पहली बार व्यक्तिगत अनुभव बना। किसी के घर बिजली पहुंची, किसी को पहली बार बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने का अवसर मिला, किसी महिला को धुएँ से म���क्ति मिली, किसी किसान तक प्रत्यक्ष सहायता पहुंची, किसी युवा को डिजिटल अर्थव्यवस्था में अवसर मिला। जब विकास लोगों के जीवन में दिखाई देने लगता है, तब राजनीति केवल नारों पर नहीं चलती, विश्वास पर चलती है...
यही वजह है कि बार-बार चुनावी जीतों को केवल चुनावी गणित से नहीं समझा जा सकता... इसके पीछे एक मनोवैज्ञानिक संबंध है...जनता को यह विश्वास होना कि देश सही दिशा में जा रहा है, क�� नेतृत्व कठिन निर्णय लेने से नहीं डरता, कि वैश्विक मंच पर भारत झुकेगा नहीं और कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचेगा।
यह विश्वास वर्षों में बनता है और निरंतर परिणामों से मजबूत होता है।
आज जब इटली से लेकर भूटान, दक्षिण कोरिया से लेकर केन्या, मलेशिया से लेकर मालदीव और मंगोलिया से लेकर नाइजीरिया तक के नेता उन्हें बधाई दे रहे हैं, तो यह केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं है। यह उस भारत की स्वीक��ति भी है जिसने पिछले एक दशक में स्वयं को दुनिया के सामने नए आत्मविश्वास के साथ स्थापित किया है..
बारह वर्ष पहले एक नेता ने कहा था कि वह प्रधान सेवक बनकर काम करेगा। बारह वर्ष बाद दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में लगातार जनादेश, वैश्विक सम्मान और बदलती हुई भारत की छवि इस बात का प्रमाण है कि सेवा, संकल्प और स्पष्ट राष्ट्रीय दृष्टि जब एक साथ मिलते हैं, तो नेतृत्व केवल सरकार नहीं चलाता, वह एक युग को आकार देता है..
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।
मोदी जी के नेतृत्व में प्रदेश की डबल इंजन सरकार सुशासन और जनकल्याण के नए मापदंड स्थापित कर रही है।
ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना करता हूँ।
Best wishes to Uttar Pradesh Chief Minister, Yogi Adityanath Ji on his birthday. His work towards the state’s progress is noteworthy. He has always focused on improving the quality of life for people and ensuring all-round growth. Praying for his long and healthy life.
@myogiadityanath