सोनम वांगचुक की महज़ 18 दिनों की भूख हड़ताल और उनकी तकलीफ को देखकर ही लोग बौखला गए हैं।
अब ज़रा वीर सावरकर की कल्पना कीजिए, जिन्होंने पूरे 10 वर्षों तक ‘काला पानी’ की अत्यंत क्रूर और कैसी कैसी यातनाओं को सहा और जीवित रहे।
ये वही वीर सावरकर हैं, जिन्हें तुम वामपंथी (leftists) “माफ़ीवीर” कहकर उनका मज़ाक उड़ाते हो।
सोनम वांगचुक कुछ दिन भूखे तो देश के लिए और वीर सावरकर दस साल से झेले तो गद्दार??
𝐃𝐨𝐧'𝐭 𝐛𝐞𝐥𝐢𝐞𝐯𝐞 𝐢𝐧 𝐥𝐢𝐞𝐬. ❌
Old videos are being circulated to spread misinformation about India's hydrogen-powered train.
𝐑𝐞𝐚𝐥𝐢𝐭𝐲: 𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚'𝐬 𝐟𝐢𝐫𝐬𝐭 𝐡𝐲𝐝𝐫𝐨𝐠𝐞𝐧-𝐩𝐨𝐰𝐞𝐫𝐞𝐝 𝐭𝐫𝐚𝐢𝐧 𝐢𝐬 𝐫𝐮𝐧𝐧𝐢𝐧𝐠 𝐬𝐦𝐨𝐨𝐭𝐡𝐥𝐲.
See it for yourself. ⬇️
@ArunKosli@narendramodi अपने विश्वास को इतना सस्ता और हल्का भी मत बनाए कि बात बात में उठने लगे .
पागल कुते और तिलचट्टो को अपनी मौत मरना ही है तो अपने हाथ क्यों गंदे
करना।
पहली तस्वीर में नजर आ रहे शख्स का कुछ दिन पहले एक वीडियो वायरल हुआ था,
जिसमें ये शख्स बता रहा था कि मेरी अभिजीत दीपके से बात हुई उसने कहा है कि 20 जुलाई को जब संसद मार्च के लिए जबरदस्ती जायेंगे,
तो पुलिस से हुज्जत होगी ओर पुलिस लाठी भी चला सकती है जिसके लिए अभिजीत दीपके से प्लान किया है कि,
हम सबसे आगे बच्चे, दिव्यांग,ओर महिलाओं को रखेंगे ताकि पुलिस लाठी ना चलाए ओर अगर पुलिस लाठी चलाती है तो हम इस बात को मुद्दा बनाकर सरकार को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करेंगे,
आज वही चीज देखने को भी मिल रही है क्यों कि आज जंतर मंतर पर पंजाब के किसान को दिव्यांग बता कर केजरीवाल ने बुलवा लिया है,
जो बिल्कुल अभिजीत दीपके के कहे अनुसार ही हो रहा है अब यह पूरा षडयंत्र किसका है ये देश को समझ लेना चाहिए,
क्यों कि अभिजीत दीपके तो बच्चा है उसका बाप तो असल मैं केजरीवाल ही है,
क्यों कि जिस दिन ये दिल्ली का लुटेरा जंतर मंतर पर पहुंचा था उसी दिन इस साजिश का ब्लू प्रिंट तैयार हो गया था,
ध्यान रखना देश के लोगों ये कोई छात्र आन्दोलन नहीं बल्कि देश को नेपाल बनाने की साज़िश है.....!
पिछले 1 महीने में अंतरराष्ट्रीय मीडिया और भारत मे बैठे लेफ्ट लिबरल के लिए मुद्दे हैं....
" भारत मे सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल"
" CJP का प्रदर्शन "
" भारत मे सूखा "
" भारत मे बाढ़ "
वहीं पिछले 1 महीने में भारत की उपलब्धियां...
* 10 June : भारत का रक्षा उत्पादन 2025-26 मे रिकॉर्ड 1.78 लाख करोड़ तक पहुंच गया.
* 11 June : Make In India के तहत भारत मे बना पहला C-295 सैन्य परिवहन विमान ने पहली उड़ान भरी....ऐसे 40 विमान निर्माणाधीन है.
* 10-11 June : DRDO ने फेज 2 बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) और एंटी शिप मिसाइलों के सफल परीक्षण किए.
* 13 June : NDA से प्रशिक्षित महिला कैडेटों का पहला बैच भारतीय सशस्त्र बल मे कमिशन हुआ...जो महिला सशक्तिकरण की ऐतिहासिक शुरुआत है.
* 15 June : उड़ीसा से स्वदेशी long range लैंड अटैक क्रूज़ मिसाइल (LRLACM) का सफल परीक्षण हुआ.
* 21 June : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने कोलकाता मे 3 स्वदेशी युद्धपोत - INS दुनागिरी.....INS संशोधक और INS अग्रय को भारतीय नौसेना को समर्पित किया.
* 24 June : RDSO और ARAI ने LHM रेला कोच का सफल पूर्ण क्रैश टेस्ट किया...जिससे रेल यात्रियों की सुरक्षा और मजबूत होगी.
* 24 June : ISRO ने 175 टन थ्रस्ट वाले सेमी क्रायोजेनिक ईंजन पावर हेड का सफल परीक्षण किया.
* 26 June : कलपक्कम मे फास्ट ब्रीडर रिएक्टर की उष्मा का उपयोग करते हुए परमाणु ऊर्जा आधारित हाइड्रोजन उत्पादन संयन्त्र शुरू हुआ.
* 11 July : रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने विशाखापट्टनम मे INS महेंद्रगिरि को भारतीय नौसेना को समर्पित किया.
* 12 July : भारतीय युवा टीम ने 56 वें अंतर्राष्ट्रीय भौतिकी ऑलंपियाड (IPHO 2026) मे 5 स्वर्ण पदक जीतकर विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त किया.
* 13 July : भारत का पहला बैरियर फ्री एक्स्प्रेसवे.....लखनऊ-कानपुर एक्स्प्रेसवे आम जनता के लिए खुला.
* 17 July : प्रधानमंत्री मोदीजी ने हरियाणा के जींद में भारत की पहली स्वदेशी और दुनिया की सबसे लंबी...10 कोच वाली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई.
* 18 July : Skyroot Aerospace के युवा भारतीय इंजीनियरो ने विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण किया....यह निजी क्षेत्र द्वारा विकसित पहला रॉकेट है जिसने सफलतापूर्वक अपने पेलोड को Low Earth Orbit मे स्थापित किया.
* 19 July ; भारतीय Gen-Z टीम ने अंतरराष्ट्रीय रसायन विज्ञान ऑलंपियाड मे 4 स्वर्ण पदक जीतकर विश्व में पहला स्थान प्राप्त किया.
.............ऊपर लिखी तमाम उपलब्धियों मे भारत के Gen-Z का सबसे ज्यादा योगदान है......भारत का Gen-Z देश की तरक्की मे अपना योगदान दे रहा है....और Gen-Z के नाम पर अराजकता फैलाने वाले अधेड़ उम्र के नाकारा देश विरोधी लोग.....जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे हैं.
जयहिंद 🇮🇳🚩
वन्देमातरम 🚩
मजरूह सुल्तानपुरी ने चुनौती देते हुए कहा कि बिना उर्दू के प्रयोग के हिंदी फिल्में अधूरी है!
एक गीतकार गोपाल दास नीरज ने चुनौती स्वीकार की और एक गीत लिखा था.. जिसमें एक भी उर्दू शब्द नहीं था
रंगीला रे, तेरे रंग में
यूँ रंगा है, मेरा मन....
छलिया रे, न बुझे है
किसी जल से, ये जलन
नमन श्री गोपाल दास नीरज जी को #GopaldasNeeraj
मोहन यादव की बात ही अलग है 🔥
MP में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए भोपाल का वही स्थान चुना, जहाँ से हिंदुस्तान में 310 साल पहले शरिया की शुरुआत हुई थी...
अब कुछ मुगलों के बच्चों के कीड़े काटेंगे जो लाजमी है...
लेकिन याद रखना.. हल्ला गुल्ला किया तो मोहन यादव सरकार का डंडा चलना भी लाज़मी होगा..
मोहन हैं... तो मुमकिन है ✊
विश्व की सबसे महंगी जमीन कहाँ है?
🟠 *धरती का सबसे महंगा स्थान पंजाब के सरहिंद में फतेहगढ़ साहब में है, यहाँ पर श्री गुरु गोविंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों और माता जी का अंतिम संस्कार किया गया था, जिनकी सरहिंद के नवाब वजीर खान ने बड़ी निर्ममता से H त्या करवा दी थी।*
*साथ ही मोतीराम मेहरा और उसके परिवार को कोल्हू में पिसवा दिया गया था क्योंकि ये ठंडे बुर्ज में कैद गुरु गोविंद जी की माता और उनके बच्चो को गर्म दूध पीने के लिए लाते थे।*
🟠 *हिन्दू सेठ दीवान टोडर मल जैन ने यह जगह 78000 सोने की मोहरें (सिक्के) भूमि पर फैला कर मुस्लिम बादशाह से भूमि ख़रीदी थी।*
🟠 *सोने की कीमत के अनुसार इस 4 स्क्वायर मीटर जमीन की कीमत 2500000000 (दो अरब पचास करोड़) बनती है।*
🟠 *आज तक के विश्व के इतिहास में इतनी महँगी जगह कहीं नहीं ख़रीदी गयी।*
आज यह स्थान गुरुद्वारा ज्योति स्वरूप साहिब के नाम से जाना जाता है और इसका कोई मोल नहीं लगाया जा सकता।
जंतर-मंतर पर कल शाम जो दृश्य देखने को मिला, वह राजनीतिक थिएटर का बेहतरीन मिसाल था। सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने माइक थामा और एक साधारण-सा बयान दे दिया, जिसने कई 'क्रांतिकारी' दुकानों पर ताला जड़ दिया।
"अगर राजनीतिक नेता अस्पताल जाकर सोनम से मिलें और उन्हें भरोसा दिला दें कि संसद सत्र में शिक्षा की जवाबदेही का मुद्दा उठाएंगे, तो सोनम कल अपनी भूख हड़ताल खत्म कर देंगे।"
बस। इतना ही।
न कोई धरना, न कोई चक्का जाम, न कोई इस्तीफे की मांग। खासकर धरमेंद्र प्रधान का इस्तीफा तो सोनम के शब्दों में कहीं था ही नहीं। जैसे किसी ने अरुंधति सुजेना रॉय, कॉलिन गोंसाल्वेस, योगेन्द्र यादव के लिखे पूरे स्क्रिप्ट को बीच में ही फाड़कर फेंक दिया हो।
अब देखिए मजा। राकेश टिकैत, अभिजीत दिपके, चंद्रशेखर आजाद, विजेता दहिया, संजय सिंह, मनोज झा — ये सारे 'जन-नेता' जो शिक्षा के मुद्दे पर सोनम की भूख हड़ताल को अपनी दुकान खोलने का सुनहरा मौका समझ रहे थे, उनकी सारी तैयारी धरी की धरी रह गई।
कल तक तो ये लोग सोनम को अपना हथियार बना रहे थे। "देखो, मोदी सरकार शिक्षा का गला घोंट रही है, प्रधान इस्तीफा दो!" का नारा लगाकर कुदरती बिरयानी बांट रहे थे। इन महानुभावों को लगा था कि इस बार फिर वही पुराना फॉर्मूला चल जाएगा — कोई मुद्दा पकड़ो, कोई चेहरा आगे करो, खुद पीछे से वोट और वायरल फेम बटोर लो।
लेकिन सोनम ने, या कहें उनकी पत्नी ने, एक ही वाक्य में सबकी दुकान उजाड़ दी।
कोई इस्तीफा नहीं। कोई व्यक्तिगत हमला नहीं। सिर्फ शिक्षा में जवाबदेही। बस।
अब ये सारे ' आंदोेलनजीवी योद्धा" क्या करें?
सोनम की भूख हड़ताल को कुदरती बिरयानी बांटने वालों ने अपना राजनीतिक स्टॉक बढ़ाने का अवसर समझ लिया था।
जंतर-मंतर पर आज जो हवा चली, वो क्रांति की नहीं, हकीकत की थी। और हकीकत ने कई दुकानों का सामान एक झटके में बिखेर दिया। अब ये 'आंदोलनजीवी' सोच रहे होंगे — अगली बार किस मुद्दे पर 'जन-आंदोलन' का ड्रामा रचा जाए? क्योंकि इस बार तो सोनम ने स्क्रिप्ट ही बदल दी।
लेकिन षडयंत्रकारियों का गिरोह इतनी आसानी से मानेगा नहीं। जो मंच के पीछे थे, धीरे धीरे मंच पर आकर कब्जा लेने लगे थे। सोनम के एक बयान ने उनके इरादे के गुब्बारे को फिलहाल पंचर दिया है। अब जंतर मंतर पर बैठे पंचर ठीक करने वाले कल कौन सा नया बखेड़ा खड़ा करते हैं, देखते रहिए।
सबका अंत यही होना है…
जंतर मंतर वाली प्रोफेसर ने कहा था हम देखेंगे - लो देखो
अगले 8 दिन बाद 5 सितारा होटल से बड़ी अवैध मस्जिद मदरसा अतिक्रमण हटेगा फिर से देखना
मुल्ला वक़्फ़ प्रॉपर्टीज पर हमारी रिसर्च रात दिन जारी है पूरे देश को तेरी लूट के किस्से सुनाएगे जल्द ही
राम राम
2003 और 2004 में हनुमानगढ़ी परिसर में इफ्तार और नमाज दोनों आयोजित की गई , इस तथ्य से कोई इंकार नहीं कर सकता --- इसका विरोध हुआ ,मामला अदालत में गया ---अदालत ने अपने आदेश में हनुमानगढ़ी के 52 बीघा मंदिर परिसर में इफ्तार- नमाज पर रोक लगा दी और कहा कि मंदिर परिसर के भीतर होने वाली सभी गतिविधियां मंदिर की धार्मिक परंपराओं के अनुरूप ही होनी चाहिए---- मंदिर की मर्यादा सम्पूर्ण मंदिर परिसर पर लागू होती है ,यह सत्य और तथ्य सबको समझना चाहिए ---और हनुमान गढ़ी का परिसर 52 बीघा का है -----
_अमिताभ अग्निहोत्री जी
गला फाड़ कर अविमुक्तेश्वरानंद जी झूठ क्यों बोलते हैं समझ नहीं आता। एक धर्माचार्य को शालीनता और मर्यादा से बाहर देखना दुःखद है।