🌿 तुलसी: आ��ुर्वेद की अमूल्य धरोहर!
यह रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, श्वसन तंत्र को स्वस्थ रखने, तनाव कम करने और शरीर को प्राकृतिक रूप से संतुलित रखने में सहायक मानी जाती है। https://t.co/FjrEVSomcz
#Tulsi #Ayurveda #HealthyLifestyle #NaturalHealing
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जितना आप अंतर्यात्रा करते हैं उतना दृढ़वृता होते हैं।जितना बाहर के जगत से सुख लेने की बेवकूफी बढ़ती है,उतना आदमी चंचल हो जाता है।
खैर,जो बीत गया उसको याद करके अपने को कमजोर मत बनाओ।
अब दृढ़ संकल्प करो कि इतना जप करूंगा। हिम्मत देने वाले शास्त्रों को पढूंगा।
#AsharamjiBapu
आओ श्रोता तुम्हें सुनाऊं, महिमा लीलाशाह की।
सिंध देश के संत शिरोमणि, बाबा बेपरवाह की।
जय जय लीलाशाह
दुःख को हरते,सुख को भरते,करते ज्ञान की बात जी।
जग की सेवा लाला नारायण, करते दिन-रात जी।
जीवनमुक्त विचरते हैं ये, दिल है शंहांशाह की।
आओ श्रोता तुम्हें सुनाऊं..
#AsharamjiBapuQuotes
इष्ट मंत्र की माला गले में रखना चाहिए। मासिक धर्म है तो फिर माला नहीं घुमाना और ��� कार नहीं जपना। बिना माला के मानो ॐ नमः शिवाय गुरु मंत्र है तो शिव, शिव, शिव, शिव 15 मिनट जपे। हरि ओम है तो हरि, हरि, हरि, हरि ता 15 मिनट। ॐ नमः भगवते वासुदेव है तो वासुदेव, वासुदेव, वासुदेव ऐसा जपो। ॐ कार नहीं जपना मासिक धर्म में और माला नहीं छूना और शौचालय में माला ले गए तो माला सहित स्नान करो। पीपल के पत्ते पर माला रख के उसको दूध से स्नान कराओ, पानी से स्नान कराओ। माले, माले, महा माले, पातक नाशिनी, पुण्यदायिनी अपने गले में रखो। #AsharamjiBapu
रात्रि अन्ते पिबेत् वारि। रात्रि का अंत हो जाए, प्रभात को मंजन ब्रश करके पानी पीना चाहिए। लीटर सवा लीटर सुबह खूब पानी पीना चाहिए। 2:00 बजे तक पानी दो लीटर सवा दो लीटर पी लें, तो किडनी का function ठीक रहता है। मध्याह्ने तक्रं पिबेत्। मध्याह्न को छाछ पीनी चाहिए। खट्टी ना हो। जितनी दही, तीन गुना पानी; 100 ग्राम दही तो 300 पानी। जीरा, हींग का वघार कर सकते हैं। अगर शरीर में गर्मी है, तो थोड़ा मिश्री डाल सकते हैं। नहीं तो, वायु है तो थोड़ा जीरा और काली मिर्च डाल सकते हैं, सेंधा नमक। दिवस अन्ते पिबेत् दुग्धम्। दिन का अंत हो जाए, तो दूध पान करना चाहिए। वैद्यस्य किं प्रयोजनम्। फिर doctor वैद्य का क्या प्रयोजन है, क्या आवश्यकता है?
#AsharamjiBapu
भय, राग, क्रोध से अंतःकरण मलिन हो जाता है और जीव बेचारा जन्म-मरण का भागी होता है। भय, राग, क्रोध मिटने पर भी जीव को साधनों में 'मैं' बुद्धि मौजूद रहती है।
हकीकत में भय, राग, क्रोध आदि होते हैं मन, बुद्धि में और मन, बुद्धि साधन हैं । तो हम साधनों की शुद्धि, साध्य को देखने के लिए करें तो ठीक है, लेकिन साधनों को ही 'मैं' मानते रहे तो साध्य ठीक से नहीं दिख पाएगा।
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No. 278
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इस आजाद भारत में एक निर्दोष संत आसाराम बापू को झूठे आरोपों में फँसाकर, जो खेल मोदी और अमित शाह खेल रहे हैं, आखिर उसकी जवाबदारी किसकी होगी...?
सुब्रमण्यम स्वामी की इस ट्वीट ने कथित षड्यंत्र पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
➡️पूरी पोस्ट पढ़ें⤵️
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@YssSpeaks True strength lies in an unshakeable mind.
This divine Anmol Vachan reminds us that maintaining equanimity in both joy and sorrow is the ultimate key to peace, resilience, and spiritual growth.
Truly life-changing wisdom!
#AsharamjiBapuQuotes
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@YssSpeaks जी हां
Anmol Vachan
" ब्रह्मज्ञान का सत्संग सुनना सारी तपस्याओं, सारी साधनाओं के बाप का बाप है, उसने सब तीर्थ, यज्ञ, दान, तप ,पितरों को तर्पण कर लिया जिसने एक क्षण भी ब्रह्मज्ञान सत्संग सुना " !
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उद्यम, साहस, धैर्य, बुद्धि, शक्ति और पराक्रम जिसके पास ये 6 सद्गुण ह���ता है उसे बिना मांगे लक्ष्मी, सत्ता, ऐश्वर्य ,सफलता मिलती है। वो जिस किसी क्षेत्र में जायेगा सफलता मिलेगी।
Adhyatmik Gyan
Sakaratmak Jeevan
Anmol Vachan
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@YssSpeaks Anmol Vachan
" राजा जनक को घोड़े की रकाब में पैर डालते डालते ब्रह्मज्ञान हो गया, तो ब्रह्मज्ञान पाना सरल है न.. अष्टावक्र ब्रह्मज्ञानी थे, राजा जनक भी ब्रह्मज्ञानी थे " !
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@YssSpeaks#AsharamjiBapuQuotes
Anmol Vachan
तुम्हारा आंतरिक चेतन जिस लक्ष्य को महत्व देता है, वही तुम्हारे जीवन की दिशा बन जाता है। इसलिए श्रेष्ठ विचारों, सत्संग और सद्गुणों को अपनाएँ। सकारात्मक चिंतन से व्यक्तित्व निखरता है,आत्मबल बढ़ता है और जीवन में सफलता व शांति दोनों प्राप्त होती है
#AsharamjiBapuQuotes
"विपरीत परिस्थितियाँ व्यक्���ि की परीक्षा नहीं, उसकी छिपी हुई शक्ति को प्रकट करती हैं।"
ये Anmol Vachan हमें आत्मविश्वास, संयम, सकारात्मक सोच और ईश्वर-स्मरण की ओर अग्रसर करते हैं। जीवन में आने वाले सुख-दुःख को समभाव से स्वीकार कर हम प्राप्त कर सकते हैं …
@YssSpeaks Anmol Vachan
Sant Shri Asharamji Bapu कहते हैं " भगवदगीता के एक अध्याय, एक श्लोक या आधे श्लोक का भी जो मनुष्य नित्य पठन करता है, उसकी दुर्गति नही होती, " !
#AsharamjiBapuQuotes
@YssSpeaks Anmol Vachan
Sant Shri Asharamji Bapu कहते हैं " भगवदगीता के एक अध्याय, एक श्लोक या आधे श्लोक का भी जो मनुष्य नित्य पठन करता है, उसकी दुर्गति नही होती, " !
#AsharamjiBapuQuotes
One of the profound teachings of Sant Shri Asharamji Bapu is: “Remain balanced in joy and sorrow, for equanimity is the true strength of life.” This Anmol Vachan is not just spiritual guidance-it is a Vedic principle rooted in the Bhagavad Gita, where Lord Krishna teaches that steadiness of mind amidst dualities is the path to liberation.
🔹 Vedic Dimension: In Sanatan Dharma, equanimity (samta) is considered the highest virtue. By rising above pleasure and pain, one attains clarity, devotion, and inner peace.
🔹 Social Dimension: In society, this teaching inspires resilience. Students facing exams, families enduring hardships, and citizens confronting challenges can draw strength from this wisdom—living positively without being shaken by temporary ups and downs.
🔹 Spiritual Awakening: Through satsang, Bapuji reminds seekers that equanimity is not passive endurance but active courage, empowering us to face life’s struggles with faith and discipline.
#AsharamjiBapuQuotes
@YssSpeaks हिन्दू सरकार में हिन्दू आस्था केंद्र असुरक्षित? आश्रम हमारा स्वाभिमान है ये सवाल सब पूछ रहे हैं क्यों करोड़ों के स्वाभिमान को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है#आश्रम_निशाने_पर