@sunny_sharad यह अच्छी परम्परा नहीं है। कोई श्रद्धालु दर्शन की इच्छा से कोई भी धार्मिक स्थान पर जाता है ऐसे में वहां सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को उनके साथ सहानु��ूतिपूर्ण व्यवहार करना चाहिए न कि मारपीट।
महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं और जोहार।
भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती की कृपा से सभी स्वस्थ, सुखी और समृद्ध रहें, यही कामना करता हूँ।
महाशिवरात्रि की मंगलकामनाएं।
ॐ नमः पार्वती पतये,
हर-हर महादेव!
धीरे-धीरे—
मुझे सख़्त नफ़रत है
इस शब्द से।
धीरे-धीरे ही घुन लगता है
अनाज मर जाता है,
धीरे-धीरे ही दीमकें सब-कुछ चाट जाती हैं
साहस डर जाता है।
धीरे-धीरे ही विश्वास खो जाता है
संकल्प सो जाता है।
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
@JharkhandCMO@HemantSorenJMM हम अभिभावक आपसे यह आशा रखते हैं कि आप हमारे बच्चों का भविष्य को संवारने का कार्य करेंगे।इनको अनुबंध से मुक्ति दिला कर इनके भव���ष्य को उज्जवल बनाए। धन्यवाद
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सहायक पुलिस कर्मियों को एक वर्ष के लिए अनुबंध के आधार पर सेवा अवधि में विस्तार दिए जाने का आदेश दिया है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग अब इससे संबंधित प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद के समक्ष स्वीकृति के लिए भेजेगी।
बाँधो न नाव इस ठाँव, बंधु!
पूछेगा सारा गाँव, बंधु!
यह घाट वही जिस पर हँसकर,
वह कभी नहाती थी धँसकर,
आँखें रह जाती थीं फँसकर,
कँपते थ�� दोनों पाँव, बंधु!
वह हँसी बहुत कुछ कहती थी,
फिर भी अपने में रहती थी,
सबकी सुनती थी, सहती थी,
देती थी सबके दाँव, बंधु!
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
आर्थिक तंगी के बीच इलाज के अभाव में सहायक पुलिस जवान की मौत
चतरा :- आर्थिक तंगी और इलाज के अभाव ने आखिरकार एक सहायक पुलिस जवान की जिंदगी ��ीन ली। चतरा जिला में पदस्थापित सहायक पुलिस रविन्द्र कुमार दांगी, ग्राम जोरी थाना राजपुर निवासी, जो वर्तमान में कोर्ट गेट ड्यूटी पर तैनात थे, जिनका आज निधन हो गयाl करीब 15 दिन पहले ड्यूटी के दौरान अचानक पेट दर्द से पीड़ित होने पर उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल चतरा लाया गया। डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर देखते हुए पहले हजारीबाग सदर अस्पताल और फिर रांची रिम्स रेफर किया। स्थिति को नाजुक देखते हुए पर���जनों ने बेहतर इलाज के लिए कोलकाता ले गए , जब यहां भी कोई सुधार नहीं दिखा तो फिर उन्हें मुंबई के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवार इलाज का खर्च वहन नहीं कर सका और लौटने के दौरान ही रविन्द्र दांगी की मृत्यु हो गई। कल (सोमवार) को चतरा पुलिस लाइन में दिवंगत जवान को श्रद्��ांजलि अर्पित की जाएगी। मृतक अपने पीछे छह महीने की मासूम बेटी और परिवार को छोड़ गए हैं। उनकी असामयिक मृत्यु से सहकर्मियों और परिजनों में शोक की लहर है।
अब सवाल ऐ है कि जो छः माह का बच्ची और पत्नी है उसका भरण पोषण कैसे होगा। जो माता पिता एक बेटे को पाल पोष कर बड़ा किया ताकि बुढ़ापे का सहारा बन सके। उस माता पिता का क्या होगा?
@JharkhandCMO @JharkhandPolice @JmmJharkhand @HemantSorenJMM @JMMKalpanaSoren @sunny_sharad @IrfanAnsariMLA @ShilpiNehaTirki @DipikaPS @IrfanAnsariMLA @chamralindaJMM @deepakbiruajmm @hafizulhasan001 @Supriyo__JMM @JagranNews @DainikBhaskar @prdjharkhand
@jhsahyakpolice यह बहुत बड़ी विडम्बना है मंत्रियों के वेतन भत्ते में वृद्धि होती है कोई बात नहीं, बीमार होते हैं सीधे ओपोलो,एयर लिफ्ट वही एक आम कर्मी बीमार होता है एक अच्छा अस्पताल भी मय्यसर नहीं है इलाज के अभाव में मौत इसे क्या कहेंगे।
सोचिए........
एक सुखद समाचार पा कर हम जैसे अभिभावक को एहसास हुआ कि सरकार सहायक पुलिस कर्मियों के लिए कुछ बेहतर करने की सोच रही हैं। इतने अल्प मानदेय में समान सेवा दें कर निष्ठापूर्वक अपने दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।
@jhsahyakpolice सपने देखना कोई गुनाह नहीं है लेकिन आज के समय में कुछ चंद लोगों के हाथ में यह रोटी कैद है।
हम रोटी बेलने वाले को देख रहे हैं रोटी पकाने वाले को देख रहे हैं । लेकिन रोटी के साथ जो खेल रहा है उसे ���हीं देख रहें है।