ये भोलापन तुम्हारा ये शरारत और ये शोख़ी
ज़रूरत क्या तुम्हें तीरों की खंजर की
नजर भर के जिसे तुम देख लो वो ख़ुद ही मर जाए
जरा नज़रों से कह दो जी निशाना चूक न जाए
जरा नज़रों से कह दो जी
मिलने से ज़्यादा खोने का ग़म......,
दिल की बात जो लंबी तक तो आई....,
पर;;;;उन तक पहुंच नहीं पाई, र सफ़र यूं ही चलता रहा _______आप सभी को तहे ❤️ से धन्यवाद के साथ शुभ रात्रि 😴💙🙋🙏