संघर्ष कभी व्यर्थ नहीं जाता।
आज हमारी पहली प्रमुख मांग पूरी होना इस बात का प्रमाण है कि एकजुट आवाज बदलाव ला सकती है।
सभी साथी, प्रदेश टीम, जिला टीम और धरने में शामिल हर योद्धा को सलाम।
ये शुरुआत है…मंज़िल अभी बाकी है।
#RACHO#CHO#PermanentCHOs@RACHO_Rajasthan@Ganesh_Dandaj
ये किसी कार शोरूम में किसी कार के आगे खड़े होकर ऐसी चाबी लेते फोटो खिंचाने का बड़ा मन है कि अमीर दिखने लगें।
पर शो रूम के सेल्स मैन हमेशा बोल देते कि सिर्फ पांच सौ में ऐसी फोटो नहीं खिंचती।
जब किसी को गाड़ी डिलिवरी कर रहें हों तब आना और दो हजार रुपए देना। ।कार खरीदने वाले कस्टमर से पहले फोटो खिंचवा देंगे
और ये भी बोलते कि उस दिन अच्छे से मुंह धोकर ���ना।
नियमितीकरण की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO)
राजस्थान में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) का आंदोलन तेज हो गया है। प्रदेशभर से करीब 3000 से अधिक CHO जयपुर में एकत्र होकर नियमितीकरण, स्क्रीनिंग प्रक्रिया शुरू करने और मूल जॉइनिंग तिथि 27 मार्च 2022 मानने की मांग कर रहे हैं। धरने पर बैठे स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि वे प��छले चार वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और उप स्वास्थ्य केंद्रों पर लगातार सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज भी संविदा कर्मी के रूप में कार्य कर रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे CHO का आरोप है कि उनकी मूल जॉइनिंग तिथि 27 मार्च 2022 थी, लेकिन विभाग द्वारा इसे बदलकर जुलाई 2023 कर दिया गया, जिससे उनके करीब दो वर्षों की सेवा अवधि प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि सरकार ने तीन वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर नियमितीकरण का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक न तो नियमितीकरण के लिए कोई प्रक्रिया शुरू की गई और न ही स्क्रीनिंग को लेकर कोई नोटिफिकेशन जारी हुआ।
राजस्थान एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (RACHO) ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपकर करीब 9700 संविदा CHO के हितों से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग की है। संगठन का कहना है कि कोरोना काल से लेकर आज तक CHO ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ���य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं और ला��ों लोगों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचा रहे हैं।
CHO ने नियमितीकरण के साथ-साथ NHM नियमों के अनुसार लॉयल्टी बोनस और सेवा सुरक्षा की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थायित्व और कैरियर सुरक्षा नहीं मिल पाई है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेती है तो इससे न केवल हजारों स्वास्थ्यकर्मियों का भविष्य सुर���्षित होगा, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं भी और अधिक मजबूत होंगी। अब सभी की नजर राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग के अगले कदम पर टिकी हुई है।
ಕರ್ನಾಟಕದ ಗೌರವಾನ್ವಿತ ರಾಜ್ಯಪಾಲರಾದ ಶ್ರೀ ಥಾವರ್ ಚಂದ್ ಗೆಹ್ಲೋಟ್ ಅವರು ಲೋಕಭವನದ ಗಾಜಿನ ಮನೆಯಲ್ಲಿ ನಡೆದ ಸಮಾರಂಭದಲ್ಲಿ ಮುಖ್ಯಮಂತ್ರಿ ಶ್ರೀ ಡಿ.ಕೆ. ಶಿವಕುಮಾರ್, ಉಪ ಮುಖ್ಯಮಂತ್ರಿ ಡಾ. ಜಿ. ಪರಮೇಶ್ವರ್ ಹಾಗೂ ಇತರ ಸಚಿವರಿಗೆ ಅಧಿಕಾರ ಮತ್ತು ಗೋಪ್ಯತಾ ಪ್ರಮಾಣ ವಚನ ಬೋಧಿಸಿದರು.
Hon’ble Governor Shri Thaawarchand Gehlot has accepted the resignation of Shri Siddaramaiah as Chief Minister of Karnataka.
Shri Siddaramaiah will continue as Chief Minister until alternative arrangements are made.
#Salumbar#लसाड़िया क्षेत्र में 6 मासुमों की मौत का मामला
शादी की रस्मों को बीच में छोड़ सीएचओ पहुंची फिल्ड में, स्वयं की शादी के अवकाश पर चल रही सीएचओ अर्चना मीणा, आगामी दिनों में सीएचओ की शादी, हल्दी सह���त विभिन्न रस्मों को पुरा कर पुनः फिल्ड में मुस्तैद हुई सीएचओ, सीएचओ अर्चना मीणा ने साबित कर दिया कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है
@BheruLalAmeta3 #LatestNews #RajasthanNews #RajasthanWithZee
It is a matter of great pride for AIIMS Jodhpur that its alumnus Dr. Anuj Agnihotri (MBBS Batch 2017–2022) has secured All India Rank 1 in the Civil Services Examination 2025. 🎉
His exceptional achievement reflects dedication, perseverance, and a strong commitment to public service.
Prof. Dr. Goverdhan Dutt Puri, Executive Director, AIIMS Jodhpur, extended his heartfelt congratulations and best wishes as Dr. Agnihotri embarks on this distinguished journey of serving the nation. 🇮🇳
#CivilServices2025 #AIIMSJodhpur
मोदी मारेगा मरेगा नहीं कांग्रेसियों, अब गाजा के लिए आँसू बहाने के साथ पर मध्य पूर्व के मुसलमानों के लिए आँसू क्यों नहीं ? खमनेई के लिए प्रदर्शन क्यों नहीं ? सुन्नी प्यारा हैं शिया नहीं
बहुत गंभीर सवाल किया है…??
कैलाश मानसरोवर अगर भारत में होता….!!
तो हम लोग उस जगह का क्या हाल करते…!!!
हमारे हिस्से में जो भी आया…
वो सब बर्बाद किया है हमने…
किसी भी महान स्थल का संरक्षण नहीं कर पाए…!!!