#चुल्लू_भर_पानी_में_डूब_मरो
ब्रह्मा विष्णु शिव की माता अष्टंगी दुर्गा पिता ज्योति निरंजन ( ओंकार /ब्रह्म) है।
मां अष्टंगी पिता निरंजन
ये जम दारुण वंशन अंजन।।
तीन पुत्र अष्टांगी जाए।
ब्रह्मा विष्णु शिव नाम धराए।।
प्रमाण -कबीर सागर ज्ञान बोध पृष्ठ 21 22
First India News Expo
#चुल्लू_भर_पानी_में डूब मरो
श्री देवी महापुराण के तीसरे स्कंद के अध्याय 4-5 पृष्ठ 138 में श्री विष्णु जी स्वयं स्वीकार कर रहे हैं कि मेरा (विष्णु का) श्री ब्रह्मा का तथा श्री शिव का आविर्भाव यानि जन्म तथा तिरोभाव यानि मरण होता है। तीनों को जन्म देने वाली भी देवी दुर्गा जी यानि
#चुल्लू_भर_पानी_में_डूब_मरो
It is clear in Shri Shiv Mahapuran Vidyaveshwar Samhita Part-1 Page 17 18 Chapter 9-10 that Sadashiv i.e. Kaal Brahm is the father of Shri Brahma ji, Shri Vishnu ji and Shiv ji.
#चुल्लू_भर_पानी_में डूब मरो
-First India News Exposed
@1stIndiaNews
#चुल��लू_भर_पानी_में_डूब_मरो
In the chapter 12 of Shiv Mahapuran Koti Rudra Sanhita, there is a story of a Darun forest about Shivling, in which there is clear information about Shivling. The meaning of Linga is nothing but the private part of Lord Shiva.
First India News Expose
#आखिर_ऊंट_आ_ही_गया_पहाड़केनीचे
आपने हमारी आस्था पर कुठराघात किया है।
सच्चाई को जाने बगैर हमारी पुस्तक अंध श्रद्धा भक्ति खतरा ए जान को सरेआम फाड़कर फेंक दिया।
Jawab To Dena Padega
#आखिर_ऊंट_आ_ही_गया_पहाड़केनीचे
विजय सोलंकी कामाख्या देवी में साक्षात योनि की पूजा हो रही है हिम्मत है तो उस पर डिबेट करके दिखाओ रामपाल जी महाराज की पुस्तक फाड़ने से उनकी पुस्तक को पूरा प��़ कर देख लो इस तरह आधी अधूरी बात बताकर देश के लोगो को गुमराह मत करो
Jawab To Dena Padega
#आखिर_ऊंट_आ_ही_गया_पहाड़केनीचे
श्रीमान विजेंद्र सोलंकी जी
इंसान को एक छोटी सी एंकरिंग की पोस्ट पाकर अपनी औकात नहीं भूलनी चाहिए ।
आपकी भ्रामक जनकारी देने से क्या जनता भ्रम पाल लेगी, आप निश्चिंत रहे सभी आप जैसे पढे लिखे मूर्ख नही हैं, आज सभी वर्ग के लोग शि��्षित हैं।
@JournoVijender
#आखिर_ऊंट_आ_ही_गया_पहाड़केनीचे
Jawab To Dena Padega
पहले ये जांच परख लेना चाहिए कि सच है क्या!
श्रीमद्देवी भागवत पुराण पृष्ठ नंबर 123 पर लिखा है शिवजी अपनी माता दुर्गा से क���ते है की रज गुण ब्रह्मा, सत गुण विष्णु, के बाद मुझ तम गुण शिवजी की उत्पति भी आपने ही की है
#आखिर_ऊंट_आ_ही_गया_पहाड़केनीचे
संत रामपाल जी महाराज की पुस्तक अंध श्रद्धा भक्ति खतरा ए जान में लिखा ज्ञान शास्त्र प्रमाणित है। जिसको आप कहीं भी गलत साबित नहीं कर सकते।
Jawab To Dena Padega
#आखिर_ऊंट_आ_ही_गया_पहाड़केनीचे
श्री शिव महापुराण में विद्यवेश्वर संहिता भाग-1 पृष्ठ 17.18 अध्याय 9-10 में स्पष्ट है कि सदाशिव यानि काल ब्रह्म श्री ब्रह्मा जी, श्री विष्णु जी तथा शिव जी के पिता जी हैं।
Jawab To Dena Padega
@JournoVijender
#आखिर_ऊंट_आ_ही_गया_पहाड़केनीचे
संत रामपाल जी महाराज ने चार वेद गीता जी 18 पुराण का सही-सही अर्थ बताया है। जिससे यह सिद्ध होता है कि संत रामपाल जी महाराज ही पूर्ण विद्वान है तथा तत्वदर्शी पूर्ण संत हैं जिनको सभी शास्त्रो का ज्ञान है।
Jawab to dena padega
@1stIndiaNews1
#आखिर_ऊंट_आ_ही_गया_पहाड़केनी
श्री देवीपुराण के तीसरे स्कं पृष्ठ 123 पर प्रमाण है कि तीनों देवताओं ब्रह्मा, विष्णु, शिव जी की भी जन्म-मृत्यु होती है। ये अविनाशी नहीं हैं।
Jawab To Dena Padega
@JournoVijender https://t.co/wbxT97iWzF
#DivineBhandaraBySantRampalJi
Divya Dharma Yagya Diwas (Divine Meritorious Meal Days) will be organized under the guidance of
~JagatGuru Saint Rampal Ji
7,8,9 November 2022.
दिव्य धर्म यज्ञ दिवस
#सन1513_में_काशीभंडारा
🧊परमेश्वर कबीर बंदीछोड़ जी स्वयं दूसरा रूप केशव नाम के बजारे का धारण करके नौ लाख बैलों के ऊपर बोरे (थैले में रखकर उनमें पका पकाया मिठाई भोजन लाए तथा विशाल भंडारा किया था!
Divine Meritorious Meal Days
@myogiadityanath@AmitShahOffice
#सन1513_में_काशीभंडारा
आज से 509 साल पहले जो भंडारा परमेश्वर कबीर बंदीछोड़ जी ��्वारा किया गया था, आज उसी उपलक्ष्य में बंदीछोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में, कई जगह पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है।
Divine Meritorious Meal Days
#दिव्य_धर्म_यज्ञ_दिवस
क्या आप जानते है ?
आज से 509 साल पहले कबीर परमेश्वर ने तथाकथित धर्मगुरुओं के षड��यंत्र को विफल करते हुए, 18 लाख लोगों के भंडारे का आयोजन किया था। 7_8_9 November https://t.co/CpK2Y1GkcG
What is #दिव्य_धर्म_यज्ञ_दिवस
This Diwas is celebrated throughout India by @SaintRampalJiM as a memory of a divine play of Lord Kabir coming in the form of Keshav Banjara to serve 18 lakh saints continuously for 3 Days in Kashi Banaras 600 years ago.
- 7_8_9 November