दोस्तों बुक कराइये और किताब के साथ अपनी फोटो मुझे भेजिए #delhidilse#दिल्लीदिलसे
मेरी नयी किताब ‘दिल्ली दिल से’ राजधानी की उन्हीं अनकही कहानियों, बदलते मिज़ाज, गलियों, लोगों और यादों का दस्तावेज़ है, जो दिल्ली को महज़ एक शहर नहीं बल्कि एक जीवंत अनुभव बनाते हैं।
इस किताब में आपको मिलेगी वह दिल्ली, जो इतिहास में भी है, आज में भी—और हर उस शख़्स के दिल में भी, जिसने कभी इस शहर को अपना कहा ��ै।
📚 ‘दिल्ली दिल से’ — सुधीर मिश्र
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The President has assented to the #VandeMataram Amendment, passed without discussion in Parliament, which requires the singing of the National Song in full at the start and ending of any official function, in addition to the National Anthem.
As one who greatly respects both, and can sing the first two stanzas of the former (but not the other four, which were never required till now) as well as the entire anthem, i would like to point to just one practical consideration our zealots appear to have overlooked: human nature.
"Jana Gana Mana" requires audiences to stand respectfully and focus their attention for a reasonable 52 seconds. The National Song in full takes 3 minutes and 10 seconds. Tamil Nadu has just decided that both will be preceded by the State Song in Tamil for another 2 minutes. Do we really expect audiences to stand still and respectfully for six minutes before and after every function, a total of 12 extra minutes? Can respect and patience be legislated?
I fear that the intent of the Bill, to promote greater respect for the National Song , will not be achieved, but its opposite may well be....
अकादमिक शब्दावली में, डिजिटल निर्भरता केवल तकनीकी उपयोग की अधिकता नहीं है, बल्कि यह एक 'बाध्यकारी व्यवहारिक विकार' है। एक शोध के अनुसार, जब डिजिटल उपकरणों की अनुपस्थिति व्यक्ति में ��िंता और कार्यात्मक शिथिलता (पैदा करने लगे, तो यह 'निर्भरता' की श्रेणी में आता है|भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 2014 के 25 करोड़ से बढ़कर वर्तमान में लगभग 97 करोड़ हो चुकी है। भारतीयों द्वारा 2024 में स्मार्टफोन पर बिताए गए 1 लाख करोड़ घंटे हमारी श्रम उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे हैं। हालांकि डिजिटल अर्थव्यवस्था का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में योगदान 13.42% तक पहुँच गया है, लेकिन इसके साथ ही 'डिजिटल फटीग' के कारण कार्यबल की मानसिक स्वास्थ्य लागत भी बढ़ी है।पढ़ें आज के दैनिक जागरण में प्रकाशित लेख इसे मेरे ब्लॉग https://t.co/RhqhnWoGBf पर भी पढ़ा जा सकता है |
जंतर मंतर से सबक ले रही हेमंत सोरेन सरकार। अब तक किसी तरह के बल प्रयोग को मना किया है। छात्रों के धरने के बीच कई एक्शन हुए हैं
भर्ती गड़बड़ी में शामिल 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
JPSC अध्य्क्ष का इस्तीफ़ा हो चुका है
JPSC अध्यक्ष से लगातार 3 दिन से 8-8 घंटे की पूछताछ
14वीं JPSC की परीक्षा टल गई है। मेंस रद्द
JPSC अध्यक्ष और पूर्व पूर्व चीफ सेक्रेटरी ख्यांगते की गिरफ़्तारी संभव
जिस छात्र का ORM लीक हुआ, उसकी गिरफ़्तारी हुई। वो आजसू नेता का बेटा है। NDA का घटक दल है आजसू
अब छात्रों की मांग ही कि पूरे मसले की CBI जांच हो,फ़िलहाल CID जांच कर रही ��ै। ध्वस्त भर्ती प्रणाली में विश्वास की बहाली के लिए @HemantSorenJMM जी जांच क्यों अनुशंसित नहीं कर रहे हैं? और सवाल ये भी कोई भी भर्ती आपके राज्य में बिना विवाद के पूरी क्यों नहीं हो पाती?
भूख से छटपटा कर म"र गए ,, मदद नहीं मिली
बिहार के खगड़िया में भूख से 55 साल के शख्स की मौ"त...
पत्नी राशन लाने बहन के घर गई थी, 2 दिन डेड बॉडी के साथ रही चंदे से अंतिम संस्कार कि...
#बिहार#Khagariya
हे भगवान!
ईंट पत्थर से लादे जिस ट्रक को जंतर मंतर प्रोटेस्ट साइट पर पार्क किया गया था, @newslaundry के पत्रकार @ImAvdheshkumar की इंवेस्टिगेटिव रिपोर्ट के मुताबिक़ दिल्ली पुलिस ने उसे चार दिन पहले ज़ब्त किया था!
पढ़िए ये माइ��ड ब्लोविंग स्टोरी
https://t.co/rOgLJcx5nh
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े से ठीक पहले धरना स्थल के बाहर संसद मार्ग कुछ उपद्रवी तोड़फोड़ कर रहे थे,छात्रों को उकसा रहे थे। जिसने बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े थे। @DelhiPolice इनके चेहरे देखकर कार्रवाई करे, @Abhinavpinch ने किया बेनक़ाब
दिल्ली की झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले इरफ़ान की आवाज़ में दर्द है सुनिए इस कला को जो दिल से निकलती है।
इतना सच्चा इतना असरदार बोलने वाला शायद हमने आज तक नहीं सुना होगा।
आप भी सुनिए और सच बताइए किसी नेता की आवाज़ में इतनी सच्चाई सुनी है आपने?
जिसको सुनते सुनते अंदर आत्मा तक रोने लगे!
शायद नहीं, इतनी तो नहीं।
मगर इरफ़ान की आवाज़ में दर्द है पीड़ा है, साथ ही संविधान की प्रस्तावना पर क्या गज़ब मोनोलॉग है।
Thank you @RajatpandeyJF , @TheLallantop for this masterpiece ❤️
जितने भी ऑनलाइन एग्जाम होते हैं यानी CBT (Computer Based Test), उनमें पेपर लीक होना लगभग नामुमकिन है।
कैसे होगा? पेपर तो exam time पर ही system में land होता है।
CBT में पेपर लीक नहीं, बल्कि cheating होती है।
System का remote access कराकर बाहर बैठे solver gang से live paper solve कराया जाता है। आज maximum CBT exams इसी बीमारी का शिकार हैं।
आज लगभग सब कुछ outsourcing और private companies के भरोसे चल रहा है। ��़रूरत है कि सरकार का अपना exam infrastructure हो या फिर सिर्फ़ उन्हीं credible agencies like TCS से exam कराए जाएँ जिनका track record मजबूत हो।
साथ ही एक Centre Affiliation Board होना चाहिए जो पूरे देश के CBT centres का audit करे, standards तय करे और उनकी accountability सुनिश्चित करे।
Paper leak और CBT cheating दोनों अलग-अलग समस्याएँ हैं।