@narendramodi@PMOIndia it's time to do some ground work . I hope u will wake up . Just remember ghamand toh ravan ka bhi nai Raha tha . . Tik tik .. Tik tik
Middle class earns.
Middle class pays.
But what does the middle class get back? 🤔
Bad roads.
Air pollution.
Toxic water.
Corruption.
Time to AXE THE PERSONAL INCOME TAX for Salaried Middle Class till we get WORLD CLASS FACILITIES.
#KhandanKaro#TheManifesto#MiddleClass #Taxes
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@Sandeep01814044@INCIndia I've never seen such a political crisis before. The public barely has any real choice left - on one side, there's an arrogant BJP, and on the other, an incompetent Congress. What exactly is the common citizen supposed to choose?
@dr_maheshsharma जी, हर जगह अपनी मौजूदगी दर्ज कराने से बेहतर है कभी Greater Noida West की ground reality भी देख लीजिए। यहां जनता वर्षों से खराब roads, गंदगी, pollution और basic सुविधाओं की कमी झेल रही है। चुनाव के समय जनता याद आती है, लेकिन बाकी समय उनकी समस्याएं क्यों नहीं दिखतीं?
@BJP4India अगर अगला चुनाव जीतना है तो टिकट देने से पहले जनता का feedback भी सुनिए। इस व्यक्ति को दोबारा टिकट मत देना। जनता अब सिर्फ दिखावा नहीं, काम और accountabilityचाहती है।
जनता टैक्स देती है, बदले में सरकार से भीख नहीं—अपना हक मांगती है। लेकिन हालात ऐसे हैं कि सड़कें टूटी पड़ी हैं, गंदगी और जलभराव आम है, प्रदूषण जानलेवा स्तर तक पहुँच जाता है और जिम्मेदार लोग AC कमरों में बैठकर सिर्फ भाषण देते हैं।
अगर इतने सालों में भी एक शहर को साफ, सुरक्षित और रहने लायक नहीं बनाया जा सकता, तो फिर आखिर सरकार करती क्या है?
जनता की समस्याओं पर यह स्तर की बेरुखी सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के साथ खुला मज़ाक है। शर्म आनी चाहिए उन लोगों को जो हर चुनाव में विकास के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन जमीन पर जनता को वही गंदगी, वही टूटी सड़कें और वही बदहाल व्यवस्था मिलती है।
टैक्स हमारा, परेशानी हमारी, जवाबदेही किसकी @PMOIndia@narendramodi
जनता टैक्स देती है, बदले में सरकार से भीख नहीं—अपना हक मांगती है। लेकिन हालात ऐसे हैं कि सड़कें टूटी पड़ी हैं, गंदगी और जलभराव आम है, प्रदूषण जानलेवा स्तर तक पहुँच जाता है और जिम्मेदार लोग AC कमरों में बैठकर सिर्फ भाषण देते हैं।
अगर इतने सालों में भी एक शहर को साफ, सुरक्षित और रहने लायक नहीं बनाया जा सकता, तो फिर आखिर सरकार करती क्या है?
जनता की समस्याओं पर यह स्तर की बेरुखी सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के साथ खुला मज़ाक है। शर्म आनी चाहिए उन लोगों को जो हर चुनाव में विकास के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन जमीन पर जनता को वही गंदगी, वही टूटी सड़कें और वही बदहाल व्यवस्था मिलती है।
टैक्स हमारा, परेशानी हमारी, जवाबदेही किसकी? @narendramodi , @PMOIndia
@Sandeep01814044@narendramodi चिंता ना करें इलेक्शन आ रहा है? जागेगी की इलेक्शन के समय, लेकिन क्या इस बार जनता सो रही होगी- नहीं? इनको अब दिखाना होगा, बहुत विश्वास कर लिये, इन पर, अब और नहीं!! दिखावे के लिए बस भी चला दिया कोई बस स्टैंड नहीं कोई टाइमिंग नहीं, सिर्फ़ वोट की ख़ातिर दिखावा!! जय श्री राम
48 hours. Close to 1000 complaints and counting.
Mostly the same issues: Flooding and water logging, garbage, broken roads
You aren’t just complaining. You want accountability.
#WTFIndia https://t.co/j1GGUoH9t0
@narendramodi जी, साफ-सफाई, शहरों के मानकों और प्रदूषण के मामले में आपकी यह अनदेखी देश को बहुत नुकसान पहुँचा रही है। अगर आपके अधिकारी और सलाहकार आपको सच्चाई बताने से डरते हैं, तो मैं बता देता हूँ:
• शहरों की साफ-सफाई और सड़कों के निर्माण व रखरखाव का काम सिर्फ स्थानीय ठेकेदारों और नगरपालिकाओं के भरोसे न छोड़ें।
• नगरपालिकाएँ आज कई जगहों पर जनता के पैसे को सही तरीके से खर्च करने के बजाय पैसा खाने का माध्यम बनकर रह गई हैं। सर, आपको भी पता है कि अगर व्यवस्था सही होती, तो इतने वर्षों बाद भी हालात जस के तस नहीं होते।
• बड़े और सक्षम निजी संगठनों को साफ-सफाई, सड़क निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाए।
• उन्हें स्पष्ट लक्ष्य, समय-सीमा और गुणवत्ता के मानक दिए जाएँ और सरकार उनसे जवाबदेही तय करे।
• ज़मीनी स्तर पर मजबूत निगरानी हो। सिर्फ फाइलों और रिपोर्टों के आधार पर काम को सफल न माना जाए।
आज सड़कों, साफ-सफाई और प्रदूषण की हालत बताती है कि मौजूदा नगर निकाय व्यवस्था बुरी तरह विफल हो रही है।
जरा सोचिए—हवाई अड्डों के आसपास सड़कें और साफ-सफाई अपेक्षाकृत बेहतर क्यों होती है? क्योंकि वहाँ पेशेवर संगठनों के माध्यम से व्यवस्थित प्रबंधन और निगरानी होती है।
अगर निजी संगठन वहाँ बेहतर काम कर सकते हैं, तो हमारे शहरों की सड़कों, साफ-सफाई और बुनियादी ढाँचे के लिए यही मॉडल बड़े स्तर पर क्यों नहीं अपनाया जा सकता?
अगर आप ये बदलाव ला सकते हैं, तो देश आपका हमेशा कर्ज़दार रहेगा। @PMOIndia , @myogiadityanath ,@CPCB_OFFICIAL
Let’s join hands and create a movement that will make real change happen. If you are unhappy with the way you live, WhatsApp photographs, videos with the date and location on 9910331864 and I will amplify it. Let’s start, we deserve cities that we can live in.
सरकार सो रही है, उसे कुछ दिख नहीं रहा, कहीं अधिकारियों ने सरकार की विदाई की सुपारी तो नहीं ले ली, हद हाल है, ये विकास है या विनाश, ऐसे कॉन्ट्रैक्टर को जेल क्यों नहीं भेजा जा रहा, दाल में बहुत कुछ काला है, कौन किसे बचा रहा है @narendramodi जी कृपया संज्ञान लें, जांच करवाएं
Let’s join hands and create a movement that will make real change happen. If you are unhappy with the way you live, WhatsApp photographs, videos with the date and location on 9910331864 and I will amplify it. Let’s start, we deserve cities that we can live in.
@PMOIndia@narendramodi i hope this is none of your fault ..this is our fault because we are resident of Delhi ncr . Paper planning se kuch nai hota sir ,jab tak ground par kaam na ho..aap mahan h 🙏.again ish m aapki koi galti nai hm logo se he galti hue h ..vikshit bharat
नोएडा, नोएडा एक्सटेंशन, ग्रेटर नोएडा में सड़कों का बुरा हाल है, नई सड़कें 15 दिन में खंडहर बन रही हैं, जमकर कर करप्शन हो रहा है, बिल्डर बेलगाम है, मेट्रो का अता पता नहीं, लेकिन सपा जमीन पर इन मुद्दों को नहीं उठा रही, गांव में सड़कों का ज्यादा बुरा हाल है