शौचालय की बात कर रही हो तो सुन लो — मोदीजी ने शौचालय घरों में इसलिए बनवाए थे ताकि मानसिक गंदगी सोशल मीडिया पर न फैले।
लेकिन तुम जैसी सोच रखने वाले, जिस्म से नहीं सोच से गंदे हो — इसलिए 'स्वच्छ भारत अभियान' में सबसे पहला नंबर तुम्हारा ही आना चाहिए।
@ArunKosli जैसे राष्ट्रप्रेमियों को गाली देना तुम्हारा काम है, क्योंकि तुमने ना देश के लिए कुछ किया, ना सोचने की जहमत उठाई।
तुम्हारे जैसे लोग समाज के वो कीड़े हैं, जो दूसरों की मेहनत पर थूकते हैं, और खुद की ज़िंदगी सिर्फ कुंठा में जीते हैं।
तुम पूछती हो कि अरुण ���ी क्या करते हैं?
हम पूछते हैं — तुमने अब तक किया क्या है सिवाय जहरीली सोच और ट्विटर की गंदगी फैलाने के?
देश की सफाई गली-नाली से नहीं, सोच से शुरू होती है — और तुम्हारी जैसी जहरीली सोच पर सबसे पहले झाड़ू चलनी चाहिए।"**
#SwachhBharatAbhiyan
#ToxicPeopleNeedCleaningFirst
#RespectNationLovers
#ArunKosliIsPride
Landed in Jeddah, Saudi Arabia. This visit will strengthen the friendship between India and Saudi Arabia. Eager to take part in the various programmes today and tomorrow.
#छोटा_दरवाज़ा
रेत कभी चट्टानें थीं — साबूत, अडिग, अचल।
उँचे पर्वतों से गिरीं, झरनों के साथ बह निकलीं।
वक़्त की लहरों ने इन्हें तोड़ा,
मौसमों ने इन्हें रगड़ा,
और फिर ये रेत बन गईं —
नरम, बेजान नहीं — अनुभवों से परि���क्व।
किनारों पर जमकर,
इन्हीं लहरों को बाँधने वाली दीवार बनी।
पर फिर भी…
हाथों में नहीं ठहरती।
क्योंकि — चलते रहना ही इसका स्वभाव है।
अगली बार जब समंदर किनारे
एक घरोंदा बनाओ रेत से,
तो याद रखना—
गिरना, टूटना, बिखर जाना भी प्रकृति है,
मगर चलना, सँवरना और फिर निखर जाना…
वो भी प्रकृति है।
निधि || एली
"मैंने भी अब ख़ुद से रचने की कला सीख ली है —
आपके आशीर्वाद और स्नेह से।
इसलिए आज अपनी पहली रचना साझा कर रही हूं।
आशा है, ये आपके हृदय तक पहुँचे।" 🙏
— Ely
मौन भी एक चुनाव होता है,
कमज़ोरी नहीं — परिपक्वता की पहचान होता है।
याद रखना...
कोई तुम्हारे सामने अगर ऊँची आवाज़ में बात करके
ख़ुद को सही या ताक़तवर साबित कर पा रहा है,
तो सिर्फ़ इसलिये क्योंकि
तुमने चुना है चुप रहकर
उसे बोलने देने का अवसर देना।
और इसलिये ताक़त तुम्हारे पास है।
मौन को चुनना ताक़त है,
किसी को अवसर देना शक्ति है।
आऊ तुम शक्ति हो....
निधि सिंह ✍️..
शुभ रात्रि 🙏
भगवान श्री कृष्ण जी के आशीर्वाद से आने वाला नया दिन खुशियों से भरा हो, सब पर भगवान जी का आशीर्वाद रहे हमेशा 🙏
~ #छोटा_दरवाज़ा
Dear @SrBachchan
Sir जी,
45 पन्नों का काम पूरा करने के लिए हार्दिक बधाई! आपकी मेहनत और लगन हम सभी के लिए प्रेरणा है। हर पन्ने में आपकी कला और समर्पण की झलक जरूर होगी, और हम आपके इस नए कार्य को देखने के लिए बहुत उत्साहित हैं। क्या यह किसी न�� फिल्म की स्क्रिप्ट है या फिर कोई और खास प्रोजेक्ट? आपके अगले कदम का इंतजार रहेगा। आप हमेशा स्वस्थ और खुश रहें, यही कामना है।
सादर प्रणाम,
🙏 भारती दीदी आपको सादर प्रणाम।
आपके विचार सदा प्रेरणादायक होते हैं, जैसे दीपक की लौ अंधकार में राह दिखाती है। आपके शब्दों में ज्ञान, संवेदना और सत्य की शक्ति समाई होती है।
ईश्वर आपको सदैव स्वस्थ, प्रसन्न और ऊर्जावान रखें। आपके मार्गदर्शन से हम सब सीखते रहें।
सादर नमन! 🙏✨
जय मात�� दी 🙏
अंगुलिमाल डाकू!
जंगल के रास्ते जाते पथिक की उंगली काट माला बना पहन लेता और उन्हें लूट लेता!सब दहशत में परेशान थे।
एक दिन महात्मा बुद्ध उसी रास्ते जा रहे थे तो अंगुलिमाल की कड़क आवाज़ आई
❝ठहरो❞!
❝ मैं ��ो ठहर गया,तुम कब ठहरोगे??❞
बुद्ध की आवाज डाकू को बदलने के लिए पर्याप्त था।
धन्यवाद! आपकी लिखी पंक्तियाँ बेहद गहरी संवेदनाओं को छूती हैं। दर्द और संवेदनशीलता के इस संतुलन को आपने बहुत ही सुंदर तरीके से व्यक्त किया है।
"खंडहरों की तरह ढहने की आदत हो जाती है…"
यह पंक्ति सिर्फ शब्दों की ��हीं, एक पूरी भावना की कहानी कहती है। सच ही है, समय के साथ दर्द भले ही अदृश्य हो जाए, मगर उसका एहसास कहीं न कहीं मौजूद रहता है।
आपकी यह अभिव्यक्ति विचारशील भी है और संवेदनशील भी। हृदय से आभार कि आपने इसे साझा किया। ✨🙏