"shocking Scam by @letsblinkit@blinkitcares Delivered a damaged power bank sealed with Fevikick Grievance officer refuses return, denying all responsibility asking to contact brand. Is this how you scam ₹2501? Order: ORD43854175847 @albinder@deepigoyal@jagograhakjago@consaff
उ0प्र0 पुलिस में कम्प्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-A के पदों पर सीधी भर्ती- 2023 तथा उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) एवं पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पदों पर सीधी भर्ती- 2023 की लिखित परीक्षा अक्टूबर माह में कराया जाना प्रस्तावित है ।
अद्यतन जानकारी के लिये बोर्ड की वेबसाइट- https://t.co/l2LtxSyHyY क�� अवलोकन करते रहें ।
-परीक्षा नियंत्रक
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड
लखनऊ ।
@CMOfficeUP
@ChiefSecyUP
@dgpup
@Uppolice
क्या आप जानते हैं?
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट कहा है कि- “किसी व्यक्ति को बिना जांच के बदनाम करना उसके मौलिक अधिकारों (Article 21 – Right to Life) का उल्लंघन है, क्��ोंकि ‘सम्मान’ जीवन का हिस्सा है।”
आज के समय की सच्चाई
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हमारे देश में यह आम बात हो चुकी है कि —
किसी व्यक्ति को झूठे केस में फँसाकर,
पहले पुलिस द्वारा गिरफ्तारी,
और फिर मीडिया ट्रायल के ज़रिए
उसकी सार्वजनिक छवि और सामाजिक प्रतिष्ठा को पूरी तरह बर्बाद कर दिया जाता है।
इसलिए, भविष्य में आप या आपके किसी शुभचिंतक/परिजनों के साथ ऐसी कोई घटना न हो, इसके लिए इस जानकारी को पढ़िए, समझिए और ज़रूरत लगे तो अपने पास सुरक्षित रखिए।
क्योंकि, एक स्वाभिमानी व्यक��ति के लिए
उसकी इज़्ज़त और मान-सम्मान से बढ़कर कोई दौलत नहीं होती।
✅ ध्यान रखे कि, अगर आप झूठे केस में फँस जाएँ और आपकी छवि खराब की जाए, तो आपके पास कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर अधिकार एवं उपाय मौजूद हैं:
1. तत्काल कानूनी सहायता लें
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• किसी अनुभवी क्रिमिनल वकील से संपर्क करें।
• अगर मामला फर्ज़ी है तो हाईकोर्ट में याचिका देकर FIR रद्द कराने की प्रक्रिया शुरू करें।
• अगर गिरफ्तारी न हुई हो तो अग्रिम जमानत (Bail) हेतु न्यायालय में याचिका दायर करें।
• निर्दोष साबित होने पर किसी अच्छे वकील के सहयोग से संबंधित व्यक्ति/ पुलिस अधिकारी के ख़िलाफ़ आपराधिक धराओं में मुक़दमा दर्ज करे।
2. मानहानि का मुकदमा करें
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• अगर किसी चैनल, अख़बार या व्यक्ति ने बिना पुष्टि के आपकी छवि को नुकसान पहुँचाया है तो सबसे पहले उन्हें साक्ष्यों सहित पत्र भेजकर उपरोक्त समाचार पत्र/ न्यूज़ चैनल/ यूट्यूब चैनल पर आपके खिलाफ बिना पुष्टि के ख़बर प्रकाशित/ प्रसारित करने संबंधित माफीनामा प्रकाशित/ प्रसारित करने के संबंध में अनुरोध/ निर्देशित करें।
• अगर संबंधित खबर उस पर समाचार पत्र/ न्यूज़ चैनल/ यूट्यूब चैनल द्वारा माफीनामा प्रकाशित/ प्रसारित ��हीं किया जाता है तो उसके न्यायालय में आपराधिक एवं मानहानि केस दर्ज करें।
• ��प सिविल डिफेमेशन के तहत संबंधित समाचार पत्र/ चैनल/ यूट्यूब चैनल से हर्जाने की भी माँग भी कर सकते है।
• अगर कोई मीडिया संस्थान झूठी/भ्रामक खबर प्रकाशित करता है तो प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
• पुलिस द्वारा दर्ज FIR, गिरफ्तारी प्रक्रिया और जांच दस्तावेज़ RTI के ज़रिए मँगवाएं। ये दस्तावेज़ आपके पक्ष में साक्ष्य बन सकते हैं।
• अगर पुलिस ने गिरफ्तारी में अधिकारों का उल्लंघन किया है तो राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) या राज्य मानवाधिकार आयोग में शिकायत करें।
• पब्लिक क्लैरिफिकेशन के उद्देश्य से मीडिया चैनल, अखबार या सोशल मीडिया के माध्यम से शालीनता से अपना पक्ष सार्वजनिक करें।
✋ ध्यान रखें:
चुप मत बैठिए — हर नागरिक को इंसाफ और सम्मान पाने का अधिकार है।
अगर मामला किसी संगठित गिरोह या पुलिस-मीडिया मिलीभगत का है तो CBI जांच, या राज्य सतर्कता आयोग (Vigilance) म���ं शिकायत कर सकते हैं।
~ साभार: @NCIBHQ
🔔 महत्वपूर्ण जनसूचना 🔔
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अगर आप लोन लेकर किसी परेशानी के कारण EMI समय पर नहीं भर पा रहे हैं, और बैंक के रिकवरी एजेंट बदसलूकी कर रहे हैं — तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है!
ध्यान रहे कि अगर आप ��पने अधिकार को लेकर जागरूक रहेगे तो रिकवरी एजेंटों की गुंडागर्दी आप एवं आपके परिवार पर नहीं चलेगी।
✅ ये आर्टिकल अपने पास सुरक्षित रख लें ✅
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(अगर कोई रिकवरी एजेंट आपके पास आता है, नीचे दिए गए अपने अधिकारों का प्रयोग करें।)
लोन रिकवरी संबंधित ये है आपके अधिकार:
(Ref: RBI Circular – https://t.co/uyefAWrfbv.Leg.BC.75 /09.07.005/2006-07 dated April 24, 2007)
🔹 रिकवरीएजेंट से (Debt Recovery Agent) सर्टिफिकेट की माँग करें।
🔹 बैंक/NBFC का वैध पहचान पत्र (ID कार्ड) दिखाने को कहें
🔹 बैंक या NBFC केवल प्रशिक्षित एवं प्रमाणित (DRA सर्टिफिकेट वाले) एजेंटों को ही रिकवरी कार्य दे सकते हैं।
🔹 एजेंट को ऑफिशियल ID कार्ड पहनना आवश्यक है।
🔹 रिकवरी एजेंट को सम्मानजनक, संयमित भाषा का प्रयोग करना चाहिए।
🔹 रिकवरी एजेंट सुबह 8 बजे से पहले और रात 7 बजे के बाद संपर्क नहीं कर सकते।
🔹ग्राहकों को अपमानित, धमकाया या डराया नहीं जा सकता।
एजेंट का ये व्यवहार है कानूनी अपराध:
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अगर एजेंट करता है ऐसा व्यवहार, तो यह कानूनन अपराध है। ऐसे एजेंटों पर तुरंत करे एफआईआर।
🚫 गाली-गलौज या धमकी
🚫 परिवार को अपमानित करना
🚫 देर रात कॉल या बार-बार परेशान करना
🚫 जबरन वसूली करना या डराना
साथ ही कर सकते हैं ये कानूनी कार्रवाई:
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📌 बातचीत की रिकॉर्डिंग (ऑडियो/वीडियो) रखें
📌 बैंक की शिकायत ��ाखा में लिखित शिकायत दें
📌 RBI पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें: https://t.co/JmDDaHB4xk
📌 पुलिस में FIR दर्ज कराएँ
📌 मानसिक उत्पीड़न पर उपभोक्ता फोरम में जाएँ
(ध्यान रहे कि, RBI के दिशा-निर्देश साफ़ कहते हैं कि बिना प्रमाणित DRA एजेंट द्वारा की गई रिकवरी अवैध है।)
~ साभार: @NCIBHQ
राजनाथ सिंह:- पाकिस्तान ने हमसे युद्ध रोकने के लिए भीख मांग रहा था।
राहुल गांधी:- पाकिस्तान ने हमसे युद्ध रोकने की भीख मांगी और आप मान भी गए।
"क्यों आखिर क्यों? आपने रोका क्यों?"
तो क्या सीजफाय��� ट्रंप के कहने पर नहीं पाकिस्तान के कहने पर हुआ था..?
Dear CRED Support Team,
@CRED_club@CRED_support
I hope this email finds you well. I am writing to report an issue with a rent payment I made today, July 13, 2025, using my IndusInd credit card through the CRED app.
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