हजारों वर्षों से लाखों भीलों ने अंग्रेजों,मुगलों,तुर्कों,रजवाड़ों से लड़ते हुए अपने जल-जंगल-जमीन-भीली संस्कृति-भीलराज सुरक्षित रखने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है,भील पूर्वजों की अधूरी इच्छा पूरी करने के लिए भीलप्रदेश राज्य जरूरी है!
#अनुसूचित_क्षेत्र_आरक्षण_मोर्चा_रैली
🌱 न कोई हिंदू न कोई ईसाई न कोई संगठन न कोई पार्टी सबको खूंटी पर टांग कर आओ पूर्वजों के खून बलिदान की वजह से मिले संवैधानिक सर���ारी नौकरियों में आरक्षण, जल जंगल जमीन में आरक्षण हर हाल में छीन कर लेना है। 🌱
@Bhilraj11
#अनुसूचित_क्षेत्र_आरक्षण_मोर्चा_रैली
आदिवासी स्वशासन की मांग,
पेसा कानून और संविधान में आदिवासियों को स्वशासन का अधिकार है। बांसवाड़ा में परमाणु बिजली घर के लिए उनकी सहमति के बिना गांव खाली क��ाना गैर-कानूनी है। ^आदिवासियों^ के लिए "जमीन आरक्षण" लागू किया जाए।
#अनुसूचित_क्षेत्र_आरक्षण_मोर्चा_रैली
अरावली पर्वतमाला को संरक्षित करने के लिए 50 मीटर ऊंची हरेक पहाड़ी को अरावली पर्वतमाला घोषित कर शत प्रतिशत खनन पट्टे निरस्त किए जाए!!
#अनुसूचित_क्षेत्र_आरक्षण_मोर्चा_रैली
भीली बोली और संस्कृति को समाप्त करने के प्रयासों का विरोध होना चाहिए। मेवाड़ी और वागड़ी नाम देना भील समाज के अस्तित्व को मिटाने की साजिश है। हमें अपनी बोली, परंपरा और कस्टमरी लॉ को बचाने के लिए संगठित होना होगा। ।
#अनुसूचित_क्षेत्र_आरक्षण_मोर्चा_रैली