श्रद्धेय गोरक्षनाथ पीठाधीश्वर, यशस्वी मुख्य मन्त्री जी उत्तर प्रदेश योगी आदित्य नाथ जी महाराज को जन्मदिन की अनन्त मंगलकामनायें। प्रभु श्री राम की कृपा सदैव आप पर बनी रहे और आप सदैव धर्म सेवा करते हुये अपने लक्ष्य को प्राप्त करें 🙏🏼
कश्मीर में हिन्दू तो पहले ही मारे काटे जा चुके हैं, जो जान बचाकर भागने में सफ़ल रहे वे अपने ही देश में आज भी शरणार्थी हैं।
अब अपने पर्यटक भाई बहनों से कहना चाहूंगा कि जब हम अपने बच्चों को गर्मी की छुट्टियों में कश्मीर घुमाने ले जाते हैं तो न सिर्फ अपने परिवार के जीवन को खतरे में डालते हैं बल्कि आतंकवादी, अलगाववादी, जेहादी ताकतों को आर्थिक रूप से मजबूत करते हैं, इतना ही नहीं हम अनजाने में अपने ही ख़िलाफ़ छिड़े ‘जेहाद’ को अपनी ही जेब से फ़ंड करते हैं।
डल झील में नावों पर सपरिवार सेल्फी लेकर हम विश्व को ये संदेश देते हैं कि कश्मीर में अमन चैन है, लेकिन आज फिर एक बार असलियत सबके सामने आ गयी।
इसमें कोई शक नहीं कि कश्मीर में लगभग सभी की मानसिकता अलगाववादी है, कोई प्रत्यक्ष तो कोई परोक्ष रूप से आतंक का समर्थन करता है, और वहां के राजनैतिक दल भी इसका अपवाद नहीं हैं, ऐसे में हम कश्मीर जाकर होटल, भोजन, ख़रीदारी करके उनके अल-जेहाद को ही बल देते हैं।
जिन पर्यटकों की उनके परिजनों के सामने बर्बर हत्या की गयी उनकी पैंट उतरवा कर आतंकवादियों ने ये तय किया कि वो मोमिन है या क़ाफ़िर।
कलावा देख के और वस्त्र उतारकर धर्म देखने के बाद गोली मारने वाले आतंकियों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आतंकवाद का मज़हब होता है।
#Pahalgam
कह रहीम कैसे निभै, केर बेर को संग…
ये सर्वविदित है कि बिल संसद में पास होने के बाद धरा का कानून बन जाता है।आज वक़्फ़ के समर्थन और विरोध में देश के सारे राजनैतिक दल और विचारधाराएं दो धड़े में बटी हुई हैं, पक्ष हो या विपक्ष इतना तो सभी मानेंगे कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में जिन पिता पुत्र कि निर्मम हत्या की गयी, जिनके घर, दुकानें जलायी गयीं, लूटी गयीं, इतना ही नहीं जिन असंख्य हिन्दुओं को औरतों, बच्चों की जान और अस्मिता बचाने के लिए अपना घर, गांव छोड़कर पलायन करना पड़ा उनका वक़्फ़ संशोधन बिल से कोई लेना देना न��ीं है, बिल के पास होने में उनकी कोई भूमिका नहीं है, उनको तो ये भी पता नहीं होगा कि ये वक़्फ़ क्या बला है।
आख़िर उनका दोष क्या था? मस्जिद के सामने ‘डीजे’ भी तो नहीं बजा रहे थे! वक्फ़ एक्ट का बहाना लेकर ‘अल्पसंख्यकों’ ने अकारण बिना उकसाये जो सुनियोजित हि��सक हमला किया है, आये दिन ऐसे हमले झेलना अब हिन्दुओं की नियति बन चुकी है। आख़िर हिन्दू कब तक और कहां तक भागेगा? बांग्लादेश से तो ये सोचकर भागे थे कि भारत में सुरक्षित रहेंगे, अब यहां से भागकर कहां जायेंगे?
संसद से लेकर सड़कों तक आये दिन संविधान लहराने वालों को भी याद रखना चाहिए कि संविधान शिल्पी बाबा साहब के संविधान में वक़्फ़ नाम का शब्द कभी था ही नहीं, न ही उनकी परिकल्पना में इसका कोई औचित्य था। हत्या, लूटपाट और बर्बरता ‘काफ़िरों’ के साथ हो रही है, मारने के पहले किसी की जाति नहीं पूछी जा रही है। सबसे बड़ी विडंबना तो ये है कि पिछड़ों और दलितों के तथाकथित स्वयंभू नेताओं की इसपर मुंह खोलने की हिम्मत तक नहीं है।
बिल तो बस बहाना है, मक़्सद ‘काफ़िरों’ को मिटाना है।
धर्मो रक्षति रक्षितः
इतिहास को पढ़िए फिर टिप्पणी करिए।
राणा सांगा जी क�� संघर्षों को समझ पाना रामजी लाल सुमन जी की सोच से परे है, वोट की राजनीति के लिए राणा सांगा जैसे महान योद्धा पर अनैतिक टिप्पणी करना उनकी बचकानी हरकत को दर्शाता है नेताओं को ऐसे बयानों से बचना चहिए जिससे समाज में तनाव उत्पन्न हो !!
#राणासांगा
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामजी लाल सुमन ने राज्यसभा में राणा सांगा के विषय में जो अभद्र टिप्पणी की है, वो सत्य से परे तो है ही, हर देशभक्त, हर राष्ट्रवादी के लिए बहुत ही कष्टप्रद है।
राणा संग्राम सिंह जिन्हें हम राणा सांगा के नाम से जानते हैं, उन्होंने राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए अनेक लड़ाइयाँ लड़ीं और जीतीं।
महाराणा होते हुए भी युद्ध में सबस��� आगे की पंक्ति में लड़ने वाले राणा सांगा ने शरीर पर 80 से अधिक घाव ��ाये, उनकी एक आंख और एक हाथ भी जाते रहे, लेकिन उनकी पीठ पर एक भी घाव नहीं था।
तुष्टिकरण के चलते हमारे महानायकों को खलनायक और गद्दार कहा जा रहा है। देश का दुर्भाग्य है कि औरंगज़ेब जैसे आततायी और बर्बर शासक का महिमामंडन करने के लिए कुछ लोग अपने ही महानायकों को छोटा दिखाने की होड़ में लगे हैं।
कुंठित लोग राजनैतिक स्वार्थ वश, तुष्टिकरण के उद्देश्य से चाहे जो भी आरोप लगायें किंतु राणा सांगा देशभ���्तों, राष्ट्रवादियों के लिए प्रातःस्मर्णीय रहेंगे, सम्मान और श्रद्धा के पात्र रहेंगे।
कैसी विडंबना है जिसने अपने पिता को क़ैद किया, भाइयों की हत्या करके कुत्तों को खिला दिया ऐसे औरंगज़ेब को चाहने वाले भी इस देश में हैं, जो अपने ही महानायकों के गौरवशाली इतिहास को झुठला रहे हैं।
इतिहास के सत्य पुनर्लेखन का युग आ चुका है।
‘गोधरा’ शब्द सभी को याद होगा लेकिन ‘साबरमती एक्सप्रेस’ की चर्चा कम ही होती है, आज वही दुखद दिन है जिस दिन सन 2002 में साबरमती एक्सप्रेस में राम भक्तों को ज़िंदा जला दिया गया था, उनका अपराध ���े था कि वे अयोध्या से अपने आराध्य श्री राम लला सरकार के दर्शन करके लौट रहे थे। नारी, पुरुष, बच्चे बच्चियां किसी को नहीं छोड़ा गया। पेट्रोल डालकर उन्हें जीवित जला दिया गया, विश्व के इतिहास में किसी भी राष्ट्र में अल्पसंख्यकों द्वारा बहुसंख्यक समाज का इस प्रकार निर्मम, क्रूर नरसंहार का कोई दूसरा उदाहरण हो तो बताइयेगा अवश्य, और हां कृपया विचार करें कि उन्हें ज़िंदा जलाने के पहले क्या उनसे पूछा गया था कि वे अगड़ा, पिछड़ा या दलित हैं?
याद रहे जुड़ेंगे तभी बचेंगे।
आदिवासियों और अशिक्षितों को ‘हालेलुइया’ का झांसा देकर करिश्मा दिखाने वाले भारत के ईसाई धर्मगुरुओं को चाहिए कि एक साथ जाकर वाटिकन सिटि में जीवन-मरण के बीच जूझ रहे पोप के सिर पर हाथ फेर कर उन्हें ठीक कर दें।
वैसे भी पोप लंबे समय से wheel chair पर हैं और अब अस्पताल में काफ़ी गंभीर अवस्था में भर्ती हैं, उन्हें तत्काल ही ‘हालेलुइया’ रूपी चमत्कार की आवश्यकता है।
जो परम पूज्य गुरुदेव श्री राज��दास जी के इस ट्वीट पर अपना भाषण दे रहे हैं वो यह वीडियो देख लें उस व्यक्ति ने हजारों प्रभु श्रीराम भक्तों को गोलियों से भुनवाकर मां सरयू में डलवा दिया था फिर उनकी लाशों को स्थानीय लोगों ने गोताखोरों ने निकाला था जिसका में वीडियो डाल रहा हुं।
परम पूज्य श्री अशोक सिंघल जी की हत्या कराने की पूरी कोशिश की थी।
प्रिय कांबली जी ,
क्रिकेट के मैदान पर आपको फ्रंटफुट पर खेलते हुए देखा है , तो आज जिंदगी के पिच पर भी फ्रंटफुट पर खेलिए , स्वस्थ होईए और खुशहाल जीवन बीताते हुए परिवार के बीच मुस्कुराते हुए मिलिए।
वादा किया था कि आपका हाल ���माचार जानने आऊंगा तो देखिए मुंबई आया । मैं आभार व्यक्त करता हूं अजीत व शैलेश समेत तमाम उन समाजसेवियों का जो विपत्ति के इस घड़ी में आपके साथ खड़े हैं , मैं आभार व्यक्त करता हूं जौनपुर के युवा खिलाड़ियों व राष्ट्रवादी नौजवान सभा के सहयोगियों समेत देश/प्रदेश के साथियों का जिन्होंने आपको सहयोग प्रदान करने के लिए हम सबको प्रेरित किया , साथ दिया ।
ईश्वर आपको जल्द स्वस्थ ��रें ।
~ आपका धनंजय
नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति @realDonaldTrump ने शपथ से प��ले इजरायली बंधकों को रिहा न करने पर मिडिल ईस्ट में तबाही लाने की धमकी तक दे डाली वहीं भारत जैसे सशक्त व सक्षम देश जिसका बहुसंख्यक समाज ही हिंदू है, उसके पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे बर्बर अत्याचार पर मौन रहना ठीक नहीं। इस अत्याचार के खिलाफ भारत के पक्ष विपक्ष को एकजुट होकर बांग्लादेश में हिंदुओं के रक्षा के लिए सख्त कदम उठाना चाहिए।
#BangladeshiHindus #BangladeshHinduGenocide
श्रद्धेय श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास��त्री जी बागेश्वर धाम सरकार के नेतृत्व में सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा में उमड़ा अपार जनसैलाब।’जाति पाति की करो विदाई, हम सब हिन्दू भाई भाई’ के नारों से गुंजायमान वातावरण, उत्साहित सनातनी। धर्मो रक्षति रक्षित: 🙏🏼