दिल्ली पुलिस का आदर्श वाक्य ‘शांति, सेवा, न्याय’ है, लेकिन कल जंतर-मंतर पर वर्दीधारी द्वारा मासूम बेटियों की अस्मिता पर किया गया हमला इस आ���र्श वाक्य को विडंबना बना देता है।
एक ही तस्वीर है...
दुनिया उसे छात्र आंदोलन के रूप में देख रही है.
गोदी मीडिया उसे बदनाम करने में जुटा है.
खबर वही है, बस एजेंडा बदल जाता है.
अन्तर्राष्ट्रीय मीडिया को देखिए👎
जंतर-मंतर पर जहां बीते कई दिनों से सीजेपी का विरोध प्रदर्शन चला, वहां सोमवार शाम को क्या देखने को मिला?
वीडियोः सुमेधा पाल (@Sumedhapal4 ) और रुबाइयत बिस्वास
“जल्दी निकल जाओ, वरना कपड़े फाड़कर तुम्हें नंगा भगाएंगे”
एक रोती हुई लड़की ने बताया कैसे कई पुलिसवाले सिविल ड्रेस में थे और मां-बहन की भद्दी गालियां देकर मार रहे थे
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ वालों की असलियत
यकीनन शहीद भगत सिंह के यही तेवर रहे होंगे
‘तुम नौकर हो,हम मालिक है…औक़ात बता देंगे’
सिर पर चोट लगने के बावजूद, उस व्यक्ति ने दिल्ली पुलिस का सामना किया।
@aajtak@anjanaomkashyap उम्मीद करता हूँ तेरे बेटे के साथ बही हो किसी ना किसी मोड़ पर , जो आज ग़रीब माँ बाप के बच्चों के साथ दिल्ली की गलियों में दिल्ली पुलिस ने किया
क्या आप @DelhiPolice बता सकते हैं के सफेद शर्ट में लाठियां चलाने वाला दिल्ली पुलिस से जुड़ा हुआ है? या बीजेपी ने अब पुलिस में भी lateral entry शुरू कर ���ी?
शुक्र है आज भी बॉलीवुड में ऐसे सितारे हैं !
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच नसीरुद्दीन शाह अपने बेटों इमाद और विवान शाह के साथ पहुंचे।
उन्होंने कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया, बस शांत भाव से खंभे के सहारे खड़े होकर प्रदर्शन देखा।
पुलिस कार्रवाई के बाद बिखरते छात्रों को भी गंभीरता से देखा। उनकी मौजूदगी ने वहां काफी ध्यान खींचा।