iPhone users always wanted to capture good in garbage, unhealthy food, polluted environment, and even in darkness. Why is this mentality dominating over the real scenarios? Why they always want cinematic things? Will it solve the real issues of pollution? Why does reality sucks?
कई साल जंगल में बिताने और भारतीय संस्कृति की रक्षा के दावे करने वाले मोगली जी पीपल के पौधे को खेजड़ी बता रहे हैं। 😂🤦🏽♂️
ये आदमी ऊपर से नीचे तक फ़र्ज़ी है। इसके दस्तावेज़ फ़र्ज़ी, इसके दावे फ़र्ज़ी, इसकी डिग्री फ��र्ज़ी, इसका विकास मॉडल फ़र्ज़ी, जो कहानियाँ बेचता आया है देश को वो सब की सब फ़र्ज़ी। टोपीबाज़ शब्द इसके आगे पानी भरता है।
@TheNewspinch क्या ऐसे बेसिर पैर के लच्छेदार भाषणों पर रोक न��ीं लगाई जा सकती??
देश का सबसे सम्मानित पद अगर इतनी आलतू फालतू बात करता है तो यह उचित है?
कभी भी ये शख्स शिक्षा, स्वास्थ्य, नौकरी, और पर्यावर�� की बात नहीं करता, हमेशा उल जुलूल बाते करता है। सुनकर राहत नहीं, दिमाग और खराब होता है
@TheNewspinch कोर्ट के 4 साल सजा निर्धारित कर देने के आदेश बावजूद भी संशय है??
क्या इसमें भी घूस की गुंजाइश होती है?
किसी की हत्या करने पर असल में तो कोर्ट को इसके आजीवन चुनाव लड़ने पर भी पाबंदी लगा देना चाहिए था।
@JournoHemraj चलो किसी ने तो आखिरकार समझा इस बात को, शिकायत करते हैं तो उल्टा जवाब मिलता है। UTC कुछ नहीं देखता, न सुनता। सवारी में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाओं को इससे इन्फेक्शन हो जाता हैं।
इस महान देश में बस ड्राइवर और कंडक्टर के लिए सुविधाएं है भरपेट खाना और एक दो सिगरेट। बाकी भाड़ में जाए।
@TheNewspinch नौटंकी।
उसके वीडियोज पहले से ही मौजूद थे तब फिर ऐसे शख्स का एनकाउंटर क्यूं होने दिया।
इस चिराग़ ने दूसरे घर का चिराग बुझाने में मदद की है।
सत्ता इनकी है वहां फिर फूल चढ़ाकर क्यूं बेबसी का ढोंग किए जा रहे हैं।
जिस तत्परता से गोली मारी, उसी फुर्ती से न्याय भी दिलाओ तो सच्चे माने।
@TheNewspinch@Abhinav_Pan I heard someone saying "the man, the myth" after winning Bengal elections 🥹
सर जी, बैंगन और परहेज वाली कहावत भी याद कर लीजिए एक बार।
@nitin_gadkari गुरुजी लेकिन कभी नहीं सोचे होंगे कि ये गडकरी लोगों को इथेनॉल से चूना लगाएगा।
BJPee नेताओं की खासियत यही है कि जनता के बीच कार्यक्रम न करके बस rAssAss के लिए काम करती है। यही आँख मिचौली खेलते रहते हैं बस।
@zoo_bear@raghav_chadha When it's about dirty politics, especially religion-based, they always select "DUMB" fellows to get their hateful task done. Thanks @zoo_bear for exposing.
है राम के वजूद पे हिन्दोस्ताँ को नाज़
अहल-ए-नजर समझते हैं उस को इमाम-ए-हिंद
इमाम- ए- हिन्द पर छिड़ी चर्चा पर अचानक कमाल ख़ान साहब की NDTV की वो ऐतिहासिक रिपोर्ट याद आ गई।
@Rameshbhimtal सर जी एक छोटा सा कंट्रीब्यूशन तो आपका भी बनता है। देहरादून टू दिल्ली, साइकिल से जाइये, और उसी से लौटा भी करें।
जितना ये व्यक्ति बचत किया होगा, उसका 100 गुना ज्यादा ये jp नड्डा एक काफिले में खर्च कर देता है।
"अगर" आप पत्रकार हैं, तो आपका हर एक ट्वीट एक जिम्मेदारी है।
Mean it.
@haridwarpolice इससे आमजन में पुलिस के प्रति और विश्वास बढ़ेगा। रिश्वत खत्म हो जाएगी, हर मजलूम की समय पर फरियाद सुनी जाएगी, और न्याय की प्रक्रिया आसान होकर अमीर और गरीब का भेद मिटाकर सभी को एक जैसी प्राथमिकता देगी।
पूजनीय हनुमान जी की पुलिस प्रांगण में उपस्थिति रामराज्य की स्थापना है।
@INCIndia उन जवानों की वीर शहादत को सैनिक अंत्येष्टि सम्मान न दिलाना भी एक राष्ट्रीय अपराध है।
यह एक विषैली राजनीति की पराकाष्ठा है और इसमें @rajnathsingh मूल रूप से जिम्मेदार है, क्यूंकि उन्होंने सदन के पटल पर देश को झूठ बोला। मोदी सरकार ने नेतृत्व हीनभावना के चलते यह जानबूझकर किया। शर्म
@RahulGandhi Indeed, a great job as a leader of opposition. Many more courage and strength to you. Be the face of change this country needs & prayed for, either it poverty, education, employment, medical facilities, with overall harmony, and inclusivity of every faith & religion.
जै हिंद 🌹
@moayush Absolutely.
But today's main concern must be to advance beyond what our past has taught us.
Stop irrelevant fundings for "गौमूत्र, गोबर" based research.
It will definitely make us backward.
जै हिंद
@sky_phd इनके बच्चे अमेरिका में पढ़ रहे हैं।
और इनका दोगलापन है कि ये दूसरों के बच्चों से गोबर मूत्र पर शोध करा रहे हैं।
संभावना यह भी है कि इन्हें forced ये काम करना पड़ा हो। लेकिन इनका अपना समझ भी तो कोई चीज होती होगी।
@sky_phd सूरज को 🪔दिखा रहे हैं sir.
स्टूडेंट्स को दिन रात मेहनत करते हैं।
ये अलग बात है कि प्रोफेसर्स का क्या सोचते हैं! इतने सीरियस ग्रांट्स लाते हैं, पता नहीं कितने पेपर्स पढ़कर quote किए होंगे, किस तरह से स्टोरी बनाकर प्रपोजल लिखा होगा। थोड़ा एप्रिसिएशन तो बनता है ऐसी खोज के लिए ☺️🫰