अपने आक्का जी बोलिये मैडम देशद्रोही काम करना बंद कर दे ,भारत एक लोकतान्त्रिक देश है और जनता लोकतंत्र को गद्दारों से बचाने के लिए सड़कों पर निकलेगी ही /यह आज़ादी संविधान देती है
कल रात 10 बजे ये वीडियो बनाया था। सोचा शेयर कर दूँ। प्रगति मैदान टनल। ट्रैफिक रेंग रहा है। एम्बुलेंस फंसी है।
आपकी (CJP) राजनीति ��ी वजह से हम क्यों भुगते?
दिल्ली धरना कैपिटल नहीं है।
#cjpprotestdelhi #cjpprotest #eci
@RheemaParashar अपने आक्का जी बोलिये मैडम देशद्रोही काम करना बंद कर दे ,भारत एक लोकतान्त्रिक देश है और जनता लोकतंत्र को गद्दारों से बचाने के लिए सड़कों पर निकलेगी ही /यह आज़ादी संविधान देती है
“शिक्षा का सबसे ज्यादा शोषण धर्म के नाम पर किया जा रहा है... यदि हमें सच्चे अर्थों में आज़ादी चाहिए, तो हमें किसी भी प्रकार के धार्मिक कर्मकांडों में नहीं पड़ना चाहिए, वरना गुलामी की जंजीरें कभी नहीं टूटेंगी।”
चिंगारी लग चुकी हैं। 🔥
ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा दो ज्ञानेश हटाओ देश बचाओ।
EVM के खिलाफ यह चिंगारी सुलगी थी याद हैं?🔥
EVM के खिलाफ है वो वीडियो रिट्वी�� करें।
चिंगारी लग चुकी हैं। 🔥
ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा दो ज्ञानेश हटाओ देश बचाओ।
EVM के खिलाफ यह चिंगारी सुलगी थी याद हैं?🔥
EVM के खिलाफ है वो वीडियो रिट्वी�� करें।
@IAMVICKYFANS लोकतंत्र ली हत्या में कौन -कौन शामिल है --
CEC , ज्ञानेश कुमार जिसके इशारे पर काम कर रहा है ,सबसे पहले देश की जनता के सामने उसे भी नंगे करो
@shyam_sh999 First of all, bring before the people of the country the person on whose instructions Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar is working -
@Aamitabh2@YouTube मनु संतान अपने बच्चों के लिए अलग से संस्थान बना ले वहीं तेरे शिक्षक और तेरा बेटा बाप दोनों कोई पढ़ाएगा कोई पढ़ेगा।
देश संविधान से चलेगा।
देश के प्रतिष्ठित संस्थानों तक में जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप सामने आ रहे हैं, लेकि�� व्यवस्था की चुप्पी सवाल खड़े करती है।
जब संविधान समानता की गारंटी देता है, तो फिर शिक्षान संस्थानों में भेदभाव कब तक? सरकार और प्रशासन जवाब दें—दलितों को न्याय कब मिलेगा?
मिलन पासवान (दुसाध) और रिया गोस्वामी (ब्राह्मण)—दोनों हिन्दू हैं, फिर इनके प्रेम और विवाह से छाती क्यों फट रही है?
मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाकर हिन्दू एकता का नारा देने वालों, पहले अपनी जाति की दीवार तोड़कर दिखाओ!