समय के साथ
घर बदल जाते हैं
शहर बदल जाते हैं...
और कई बार...
मिलने के दिन भी
कम हो जाते हैं...
फिर भी कलाई पर बंधा
एक धागा...
याद दिला देता है कि
कुछ रिश्ते दूरी से नहीं
स्मृतियों से जुड़े रहते हैं..!!
#रक्षाबंधन
मैं ढूँढता हूँ जिनको रातों को ख़यालों में,
वो मुझको मिल सके न सुबहा के उजालों में..!!🎶
#मुकेश (पार्श्वगायक)
#पुण्यतिथि#लेखनी ✍️
🎬 ठोकर (1974)
🖋️ साजन देहलवी 🎵 श्याम जी घनश्याम जी
🎞️ शिव कुमार । अलका
तुझे देख कर जग वाले पर यकीं नहीं क्यूं कर होगा,
जिसकी #रचना इतनी सुन्दर वो कितना सुन्दर होगा..!!🎶
#सृजन#लेखनी ✍️
🎬 सावन को आने दो (1979)
🖋️ इंदीवर 🎵 राजकमल
🎤 येसुदास 🎞️ अरुण गोविल
शिव जी की महिमा जपते जाओ,
शिव शंकर शंकर कहते जाओ,
शिव महिमा है अपार,
कर दो कर दो,
प्रभु कर दो बेड़ा पार।
जय शिव शंकर, जय शिव शंकर,
जय शिव शंकर, जय शिव शंकर…………
शिव भोले भंडारी,
हमारे भोले नाथ,
विपदा कटे गर हो,
सर पे इनका हाथ,🙏
हर हर महादेव 🌼🙏