💫. कठिन है राहगुजर
थोड़ी दूर साथ चलो
बहुत कड़ा है सफ़र
थोड़ी दूर साथ चलो
ये जानता हूँ मगर
थोड़ी दूर साथ चलो
ये एक शव की मुलाक़ात
भी गनीमत है
किसे है कल की खबर
थोड़ी दूर साथ चलो
अभी तो जाग रहे हैं
चराग राहों के
अभी है दूर सहर
थोड़ी दूर साथ चलो
कोई नहीं देखता आपकी मेहनत,
लाइब्रेरी में बिताई रातें....
घर से दूर बिताये गये साल...
दो बार की जगह एक बार का खाना...
परीक्षा के लिए दूसरे शहर की यात्रा
जिसमें स्टेशन से केन्द्र तक की दूरी
पैदल माप देना
लोग देखते है सिर्फ परिणाम"
यदि तुम सफल हुए तो "योग्य"
असफल रहे तो "शून्य" ||
जिंदगी को जिंदगी की तरह
जीना जरूरी है,
चार लोगों की फ़िक्र छोड़ कर
अपनी भी सुनना जरूरी है,
नहीं समझेगा हर कोई
हमारे इन ख्वाबों को,
इसलिए खुद ही ख़ुद की
क़ाबिलियत पर...
भरोसा करना ज़रूरी है।।
संगीत है श्रीकृष्ण, सुर है श्रीराधे
शहद है श्रीकृष्ण, मिठास है श्रीराधे
पूर्ण है श्रीकृष्ण, परिपूर्ण है श्रीराधे
आदि है श्रीकृष्ण, अनंत है श्रीराधे......
फ़िक्र के बादलों में
चमक हौसलों की गवाना नहीं,
कठिन होती हैं ख्वाबों की डगर
तुम बीच सफ़र में डर जाना नहीं,
सीखना अपनी गलतियों से
कोशिशों से घबराना नहीं,
कितना भी भटकाये कोई तुम्हें
मंज़िल से नज़रें तुम हटाना नहीं��।
बड़े आम से लोग हैं हम
बात बात पर समझोता कर लेते हैं,
अपनी ख्वाहिशों को कई बार
जिम्मेदारियों तले दफ़न कर लेते हैं,
रखते हैं खयाल सबकी खुशियों का
दर्द अपने हँस कर सहन कर लेते हैं,
कहाँ कहते है किसी से कुछ
दिल के ज़ज्बातों को अब...
दिल में ही कैद कर लेते हैं....।।
@iamraopuran कई बार लो कॉग्निटिव एबिलिटी यानी अक्षमता की वजह से भी लोग खुद को खुश करने के लिए पॉजिटिव ख्यालों में डूबे रहते हैं। वे सच का सामना नहीं करना चाहते और सकारात्मक सोच के नाम पर खुद को धोखा देते हैं।