#कोरोनविजय ट्रेंड में जिन्होंने सक्रिय भूमिका निभानेवाले पतंजलि के
कार्यकर्ताओं को आप सभी फॉलो करें व
आपस में एक दूसरे को फॉलो बैक देकर उत्साहवर्धन करें,
जो ट्विटर पर सक्रिय होंगे उनको प्रोमोट किया जायेगा,
Take a look at सोशल योगी सन्तोष @
https://t.co/jLNlLPr3SA
आयुर्वेद के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ आचार्य बालकृष्ण योग के प्रति भी लोगों को जागरूक बनाने का कार्य कर रहे हैं तथा शोध के क्षेत्र में भी अपना अहम योगदान दिया है।
#जड़ीबूटीदिवस
भारतीय लोग आचार्य जी को आयुर्वेदिक प्रणाली को एक सशक्त करने वाली प्रतिभा के रूप में मानते हैं। आचार्य बालकृष��ण आयुर्वेद की दिशा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं
#जड़ीबूटीदिवस
आयुर्वेद को पढ़ने और जानने वालों को भी यह नहीं पता होगा
कि मात्र 1100 पौधे हैं जो आयुर्वेद के नाम पर पूरे विश्व में प्रचलित हैं। आयुर्वेद हमारी संस्कृति और चिकित्सा पद्धति है।
#जड़ीबूटीदिवस
पतंजलि ने एक ओर देश के लाखों लोगों को रोजगार देने के लिए उद्योग स्थापित किए हैं तो दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण के लिए जड़ी-बूटी दिवस के रूप में अब तक करोड़ों पौधे लगाए जा चुके हैं। #जड़ीबूटीदिवस
जड़ी-बूटी का विशेष महत्व उनके औषधीय गुण के कारण है। इसका इस्तेमाल औषधीय रूप में वर्षों से किया जाता रहा है। जड़ी-बूटी भारत की परम्परागत चिकित्सा पद्धति रही है। #जड़ीबूटीदिवस
जड़ी-बूटी का विशेष महत्व उनके औषधीय गुण के कारण है। इसका इस्तेमाल औषधी��� रूप में वर्षों से किया जाता रहा है। जड़ी-बूटी भारत की परम्परागत चिकित्सा पद्धति रही है। #जड़ीबूटीदिवस
सुबह-सुबह योग करें और दिनभर कर्म योग करें और उसका परिणाम क्या होगा देख लें...स्वास्थ्य, समृद्धि, फल, सफलता, आनंद , सुख, उत्साह, निर्भयता, विजय मिलेगी।
@HaribanshShukl4@Anand_arya246@bst_arya@sureshpys
दुनिया भर में लाखों लोग हर साल हेपेटाइटिस के शिकार होते हैं। योगाभ्यास से कैसे रखे अपने लिवर को स्वस्थ,
पूज्य स्वामी जी से जानें सही तरीका
#ThursdayThoughts
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योग की जो यात्रा है यह ज्ञात से अज्ञात की, प्रत्यक्ष से परोक्ष की, मूर्त से अमूर्त की, व्यक्त से अव्यक्त की,विश्वमय से विश्वातीत होने की, सद्गुणों से युक्त हो करके गुणातीत होने की, सब दिव्य भावों से युक्त हो करके भावातीत होने की यह साधना है @yogrishiramdev
दोषैरेतैः कुलघ्नानां वर्णसंकरकारकैः ।
उत्साद्यन्ते जातिधर्माः कुलधर्माश्च शाश्वताः ॥
भावार्थ : इन वर्णसंकरकारक दोषों से कुलघातियों के सनातन कुल-धर्म और जाति-धर्म नष्ट हो जाते हैं॥
न चास्ति सदृशं तेन किंचित्स्थौल्यापकर्षणम्।
न च व्यायामिनं मर्त्यमर्दयन्त्यरयो भयात् ॥
भावार्थ :
अधिक स्थूलता को दूर करने के लिए व्यायाम से बढ़कर कोई और औषधि नहीं है, व्यायामी मनुष्य से उसके शत्रु सर्वदा ���रते हैं और उसे दुःख नहीं देते।
#yoga #yogapose #yogainspiration
@YBDEOGHAR