Bsdk कौन यादव?? वही जिन्होंने obc का हक मार रखा है?? वही जिनकी वजह से ओबीसी की अन्य पिछड़ी जातियों तक आरक्षण का लाभ नहीं पहुंच पा रहा हैं।
@narendramodi से विनती हैं उत्तर प्रदेश में तुम्हारा समर्थन करेंगे लेकिन वर्तमान ओबीसी में क्रीमी लेयर फिर से लागू होना चाहिए और इन यादवो को
Instagram में छिपी एक भयानक दुनिया का पर्दाफ़ाश करती BBC Eye की डॉक्यूमेंट्री आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है.
इंस्टाग्राम के स्कैंडल पर बीबीसी की इस पड़ताल पर अगर आपके मन में भी कोई सवाल है, तो आप बीबीसी संवाददाता दिव्या आर्य (@divyaconnects) से पूछ सकते हैं. कॉमेंट बॉक्स में अपने सवाल लिखें, हम इनके जवाब देने की कोशिश करेंगे.
पूरी रिपोर्ट: https://t.co/lfxZst5VEc
बदरीनाथ में भी चढ़ावा चोरी
• मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी का पर्सनल सेक्रेटरी प्रमोद नौटियाल चढ़ावे की चोरी कर रहा था
• प्रमोद को सस्पेंड करने के बाद उसके खिलाफ FIR भी दर्ज हुई है
• प्रमोद बहुत तेजी से मंदिर समिति में आगे बढ़ा था
जब संसद में प्रियंका गांधी के एक जवाब ने कंगना रनौत की बोलती बंद कर दी थी।
कंगना — प्रियंका गांधी जी को ये बात याद रखना चाहिए कि आपका वर्तमान या भूतकाल आप लोगों के चरित्र में कोई मर्यादा नहीं है।
प्रियंका गांधी — मैं तो अभी नई नई हूँ , कोई कलाकार तो नहीं हूँ🔥🔥
ये सीरीज भी भारत(सवर्ण टीम) बनाम इंग्लैंड की मैत्री सीरीज़ हैं।
इसका मकसद भी इंग्लैंड को जिताकर इंग्लैंड क्रिकेट को विश्व मानचित्र में उभरने में मदद मिलेगी।
जिसमें 50% कामयाब हो चुके हैं अगला मैच हारते ही 100% कामयाब हो जाएंगे।
धन्यवाद भारतीय सवर्ण क्रिकेट बोर्ड @kaankit
यह सीरीज भारत-आयरलैंड मैत्री सीरीज थी।
इसका उद्देश्य आयरलैंड क्रिकेट को विश्व मानचित्र पर उभरने में मदद करना था। 2-0 से सीरीज हारकर हम इस उद्देश्य में सफल हुए।
हर चीज को खेल और प्रतिस्पर्धा की नजर से देखना सही नहीं है। इस सीरीज को दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के एक महत्वपूर्ण प्रयास के तौर पर याद किया जाएगा।
अगर सवर्णों का जानवर भी नहा रहा होता है तो दलितों को इंतजार करना होता है।
खीर खाने और मैल से बच्चा पैदा करने वाली कहानियों से दिल बहल गया हो तो ये वाली कहानी भी देख लेना @ajeetbharti
केरल के वायनाड में भूस्खलन कैसे प्रलय बन कर आयी, इस सीसीटीवी फ़ुटेज में देखिए!
सड़क पर ट्रक और लोग इस भयानक तरीक़े से इसकी चपेट में आए! कुछ बाल बाल बच गए लेकिन कई इसकी चपेट में आ गए!
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस कदर गैर-गंभीर बातें करना देश की महान बौद्धिक विरासत और नीतिगत परिपक्वता का मज़ाक उड़ाना है। वैश्विक पटल पर जब भारत को एक गंभीर महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की बात हो, तब शीर्ष नेतृत्व द्वारा 2+6=8 और 1+7=8 जैसे बचकाने और निरर्थक गणित के सहारे संबंध परिभाषित करना बेहद हास्यास्पद और चिंताजनक है।
विदेशी दौरों और कूटनीति का वास्तविक उद्देश्य ठोस रणनीतिक समझौतों, आर्थिक साझेदारी और वैश्विक विज़न पर बात करना होता है, न कि अंकों के इस तरह के सतही खेल से सुर्खियां बटोरना।
सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों का यह ढुलमुल और हल्का रवैया साफ़ दिखाता है कि उनके पास वास्तविक नीतिगत विज़न और कूटनीतिक गंभीरता का पूर्ण अभाव है।
देश की जनता जुमलेबाज़ी से बहुत आगे निकल चुकी है; अब समय आत्ममुग्धता से बाहर निकलकर धरातल पर गंभीर और जवाबदेह शासन देने का है!