@BhimArmyChief अब देश में मुस्लिम होना सबसे बड़ा गुनाह हो गया है अगर कोई मामला मुस्लिम और दलितों के खिलाफ हो तुरंत कार्यवाई हो जाती बिना सोचे समझे और जब बात बीजेपी से जुड़े व्यक्ति या किसी हिन्दू वादी की हो तो कोई सिर्फ जांच ही चलती रहती है ये सरकार की दलित मुस्लिम विरोधी मानसिकता है
सहारनपुर कलेक्ट्रे��� परिसर स्थित मस्जिद के भूमि विवाद में जिला जज की अदालत द्वारा 3 सितंबर को सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश (बेदखली, ध्वस्तीकरण और 6 करोड़ रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति) को बरकरार रखते हुए मस्जिद पक्ष की याचिका खारिज करने के बाद 4 सितंबर, शुक्रवार को एसडीएम और सिटी मजिस्ट्रेट का भारी पुलिस बल के साथ मस्जिद को सील कर आज सुबह 5 बजे अंधेरे में ध्वस्त करने का कार्य न केवल जल्दबाजी में लिया गया कदम है बल्कि मस्��िद पक्ष को उपलब्ध न्यायिक उपचार के अवसर को कमजोर करने और न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण तक पहुंचने से पहले ही कार्रवाई कर देने वाला कदम है।
हम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन यह मामला बेहद संवेदनशील है। मस्जिद पक्ष का कहना है कि न्यायालय ने उनके द्वारा प्रस्तुत महत्वपूर्ण साक्ष्यों और ऐतिहासिक दस्तावेजों पर समुचित विचार नहीं किया। उन्होंने पुराने राजस्व अभिलेखों, वक्फ पंजीकरण, 1947 से पहले के अस्तित्व और पूजा स्थल अधिनियम, 1991 से जुड़े प्रावधानों के साथ 1 जनवरी 1911 का बिजली बिल, नगर पालिका परिषद में दर्ज नाम सहित अन्य ऐतिहासिक दस्तावेज अदालत के सामने प्रस्तुत किए हैं।
मस्जिद पक्ष का दावा है कि संबंधित मस्जिद सुन्नी वक्फ बोर्ड में पंजीकृत है और भूमि वक्फ संपत्ति का हिस्सा है। खेवट नंबर 10/1 का उल्लेख करते हुए यह भी दावा किया गया है कि राजस्व रिकॉर्ड में भूमि वाहिद खान और याकू��� खान के नाम दर्ज है तथा संपत्ति 1947 से पहले की है। मस्जिद पक्ष ने जिला अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की बात कही है।
अब जबकि मस्जिद को ध्वस्त किया जा चुका है, सवाल यह है कि उच्च न्यायालय में कानूनी चुनौती के विकल्प के बावजूद प्रशासन ने इतनी जल्दबाजी में कार्रवाई क्यों की? जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि वे अभी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, इसके बावजूद सुबह 5 बजे ��स कार्रवाई को अंजाम देने की क्या आवश्यकता थी? यह कार्रवाई भाजपा सरकार की साम्प्रदायिक राजनीति और अपने समर्थकों के तुष्टीकरण का एक और उदाहरण है।
यह अन्याय याद रखा जाएगा!
OBC के क्रीमी लेयर निर्धारण हेतु आय मानदंड की लंबे समय से लंबित समीक्षा एवं संशोधन के संबंध में तत्काल हस्तक्षेप की मांग को लेकर माननीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री @Drvirendrakum13 जी को पत्र लिखा।
@mygovindia@MSJEGOI
माननीय @nitin_gadkari जी, सड़क हादसों के लिए केवल “मानव व्यवहार” को जिम्मेदार बताना अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने जैसा है। ड्राइविंग लाइसेंस देने की प्रक्रिया में होने वाला भ्रष्टाचार और अ��ियमितताएं भी सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं।
ड्राइविंग टेस्ट सेंटरों पर आवेदकों को जानबूझकर फेल करने, सुविधा शुल्क मांगने, सेंसर और कैमरों में गड़बड़ी तथा दलालों के माध्यम से रुपये लेकर टेस्ट में पास कराने के गंभीर आरोप अत्यंत चिंताजनक हैं।
जब रुपये लेकर पास करने का खेल चले, तो सड़क हादसों की जिम्मेदारी केवल वाहन चालकों के “मानव व्यवहार” पर डालना उचित नहीं है।
@MORTHIndia को ड्राइविंग लाइसेंस देने की प्रक्रिया की समीक्षा कर इसे पूरी तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी से सवाल पूछने की कोशिश करने पर पत्रकारों शाहीन और नफीसा को पुलिस द्वारा कथित रूप से मारते-पीटते थाने ले जान��, गाली-गलौज करने, धमकाने और उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप यह बताता है कि World Press Freedom Index में भारत 180 देशों में 157वें स्थान पर क्यों है।
सबसे चिंताजनक यह है कि उनका कहना है कि उनके मुस्लिम होने की जानकारी मिलने के बाद उनके साथ दुर्व्यवहार और बढ़ गया यह भाजपा की मुस्लिम विरोधी मानसिकता और प्रेस की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सवाल पूछना अपराध नहीं है। पत्रकार की पहचान देखकर उसके सा��� भेदभाव करना लोकतंत्र और संविधान दोनों के खिलाफ है।
यह बेहद गंभीर और चिंताजनक है!
@Nishuazad11@BhimArmyChief@Nishuazad11 बहन आज भाई की रैली थी मछली शहर में इस लिए ट्वीट थोड़ा लेट हो गया और भाई तो आपके साथ हमेशा है सिर्फ ट्वीट करके फॉर्मेलिटी पूरी नहीं करते और नेताओं की ��रह आप परेशान न हो पूरी भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी आपके साथ हैं
@BhimArmyChief तो हमेशा आपके साथ है
जय भीम
@BhimArmyChief ये सरकार के द्वारा पाले गए गुंडे है इसी लिए इतना बोलते और पुलिस कुछ नहीं करती इसी लिए इनके हौसले बुलंद
किसी आंदोलन में सामने मुलाकात होनी चाहिए इससे मेरी
23 जून को जंतर-मंतर की घटना पर पुलिस कहती है कि संजय कुमार की चोटें सामान्य थीं और खोपड़ी में दरार की बात निराधार है। लेकिन आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के बयान में व��� खुद “7 टांके”, “मरने की स्थिति” और “307 बनता था” जैसी बातें कह रहा हैं।
वह यह भी दावा कर रहा हैं कि संजय कुमार की बेटी निशु, थाने के बाहर खड़े होकर कह रही थी कि “अगर मेरे बाप को इंसाफ नहीं मिला तो हम जहर खाकर मर जाएंगे।” साथ ही उनका दावा है कि वे जेल तक नहीं गए और “कपिल मिश्रा अपने बड़े भाई हैं”, “चिराग पासवान अपने बड़े भाई हैं” तथा “सबका सपोर्ट है।"
तो सवाल है कि अगर घायल की हालत इतनी गंभीर थी और 7 ट��ंके लगे थे, तो पुलिस की MLC में चोटें सामान्य कैसे बताई गईं? अगर धारा 307 का मामला बनता था, तो आरोपी जेल क्यों नहीं गया?
“कपिल मिश्रा के फोन के बाद छोड़ने का दावा सच है या झूठ? क्या पुलिस इसकी निष्पक्ष जांच करेगी? जब राजनीतिक संरक्षण का इतना स्पष्ट दावा सामने आ रहा है, तो पुलिस यह क्यों नहीं स्पष्ट कर रही कि इस मामले में किसी अनुचित प्रभाव या हस्तक्षेप की कोई भूमिका थी या नहीं?”
आखिर पुलिस के रिकॉर्ड और आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के बयान में इतना बड़ा अंतर क्यों है? हमें इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और अपने पीड़ित परिवार को न्याय दिला कर रहेंगे। जय भीम, जय भारत।।
आज जिला जौनपुर की मछलीशहर विधान सभा में आयोजित विशाल जनसभा में अपनों के बीच।
जनसभा को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ��र सहयोगियों का हृदय से आभार। अपने अपार प्यार, समर्थन और विश्वास से जनसभा को ऐतिहासिक बनाने वाली जौनपुर की महान जनता को दिल से सलाम और अभिनंदन।
आपकी यह एकजुटता आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मिशन-2027 को नई ऊर्जा और ताकत देगी।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल!
#ASP_K_Mission2027
आज जिला प्रतापगढ़ की विश्वनाथगंज विधान सभा में आयोजित विश��ल जनसभा में अपनों के बीच।
जनसभा को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का हृदय से आभार। अपने अपार प्यार, समर्थन और विश्वास से जनसभा को ऐतिहासिक बनाने वाली प्रतापगढ़ की ��हान जनता को दिल से सलाम और अभिनंदन।
आपकी यह एकजुटता आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मिशन-2027 को नई ऊर्जा और ताकत देगी।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल!
#ASP_K_Mission2027
#UPMaangeChandraShekharAzad
कल जिला मऊ के मधुबन विधान सभा में आयोजित विशाल जनसभा में अपनों के बीच।
जनसभा को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का हृदय से आभार। अपने अपार प्यार, समर्थन और विश्वास से जनसभा को ऐतिहासिक बनाने वाली मऊ की महान जनता को दिल से सलाम और अभिनंदन।
आपकी यह एकजुटता आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मिशन-2027 को नई ऊर्जा और ताकत देगी।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल!
#ASP_K_Mission2027
#UPMaangeChandraShekharAzad
जिला गौतमबुद्ध नगर के हिंडन डूब क्षेत्र में करीब 8 वर्षों से चल रहे बिजली के सिंडिकेट ने विद्युत निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, 18 हजार से अधिक कनेक्शनों के जरिए हजारों घरों तक बिजली ���हुंचाई जाती रही और हर महीने करोड़ों रुपये की वसूली होती रही। निजी ट्रांसफॉर्मर, लाइनें और सब-मीटर लगाकर समानांतर बिजली व्यवस्था तक खड़ी कर दी गई।
निगम वर्षों से इसे “डूब क्षेत्र और अवैध कनेक्शन” कहकर पल्ला झाड़ता रहा, मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी नोएडा आते-जाते रहे, फिर सरकार और अधिकारियों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी?
सरकार बार-बार “वैध और अवैध कनेक्शन” की बात कर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। सवाल यह है कि करीब 8 वर्षों तक इतना बड़ा बिजली का नेटवर्क और करोड़ों रुपये की वसूली कैसे चलती रही? आखिर यह पूरा खेल किसके संरक्षण में चलता रहा? यह सरकार और व्यवस्था की विफलता है।
अब कार्रवाई के नाम पर हजारों परिवार लंबे समय से अंधेरे में हैं। भीषण गर्मी में पंखे-इन्वर्टर बंद हैं, पानी और खाना बनाने की समस्या है, बच्चों को रिश्तेदारों के घर भेजना पड़ रहा है और लोगों का काम-रो���गार प्रभावित हो रहा है। वहीं, वैध कनेक्शन और मीटर वाले, वर्षों से बिल जमा कर रहे परिवारों की बिजली भी काटे जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के समय ही स्थानीय भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे को इसलिए उठाया, ताकि पहले कार्रवाई करवाएं और फिर खुद समाधान करवाकर उसका श्रेय लें और चुनावी लाभ उठा सकें।
@aksharmaBharat बताए कि वर्षों तक यह बिजली का पूरा खेल कैसे चलता रहा और अब कार्रवाई के नाम पर आम जनता को क्यों भुगतना पड़ रहा है? पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, जिम्मेदार अधिकारियों और लोगों पर कठोर कार्रवाई हो तथा प्रभावित उपभोक्ताओं की बिजली तत्काल बहाल की जाए। जो भी वहां के निवासी हैं, उन्हें सरकारी बिजली कनेक्शन तुरंत प्रदान किए जाएं। लाखों लोगों के जीवन-यापन की समस्या पैदा न की जाए।
‘डबल इंजन, सरकार अनजान।’
उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर, कन्नौज, जालौन और सहारनपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में SC/ST विद्यार्थियों की विशेष सीट व्यवस्था को बनाए रखने के लिए आंदोलन कर रहे सभी विद्यार्थियों को मेरी हार्दिक बधाई।
इन चारों मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पूर्व की सीट व्यवस्था जारी रखने का @UPGovt का निर्णय विद्यार्थियों के संघर्ष और उनकी एकजुटता की बड़ी जीत है।
हम पिछले वर्ष से लगातार इस महत्वपूर्ण मुद्दे को सरकार और संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाते रहे हैं। विशेष घटक योजना (Special Component Plan) के उद्देश्य से स्थापित इन मेडिकल कॉलेजों में SC/ST विद्यार्थियों की विशेष सीट व्यवस्था की रक्षा करना सामाजिक न्याय और उनके अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण सवाल है।
इस संघर्ष में आवाज उठाने वाले सभी विद्यार्थियों और साथियों को मैं बधाई देता हूं। आपकी एकजुटता ने सरकार को मौजूदा व्यवस्था जारी रखने का निर्णय लेने के लिए मजबूर किया है।
हालांकि, यह केवल तत्काल राहत है। भविष्य में किसी प्रशासनिक या न्यायिक बदलाव से इस व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाने के लिए इसे कानून के माध्यम से स्थायी कानूनी संरक्षण देना जरूरी है।
हमारा स्पष्ट मा��ना है कि इन मेडिकल कॉलेजों की विशेष सीट व्यवस्था को केवल शासनादेश के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। सरकार को इसके लिए मजबूत कानूनी प्रावधान करना चाहिए, ताकि SC/ST विद्यार्थियों के अधिकार और प्रतिनिधित्व भविष्य में भी सुरक्षित रहें।
हरदोई में कक्षा 8 की छात्रा क्षमा दीक्षित की स्कूल में पिटाई के बाद उपचार के दौरान मृत्यु, दिल्ली के सर्वोदय कन्या विद्यालय की कक्षा 7 की छात्रा अवनी की प्रत��ड़ना के बाद मृत्यु, मौजपुर में साढ़े तीन साल के मासूम बच्चे को कुर्सी से बांधकर पीटने की घटना और कुछ दिन पहले कर्नाटक के बेलगावी स्थित मोरारजी देसाई आवासीय विद्यालय में कक्षा 9 के छात्र गौतम भजनत्र��� की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु तथा परिजनों द्वारा पिटाई व हत्या के लगाए गए आरोप, बच्चों के साथ हुई ये सभी घटनाएँ बेहद दुखद, शर्मनाक और चिंताजनक हैं।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएँ बताती हैं कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्कूलों और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह बनाने की जरूरत है।
स्कूल बच्चों के लिए शिक्षा, सुरक्षा और संस्कार का स्थान हैं, हिंसा और प्रताड़ना क��� नहीं। बच्चों की सुरक्षा से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, डर नहीं।
हमारी संवेदनाएँ सभी पीड़ित परिवारों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।
हरियाणा के हिसार में पिछले 27 दिनों से अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे सफाई कर्मचारियों के साथ पुलिस की धक्का-मुक्की और एक महिला सफाई कर्मचारी के निजी अंग पर लात मारने का वीडियो बेहद शर्मनाक और अमानवीय है।
प्रधानमंत्री @narendramodi जी चुनाव के समय इन्हीं सफाई कर्मचारियों के पैर धोने का दिखावा करते हैं और इन्हें “��्वच्छता सैनिक” कहते हैं, लेकिन आज उन्हीं महिला सफाई कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और निजी अंग पर लात मारकर उन्हें अपमानित किया जा रहा है। यह सम्मान के नाम पर किए जाने वाले राजनीतिक दिखावे और जमीनी हकीकत के बीच का फर्क साफ दिखाता है।
भाषा की भी छुआछूत होती है। अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरी महिला सफाई कर्मचारी को प्रशासन की ओर से “तू” जैसे अपमानजनक संबोधन देना भी उसी सामाजिक मानसिकता ���ो दर्शाता है, जिसमें मेहनतकश और वंचित समाज के सम्मान को छोटा समझा जाता है।
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की चुप्पी भी गंभीर सवाल खड़े करती है। हरियाणा ��रकार दमन का रास्ता छोड़कर तत्काल सफाई कर्मचारियों से बातचीत करे। महिला कर्मचारी के साथ हुए दुर्व्यवहार की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए और उनकी सभी जायज मांगों का सम्मानजनक समाधान निकाला जाए।
भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) हरियाणा के अपने सफाई कर्मचारियों के संघर्ष, सम्मान और अधिकारों के साथ मजबूती से खड़ी है।
@NCWIndia
@ncsk_mosje_goi
@NCSC_GoI
@India_NHRC
@cmohry
@NayabSainiBJP
दिल्ली में फिर निर्भया जैसा शर्मनाक हादसा!
16 साल की नाबालिग लड़की के साथ चलती बस में ड्राइवर और कंडक्टर ने गैंगरेप किया, जबकि अमित शाह की पुलिस सोती रही!
महिला मुख्यमंत्री और चारों इंजन वाली बीजेपी सरकार के बावजूद दिल्ली में रेप और अपराध की घटनाएँ रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।