कफ सिरप के कारण उत्पन्न विवाद में डॉक्टरों को गिरफ्तार करना न केवल मानवाधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है, बल्कि यह चिकित्सा पेशे की मूल भावना के भी खिलाफ है। डॉक्टर की बजाय दवा बनाने वाली फॉर्म कंपनी पर एक्शन होना चाहिए ना कि डॉक्टर पर
@MoHFW_INDIA@JPNadda@humanrightindia
I strongly condemn the deliberate attack on a Hindu temple in Canada. Equally appalling are the cowardly attempts to intimidate our diplomats. Such acts of violence will never weaken India’s resolve. We expect the Canadian government to ensure justice and uphold the rule of law.
पिछली सरकार के कार्यकाल दौरान, तिरुपति बालाजी प्रसाद में पशु मेद (मछली का तेल, सूअर की चर्बी और बीफ़ वसा) मिलाए जाने की बात के संज्ञान में आने से हम सभी अत्यंत विक्षुब्ध हैं। तत्कालीन वाईसीपी (YCP) सरकार द्वारा गठित टीटीडी (TTD) बोर्ड को कई सवालों के जवाब देने होंगे! इस सन्दर्भ में हमारी सरकार हरसंभव सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
लेकिन, यह समूचा प्रकरण मंदिरों के अपमान, भूमि संबंधी मुद्दों और अन्य धार्मिक प्रथाओं से जुड़े कई मुद्दों पर चिंतनीय प्रकाश डालता है।
अब समय आ गया है कि पूरे भारत में मंदिरों से जुड़े सभी मुद्दों पर विचार करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अविलंब ‘सनातन धर्म रक्षा बोर्ड’ का गठन किया जाए।
सभी नीति निर्माताओं, धार्मिक प्रमुखों, न्यायपालिका, आम नागरिकों, मीडिया और अपने-अपने क्षेत्रों के अन्य सभी दिग्गजों द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर एक सार्थक बहस होनी चाहिए।
मेरा मानना है कि हम सभी को किसी भी रूप में ‘सनातन धर्म’ के अपमान को रोकने क��� लिए अविलंब एक साथ आना चाहिए।
असम में कांग्रेस इतनी खुश क्यों हैं? मैंने analyse किया और पाया के उन्हें 30 लाख वोट सिर्फ़ 21 minority विधान सभा क्षेत्रों में मिला। कांग्रेस को 100% माइनॉरिटी वोट मिला इसीलिए इनके नेता सीना तान के घूम रहे हैं।