देवाधिदेवनटराज-सोमनाथस्य सान���निध्ये, सोमनाथ-स्वाभिमान-पर्वणो विशिष्टवर्षे, कलासाधकैः कृतः कलाभिषेको महादेवाय साक्षात् कैलासतुल्यं दिव्यानुभवं प्रदास्यति।
अर्थ: देवाधिदेव नटराज सोमनाथ के सान्निध्य में, सोमनाथ-स्वाभिमान-पर्व के इस विशेष वर्ष में, कला साधकों द्वारा महादेव को किया गया कला-अभिषेक साक्षात् कैलाश पर्वत के समान दिव्य अनुभव प्रदान करेगा।