वंदे मातरम् किसी पार्टी की राजनैतिक संपत्ति नहीं बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा का हिस्सा है।
आज कांग्रेस नेतृत्व ने फिर दिखा दिया कि उसे संपूर्ण वंदे मातरम् से कितनी तकलीफ़ है। कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी, सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने वंदे मातरम् गान के समय जो किया वो अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय है जिसकी जितनी भर्त्सना की जाए वो कम है।
गांधी परिवार और कांग्रेस अध्यक्ष को अपने इस निदनीय कृत्य पर अविलम्ब देश से माफ़ी माँगनी चाहिए।
सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
आज़ादी हमारे स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा दिया गया सिर्फ़ एक तोहफ़ा नहीं, बल्कि एक ज़िम्मेदारी भी है।
यह ज़िम्मेदारी है सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलने की, संविधान और तिरंगे के मूल्यों को अपने दिल में रखने की और हर हाल में लोकतंत्र की रक्षा करने की।
मुझे गर्व है कि हमारे देशवासी, खासकर युवा, इन मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट हैं।
जय हिंद! 🇮🇳
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री @JPNadda जी के अस्वस्थ होने और AIIMS में भर्ती होने का समाचार मिला।
उनके सफलतापूर्ण उपचार और जल्द से जल्द स्वस्थ होने की आशा करता हूँ।
झारखंड में हुई लाठीचार्ज की कार्रवाई की जिम्मेदारी कौन लेगा? राहुल गांधी की पार्टी के नेता, विधायक और मंत्री झारखंड सरकार का हिस्सा हैं। ऐसे में क्या राहुल गांधी इस पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी से बच सकते हैं?
अगर यह सब राहुल गांधी के निर्देश पर नहीं हुआ, तो उन्हें देश के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि वे झारखंड सरकार से अपना समर्थन वापस लेंगे। आखिर जनता जवाब मांग रही है, जिम्मेदारी किसकी है?
#राहुल_भागना_नहीं
झारखंड में छात्रों से जिस तरह सरकार बर्बरता कर रही है, ये राहुल गांधी जी की सोच दिखाती है कि उनके समर्थन से चल रही राज्य सरकार युवाओं के साथ कितनी क्रूरता कर रही है।
राहुल जी गृहमंत्री जी से जवाब तो चाहते हैं, मगर ख़ुद सदन नहीं आते। सुर्खियों में बने रहने के लिए ये झूठ की दुकान चला रहे हैं।
राहुल जी को संसद तब तक नहीं चलने देनी चाहिए जब तक जवाब ना मिल जाए कि छात्रों पर लाठी किसके आदेश पर चली है.......................................................................................................................................... झारखंड में
छात्रों के हितों को लेकर @INCIndia लगातार झूठ फैला रही है, @RahulGandhi के पास तथ्य नहीं है, आदतन झूठ बोलने वाले नेता प्रतिपक्ष को न संसद में आना है और न जवाब सुनना है। इन्हें तो बस अपना झूठ फैलाकर घड़ियाली आँसू बहाना है।
माननीय गृहमंत्री श्री @AmitShah जी पर बेवजह बिना किसी तथ्य के झूठे आरोप लगाना राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दिखाता है। सरकार हर मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है, मगर कांग्रेस लोकतंत्र के मंदिर 'संसद भवन' को बाधित कर देश और युवाओं के हितों को कुचलने का काम कर रही है। क्योंकि इनकी मंशा देशहित नहीं, स्वयं के हितों को पहले प्राथमिकता देने की है। जब सदन में चर्चा होती है तो ये लोग बाहर हंगामा करते हैं, क्योंकि सदन में जवाब सुनने की इतनी क्षमता नहीं है।
कांग्रेस का लोकतंत्र भी ‘Selective’ है, जहां अपनी सरकार हो, वहां युवाओं पर हिंसा और जहां राजनीति चमकानी हो, वहां झूठ और हंगामा। झारखंड में छात्रों के साथ जो बर्बरता हुई है, उसे पूरे देश ने देखा है। लेकिन, सवाल ये है कि हर मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले राहुल गांधी आज चुप्पी क्यों साधे हुए हैं? देश का युवा कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र को अच्छी तरह समझ चुका है। लोकतंत्र में तानाशाही के लिए कोई जगह नहीं, ये राहुल गांधी और आपातकाल वाली सोच से चलने वाली कांग्रेस पार्टी को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।