"रुपये के साथ प्रधानमंत्री की साख गिरती है" - ये शब्द तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी जी के हैं।
आज, रुपया 95 पार कर चुका है, और हालात ऐसे हैं कि मोदी जी इसे शतक पार करवा कर ही मानेंगे।
गिरता रुपया, डगमगाती अर्थव्यवस्था, बढ़ती महंगाई और तड़पता गरीब और मध्यमवर्ग - ये असल में प्रधानमंत्री की गिरती साख और कमज़ोर नेतृत्व की कहानी है।