उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मेहनती छात्रों के सपनों की हत्या हुई है। लेखपाल परीक्षा का पेपर संदेह के दायरे में है ���ग्जाम के घंटों बाद भी बच्चों का हाल से बाहर निकलना सिस्टम की नाकामी का सबसे बड़ा सबूत है! आखिर कब तक हमारे होनहार युवा और उनके गरीब माता-पिता इस भ्रष्ट तंत्र और शिक्षा माफियाओं की कीमत चुकाते रहेंगे?
हमें भूलना नहीं चाहिए कि UPPSC भर्ती के समय भी आयोग ने पहले सब कुछ सही होने का दावा किया था, लेकिन बाद में सच्चाई सामने आने पर परीक्षा लीक थी। क्या इस बार भी लीपापोती की तैयारी है?
हम���री सरकार और आयोग से स्पष्ट मांग है:
लेखपाल परीक्षा में हुई इस धांधली की तत्काल, पारदर्शी और उच्च स्तरीय जांच हो। पेपर लीक करने वाले गिरोह और उनके आकाओं को बेनकाब कर सख्त सजा दी जाए कि वह एक उदाहरण बने। छात्रों के भविष्य और उनके समय के साथ यह क्रूर मजाक अब और नहीं सहा जाएगा! झूठे आश्वासन नहीं, न्याय चाहिए!
#Lekhpal_Exam_Investigation
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हम सभी विद्यार्थियों की एक ही मांग है कि #लेखपाल_परीक्षा में हुई अनियमितता की जांच की जाए और अगर कुछ अनियमित पाई जाती है तो परीक्षा पुनः कराई जाए।
#Lekhpal_Exam_Investigation
#LEKHPAL_EXAM_INVESTIGATION
इस ट्रेंड पर ट्वीट करके आयोग को जगाने का कार्य किया जाए कि आप व्यवस्थित जांच कीजिए कि किसी एक परीक्षा केंद्र से बच्चे देरी से क्यों निकल रहे थे ।