140 करोड़ लोगों के मुल्क में क्या कोई भी नागरिक या संस्था किसी भी सरकारी स्कूल या सरकारी व्यवस्था में घुसकर बिना प्रोटोकॉल प्रक्रिया को पूरा करे ऑडिट या जांच कर सकती है? क्या इससे संस्थाओं के रिसोर्सेज पूरे किए जाने का दावा किया जा सकता है या यह एक अलग तरह की #Anarchy पैदा की जा रही है। जो तथाकथित युवा देश को ठीक करना चाहते हैं वे सिस्टम में पहुंचकर इस जिम्मेदारी को खुद क्यों नहीं उठाते? आप डॉक्टर बनो, IAS बनो, IPS बनो, CA बनो, इंजीनियर बनो, MLA और MP बनो, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनो और देश को चुटकी बजाकर ठीक कर दो। जहां रिसोर्सेज नहीं हैं वहां स्वयं दान करके पूरा करो। हजारों लोग भी ऐसा करते ही हैं। प्रशासन खराब है तो डिपार्टमेंट के मुखिया के घर प्रदर्शन करो, उन्हें घेरो, सरकार के मुखिया को घेरो और चुनाव में सरकार गिरा दो, लेकिन, अगर खुद कुछ नहीं कर सकते तो ढोल बजाकर विद्यालयों में घुसकर अराजकता मत फैलाओ और सभी शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों को दोषी ठहराना बंद करो। अगर हर रोज लाखों लोग स्कूलों में जाकर यही सब करने लगें तो एक दिन भी पढ़ाई नहीं होग�� और हिंदुस्तान भी बहुत जल्द बांग्लादेश या नेपाल बन जाएगा। सॉफ्ट कॉर्नर के नाम पर हर आदमी स्कूलों में घुसकर कोई न्याय नहीं कर रहा है बल्कि स्कूलों को खिलौना समझकर वहां पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ ही कर रहा है। इन सबके लिए #SMC हैं, लोकल बॉडीज हैं, और तमाम उपक्रम हैं, उनसे बात करो और उनको ठीक करो। आज हमारी उत्तर प्रदेश फेडरेशन ने भी इस सम्बन्ध में यूपी सरकार को पत्र लिखा है। सरकार को ���स पर विचार कर कठोर नियम बनाने होंगे कि आए दिन विद्यालयों में कोई भी जांच के नाम पर घुसकर अराजकता न फैलाए। #ManjeetSinghPatel
Mp के बुरहानपुर से निकल कर महाराष्ट्र के सीमा मुक्ताईनगर में NPS निजीकरण भारत छोड़ो यात्रा प्रवेश कर गई है।#महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष व NMOPS राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वितेश खण्डेकर,सुनील दुधे,विनायक कुनाल ,गो��िन्दा ठाकरे,प्रवीन संजय सहित सैकड़ों साथियों ने यात्रा का स्वागत किया।
माँ शब्द में ही पूरा संसार बसता है, जीवन जीने के संस्कार और उच्च विचार हमें माँ से ही मिलते हैं। मातृ दिवस पर देवी स्वरूपा “माँ” के चरणों में कोटि कोटि प्रणाम। सभी माताओं को मातृ दिवस की अनंत शुभकामनाएँ।