मशहूर उर्दू शायर राहत इंदौरी साहब का शेर
लगेगी आग तो आएंगे घर कई ज़द में,
यहां पे सिर्फ़ हमारा मकान थोड़ी है…।
मतलब / भावशेर सत्ता, ज़ुल्म और नाइंसाफी के खिलाफ सामूहिक चेतावनी है कि अगर अन्याय की “आग” फैली, तो उसका असर सब पर पड़ेगा, सिर्फ़ किसी ��क पर नहीं।
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ऐसी लोकल ट्रेन जिसमें न ही मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट है और न ही टॉयलेट...
ऐसी ट्रेन को किसी आउटर में रोक देना, ये भारत के नागरिकों के साथ किया गया एक प्रकार का पाप है....
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ये ट्रेन 1.5 घं��े से एक ही जगह क्यों रुकी हुई है? कितनी ही मालगाड़ी को ग्रीन सिग्नल दिया जा चुका है लेकिन इस यात्रीगाड़ी को ग्रीन सिग्नल क्यों नहीं दिया जा रहा है?
जवाब दो...
ग्रीन सिग्नल दो....
इस्तीफा दो....
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ये ट्रेन 1.5 घंटे से एक ही जगह क्यों रुकी हुई है? कितनी ही मालगाड़ी को ग्रीन सिग्नल दिया जा चुका है लेकिन इस यात्रीगाड़ी को ग्रीन सिग्नल क्यों नहीं दिया जा रहा है?
जवाब दो...
ग्रीन सिग्नल दो....
इस्तीफा दो....
यह छेद्दू चमार हैं, ये हाल ही में चर्चाओं में आए थे जब इन्हें एक पुलिस अधिकारी ने धक्के मारते ���ुए बैज़्जत किया था।
इन्होंने कौशांबी लोकसभा क्षेत्र से अपना नामांकन किया था मगर इनका नामांकन निरस्त कर दिया गया है।
यह अब तक 11 बार चुनाव लड़ चुके हैं
2012 विधानसभा चुनाव
2014 लोकसभा चुनाव
2017 विधानसभा चुनाव
2019 लोकसभा चुनाव
इनके द्वारा लड़े हुए चुनावों में यह चुनाव भी शामिल हैं, छेद्दू चमार कहते हैं कि उन्हें नामांकन में लगने वाले सारे कागज़ात मुहजुबानी याद हैं तो उनसे गलती हो ही नहीं सकती।
आज आप सोचिए कि जिस व्यक्ति को चुनाव लड़ने का जुनून है उसका भी पर्चा ख़ारिज कर दिया गया है, अगर वो बेचारा चुनाव लड़ लेता तो क्या इनकी जीत और हार पर फर्क तो डाल न देता।
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आप सभी को अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि आप लोग काम नहीं करते, सिर्फ AC कमरे में बैठे रहते हैं, और जनता की समस्याओं को अनदेखा करते हैं। कोरबा में सभी फाटक बंद करके ओवरब्रिज/अंडरब���रिज कब बनेगा?
इस वीड��यो को 1 मिनट दीजिए। और इसे गाँव गाँव पहुँचाइये। ये @dhruv_rathee की वीडियो नहीं है। ये हमारी वीडियो है। हम सब की ज़िम्मेदारी है। खड़े होइए। और अपने अपने हिसाब से अपनी आवाज़ में एक-एक आवाज़ मिलाइये
उदित नारायण के पुत्र आदित्य नारायण का ग़ुस्सा तो देखिए ज़रा. फ़ोन फेंके दे रहे. माइक दे मार रहे.
कोई बताओ इनको शोहरत पिता दिला सकते हैं. इज़्ज़त ख़ुद कमानी पड़ती है…काहे धुलवाने में लगे हो पिता का कमाया🙁