#5जून_महासत्संग_साधनाTVपर
"5 जून कबीर साहेब प्रकट दिवस" के उपलक्ष्य में ज़रूर देखें जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ��ा महा सत्संग साधना चैनल पर सुबह 09 बजे से दोपहर 12 बजे तक ।
#satgurudevji
#PMModi
#5जून_महासत्संग_साधनाTVपर
"5 जून कबीर साहेब प्रकट दिवस" के उपलक्ष्य में ज़रूर देखें जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी का महा सत्संग साधना चैनल पर सुबह 09 बजे से दोपहर 12 बजे तक ।
#satgurudevji#PMModi
कबीर परमेश्वर जी ने गुरू और सतगुरू में भेद बताया तथा सच्चे गुरु के लक्षण बताए।
सतगुरु के लक्षण कहु, मधुरे बेन विनोद, चार वेद छः सास्त्र, वो कह अट्ठारह बोध।।
#pmmodi#Satgurdevji#AnupamaParameswaran
कबीर परमेश्वर जी ने गुरू और सतगुरू में भेद बताया तथा सच्चे गुरु के लक्षण बताए।
सतगुरु के लक्षण कहु, मधुरे बेन विनोद, चार वेद छः सास्त्र, वो कह अट्ठारह बोध।।
#pmmodi#Satgurdevji#AnupamaParameswaran
तब सिकंदर लोधी राजा ने कहा कि कबीर, यदि तू खु��ा है तो इस गऊ को जीवित कर दे अन्यथा तेरा सिर भी कलम कर (काट) दिया जाएगा। साहेब कबीर ने एक बार हाथ गऊ के दोनों टुकड़ों को लगाया तथा दूसरी बार उसके बच्चे के टुकड़ों को लगाया।
##Miracles_Of_GodKabir
#4DaysLeft_KabirPrakatDiwas
उबलते तेल में जलाने की चेष्टा
कबीर जी को जीवित जलाने के लिए उन्हें उबलते तेल के कड़ाहे में डाला गया। लेकिन समर्थ अविनाशी परमात्मा का बाल भी बांका नहीं हुआ।
#Miracles_Of_GodKabir#4DaysLeft_KabirPrakatDiwasकबीर
दादू जी का उद्धार
सात वर्ष की आयु के दादू जी को परमात्मा कबीर जी जिंदा महात्मा के रूप में मिले व ज्ञान सम��ाया और सतलोक दिखाया।
इसलिए परमात्मा कबीर जी की महिमा गाते हुए दादू जी कहते हैं :-
जिन मोकूं निज नाम दिया, सो�� सतगुरु हमार ।
दादू जी का उद्धार
सात वर्ष की आयु के दादू जी को परमात्मा कबीर जी जिंदा महात्मा के रूप में मिले व ज्ञान समझाया और सतलोक दिखाया।
इसलिए परमात्मा कबीर जी की महिमा गाते हुए दादू जी कहते हैं :-
जिन मोकूं निज नाम दिया, सोई सतगुरु हमार ।
"काशी का अद्भुत भंडारा"
शेखतकी मुस्लिम पीर ने कबीर साहेब क�� नीचा दिखाने के लिए 3 दिन के भंडारे की कबीर साहेब के नाम से सभी जगह झूठी चिठ्ठी डलवाई थी कि कबीर जी तीन दिन का भंडारा करेंगे, सभी आना। भोजन के बाद एक मोहर, एक दोहर भी देंगे।
"काशी का अद्भुत भंडारा"
शेखतकी मुस्लिम पीर ने कबीर साहेब को नीचा दिखाने के लिए 3 दिन के भंडारे की कबीर साहेब के नाम से सभी जगह झूठी चिठ्ठी डलवाई थी कि कबीर जी तीन दिन का भंडारा करेंगे, सभी आना। भोजन के बाद एक मोहर, एक दोहर भी देंगे।