जनता के हक में जन संघर्ष यात्रा के आगाज को लेकर कई लोगों ने मुझे मई के इस चिलचिलाती धूप का हवाला दिया।
मेरा यही कहना है कि
"राजनीति एक आग का दरिया है, ओर इसे तैर कर ही पार करना होगा"
ये वही हनुवंत सिंह है जो अपनी रियासत का विलय पाकिस्तान में करना चाहता था..सरदार वल्लभ भाई पटेल जी ने इनकी कनपटी पर बंदूक रखकर जोधपुर रियासत का विलय भारत में करवाया..
सरकार पटेल जी ने भारत-संघ के विलय पत्र पर 1 अगस्त 1949 को हस्ताक्षर कर अपने रियासत को भारत में विलय कर दिया.!
भारतवर्ष का यह सौभाग्य रहा है कि हर महत्वपूर्ण कालखंड में हमारे समाज के भीतर से ही एक ऐसी ऊर्जा निकलती है, जो सबको दिशा दिखाती है। भगवान ���ेवनारायण भी एक ऐसे ही ऊर्जापुंज थे, जिन्होंने अत्याचारियों से हमारी संस्कृति की रक्षा की।
भगवान देवनारायण ने जो रास्ता दिखाया है, उसी पर चलते हुए बीते 8-9 वर्षों से राजस्थान सहित पूरे देश में उपेक्षित और वंचित वर्गों को सशक्त करने का प्रयास किया जा रहा है।
राजस्थान की मिट्टी से जुड़े गुर्जर समाज ने सदैव राष्ट्र प्रहरी की भूमिका निभाई है। दुर्भाग्यवश इस समाज को इतिहास में वो स्थान नहीं मिल पाया, जिसका यह हकदार था। नया भारत बीते दशकों की उन भूलों को सुधार रहा है।