‘विश्व महिला समानता दिवस’ पर हम PDA में ‘A’ के रूप शामिल ‘आधी आबादी’ अर्थात स्त्रियों के लिए अपने ‘स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ के संकल्प को दोहराते है, जो स्त्रियों को सामाजिक रूप से सशक्त व आर्थिक रूप से सबल बनाने की योजना है। जिसमें हर ग़रीब, शोषित, वंचित स्त्री को सीधे अपने खाते में 40,000 रु हर साल मिलेंगे, जो हर साल बढ़ते जाएंगे। इसके अलावा ‘पीडीए प्रतिभाशाला’ के माध्यम से उन्हें हुनरमंद और आत्मनिर्भर बनाया जाएगा; मुफ़्त लैपटॉप व ‘साइकिल’ से उनकी प्रतिभा का सम्मान होगा। मोबाइल का मुफ़्त वितरण उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ेगा। लोहिया आवास व अन्य सुविधाएं मुफ़्त दी जाएंगी। मुफ़्त विशेष एंबुलेंस सेवा व ज़रूर�� पड़ने पर मुफ़्त क़ानूनी सहायता भी दी जाएगी। 1090 जैसी महिला सुरक्षा के लिए समर्पित योजना को AI तकनीक से और भी अधिक कारगर बनाया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। महिला सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्र��थमिकता होगी।
’स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ दरअसल ‘आधी आबादी’ की ‘पूरी आज़ादी’ का मिशन है।
भाजपा के राज में नारी को असुरक्षा, उपेक्षा और अपमान के सिवा कुछ नहीं मिला है। भाजपा नारी को नारे के विषय से अधिक कुछ नहीं समझती है।
जब भी कोई भाजपावाला आकर आप से नारी वंदन का नाटक करे तो आप उसे याद दिलाइए :
- लखनऊ अग्निकांड में मारे गये बच्चे की दुखी माँ के साथ मुख्यमंत्री जी ने जो सरेआम अपमान और दुर��व्यवहार किया और चेतावनी भरी आवाज़ में कहा कि ‘भाषण सुनने के मूड में नहीं हैं, उसे पूरे प्रदेश, देश और दुनिया ने देखा।
- हाथरस की बेटी के साथ कैसे अन्याय हुआ।
- कानपुर में कैसे माँ-बेटी को झोपड़ी सहित जलाकर बेरहमी से मारा गया।
- किताब लेकर भागती बच्ची का तस्वीर कौन भूल सकता है।
- खुशी दुबे के ��ाथ किस तरह बदले की भावना जैसा जुल्म करते हुए जेल में डालकर उत्पीड़न किया गया और उसकी बीमार माँ को बेसहारा छोड़ दिया गया।
ये तो गिने-चुने कांड हैं जो जनता के सामने आ गये। भाजपा और उनके सुरंगी-साथी मतलब संगी-साथी किस तरह दक़ियानूसी तंग नज़रिये के शिकार हैं ये सब जानते हैं।
भाजपा और उनके सुरंगी-साथियों की सोच सामंतवादी है।चूंकि सामंतवादी सोच शक्ति पर आधारित होती है, इसीलिए उस सोच ने ही पुरुष को सबल और नारी को अबला माना और उसे नैतिकता के दायरे में बँधकर रहने की सख़्त पाबंदी की बात कही। सामंतवाद में स्त्री को दासी या सेविका के रूप ही देखा जाता है। इसीलिए इन लोगों के संगठनों में भी स्त्री कभी उच्च स्थान नहीं पाती है।
आज की नारी अपनी आवाज़ उठाना चाहती है, जबकि संकीर्ण सोच के भाजपाई चाहते हैं कि वो मौन रहें। ये स्त्रियों के पहनावे और व्यवहार क��� लिए ही सारे नियम बनाते हैं। सवाल ये है कि भाजपाई आदर्श के सारे मानक सिर्फ़ नारी के लिए ही क्यों निर्धारित करते हैं?
भाजपाई हमारे समाजवादी मूल्यों के इसलिए ख़िलाफ़ हैं क्योंकि हम ‘स्त्री-पुरुष’ की बराबरी की बात करते हैं। समाज के निर्माण का आधार नारी को परिवार की धुरी मानना है। परिवार का विरोध, दरअसल नारी के विरोध का ही एक रूप है।
अयोध्या के राम मंदिर में चोरी के बाद प्रदेश की धार्मिक महिल���ओं का भाजपा से पूर्ण रूप से मोहभंग हो गया है। वो भाजपा के पाप की कमाई की एक पाई भी लेने को तैयार नहीं हैं।
2027 में समाजवादी फिर से आएंगे ‘स्त्री सम्मान समृद्धि’ योजना लाएंगे और हर नारी को ख़ुशहाली के नये सफ़र पर आगे बढ़ाएँगे।
हर स्त्री के लिए आज का हमारा यही संदेश व आह्वान है कि :
मुखर बनो, प्रखर बनो!
स्वतंत्र बनो, प्रबल बनो!!
सबल बनो, सफल बनो!!!
Be vocal, be radiant!
Be free, be powerful!!
Be strong, be successful!!!
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टिक लेते हैं पावर प्लांट बॉयलर का फिटिंग का
पलारी दम करने का
इतिहास आपको याद ही नहीं बल्��ि आपका दिवाना रहेगा सर!!
देश में आर्थिक सुधारों के जनक, आर्थिक बदलाव के शिल्पकार, मजबूत शख़्सियत, महान राजनेता पूर्व प्रधानमंत्री व अभिभावक डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन पर #ManmohanSingh
देश ने जिसका नमक खाया हो, उस इंसान को हमने खो दिया। शानदार जीवन के बाद दुनिया से टाटा।
क्या हम सब अपने प्रधानमंत्री जी से देश के असली रत्न ‘रतन टाटा’ जी के लिए आज भारत रत्न की माँग नहीं कर सकते हैं ?
@RNTata2000#RatanTata
देश ने जिसका नमक खाया हो, उस इंसान को हमने खो दिया। शानदार जीवन के बाद दुनिया से टाटा।
क्या हम सब अपने प्रधानमंत्री जी से देश के असली रत्न ‘रतन टाटा’ जी के लिए आज भारत रत्न की माँग नहीं कर सकते हैं ?