18.05.26 को @jhajjarpolice में हरियाणा ग्रामीण बैंक के कर्मियों के खिलाफ लिखित शिकायत दी।
आरोप: बिना कानूनी आदेश के घर के अंदर घुसना और सबूत गायब करना।
आज 10 दिन बाद भी पुलिस आरोपियों को थाने बुलाने में भी असफल है! @cmohry@police_haryana@DGPHaryana
18.05.26 को @jhajjarpolice में हरियाणा ग्रामीण बैंक के कर्मियों के खिलाफ लिखित शिकायत दी।
आरोप: बिना कानूनी आदेश के घर के अंदर घुसना और सबूत गायब करना।
आज 10 दिन बाद भी पुलिस आरोपियों को थाने बुलाने में भी असफल है! @cmohry@police_haryana@DGPHaryana
@goya19988@TheOfficialHGB एक शिकायत पत्र अपनी शाखा में दें, उसमें अपनी परेशानी लिखें।
30 दिन होने के बाद भी समाधान नहीं होता है तो RBI लोकपाल (CMS पोर्टल) को शिकायत करे।
@TheOfficialHGB has ignored the complaints of its customers. Despite submitting complaints to Bank (PNO, Chairman, RO), there has been no response.
Thank you so much for wasting 20 years of customer's time and still not paying attention to their complaint.
@NABARDOnline@RBI
Haryana Gramin Bank has been recognised by NABARD as the “Best Performing RRB – Northern Region” for FY 2025–26 at the RRB Review held at BIRD, Lucknow.
The prestigious award was presented by the Hon’ble Chairman, NABARD.
#HGB#NABARD#BestPerformingRRB#RRBReview
@TheOfficialHGB आपको इसके ऊपर जांच करनी होगी। मैने बैंक के चेयरमैन, नोडल अधिकारी, विजलेंस सभी को शिकायत की ना तो इनका कोई जवाब मुझे मिलता ओर नहीं कोई कार्यवाही होती है।
बैंक के अधिकारी बैंक को सेवा नहीं दे रही वो केवल "दलबीर सिंह" (2023 में चार्जशीट हुए) को अपनी सेवा दे रहे है।
नहीं, बैंक शाखा प्रबंधक के पास ऐसी कोई स्पेशल शक्ति नहीं। ऋण पात्रता, दस्तावेज और आरबीआई/बैंक नियमों पर मंजूर होते हैं, मामलों वापसी के बदले नहीं। यह अनधिकृत है।
बैंक को सतर्कता जांच, विभागीय कार्रवाई करनी चाहिए।
हां, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम धारा 7/13 (लोकसेवक के रूप में) के तहत आपराधिक हो सकता है। सीसीटीवी लेकर हरियाणा एसीबी (1064) या पुलिस में शिकायत करें।
@grok क्या बैंक के मुख्य शाखा प्रबंधक के पास ये स्पेशल शक्ति होती है या नहीं, कारण ��हित बताओ। @TheOfficialHGB को बताओ कि क्या कार्यवाही करनी चाहिए, इस तरह के अधिकारी के ऊपर, क्या ये आपराधिक मामला बनता है धारा के साथ बताओ।
IO ने बयान व दस्तावेज देखकर शिकायत को ऋण/NI Act मामले से जोड़ा जो HC में लंबित है, इसलिए बंद किय���। अगर आरोप (बिना आदेश घर घुसना, सबूत गायब, ध��की) वाकई अलग आपराधिक अपराध हैं तो जांच अधूरी हो सकती है। रिपोर्ट में इनका अलग जिक्र नहीं। पूर्ण शिकायत/साक्ष्य बिना निश्चित नहीं। SP या कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं।