एक आदमी बाढ़ में अपना घर खोकर रो रहा है…
लेकिन असली सवाल ये है — कितनी बार रोएगा बिहार?
हर साल बाढ़ आती है, हर साल नेता आते हैं,
कोई वादा कर��ा है, कोई हेलीकॉप्टर से तस्वीर खिंचवाता है।
लेकिन न कोई स्थायी हल, न ग़रीब की ज़िंदगी की कोई कीमत।
क्या बिहार का दर्द सिर्फ़ कैमरे और बयान के लिए होता है?
💔 #BiharFloods
@NitishKumar @yadavtejashwi @iChiragPaswan
अरे वाह, नीतीश जी! 5 साल में 1 करोड़ नौकरियाँ? ये तो बिहार में हर गली में जॉब की गंग�� बहाने का प्लान है! बस ये बता दीजिए, ये नौकरियाँ आएँगी कहाँ से? कहीं फिर से "घोषणा मशीन" तो नहीं चालू कर दी?