@NexaExperience I hade purchased your zeta 61kw e vitara its running only 290- 330 kms in full 100% charge and maruti's and showroom commitment was of 543kms . Its a fake commitment given to us and felt cheated by such a big brand
@Maruti_Corp#Evitara
I have been a customer of maruti from past 12 years and had a huge trust on maruti brand but this is really very disappointing by maruti . Worst experience ever had
@NexaExperience I purchased an evitara 61kw vehicle from ocean motors bhopal since the day i purchased my vehicle its not giving the range which was committed by showroom and maruti i.e. 543kms its only running 290- 330 kms in full charge
Despite many complaint no action has been take yet please resolve my complaint as soon as possible because its a false commitment which maruti is making and we havebeen felt cheated
आप सभी को हनुमान जयंती के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।
मारुति नंदन श्री हनुमान जी आप सभी का जीवन सुख-शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य से परिपूर्ण करें।
🙏 जय सियाराम 🙏
#हनुमान_जन्मोत्सव#HanumanJanmotsav
श्री हनुमान जन्मोत्सव के मंगल अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं ।
संकट मोचन आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं आरोग्य प्रदान करें। #हनुमान#श्री_हनुमान_जन्मोत्सव
मध्य प्रदेश भाजपा में हताशा अपने चरम पर है। पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का नाम लेना बंद कर दिया और उन्हें मुख्यमंत्री की दौड़ से बाहर कर दिया।
इसके जवाब में प्रधानमंत्री पर दबा�� बनाने के लिए पहले तो मुख्यमंत्री ने जनता के बीच यह पूछना शुरू किया कि मैं चुनाव लड़ूं या नहीं लड़ूं और अब सीधे पूछ रहे हैं कि मोदी जी को प्रधानमंत्री होना चाहिए या नहीं।
पीएम और सीएम की जंग में, भाजपा में जंग होना तय है। जिन्हें टिकट मिला, वह लड़ने को तैयार नहीं है और जो टिकट की रेस से बाहर हैं, वह सबसे लड़ते फिर रहे हैं।
भाजपा जितने सजावटी उम्मीदवार ला रही है, जनता का आक्रोश उतना ही ज़्यादा बढ़ रहा है, कारण स्पष्ट हैं:
- जनता मान रही है कि जो मंत्री चुनाव लड़ेंगे, उनका मंत्रालय जो पहले से ही सुप्त है अब और भी निष्क्रिय हो जायेगा, तो फिर जनता के रुके हुए काम ��ैसे होंगे। इस वजह से आक्रोश बढ़ रहा है।
- जो सत्ताधारी सासंद चुनाव लड़ेंगे उनका संसदीय क्षेत्र उपेक्षित होगा, जिसका ख़ामियाज़ा जनता ही भुगतेगी। इस वजह से आक्रोश बढ़ रहा है।
- ये तथाकथित बड़े लोग पार्टी के दबाव में बेमन से लड़ेंगे और हारेंगे तो जनता के ख़िलाफ़ हो जाएँगे, जिसके कारण जनता उनकी उपेक्षा और उनके उत्पीड़न का शिकार होगी। इस वजह से आक्रोश बढ़ रहा है।
- य���ि भाजपा के कोई एक-दो सांसद जोड़, जुगत, जुगाड़ से चुनाव जीत भी गये तो फिर बाद में विधायक के पद से इस्तीफ़ा देकर आगामी लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे, जिससे उप चुनाव का खर्चा होगा, जो जनता के टैक्स की ही बर्बादी होगी। इस वजह से आक्रोश बढ़ रहा है.
जनता के बढ़ते आक्रोश को देखकर भाजपा के अधिकांश नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता, सदस्य और समर्थक भूमिगत से हो गये हैं तथा जन-सेवा के लिए समर्पित कुछ अच्छे नेता अन्य विकल्प तलाश रहे हैं।
ये दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक संगठन के, सबसे बड़े विघटन का दौर है।
#LIVE कैमरे पर एक महिला पत्रकार से पहलवानों के साथ उत्पीड़न का आरोपी भाजपाई सांसद धमका रहा है, उनका माइक तोड़ रहा है,
क्या महिला बाल विकास मंत्री @smritiirani बता सकती है ये किसके शब्द है? किसके संस्कार है?
परिपक्वता की ओर बढ़ें :
• सबको सबकुछ बताना बंद करें
• अपेक्षाएं जितनी हो सकें उतनी कम रखें
• प्रक्रिया पर भरोसा रखें परिणाम का मोह छोड़ें
• ख़ुद के कृत्यों पे अंकुश लगाना सीखें
• तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचें और सोच समझकर जवाब दें
• दोष देना छोड़ जिम्मेदारी लेना शुरू करें