या तो आरक्षण हटाओ या फिर अन्य वर्गों की भांति OBC को भी उसकी संख्या के अनुपात में आरक्षण दो!
55% ओबीसी को 21% आरक्षण
7% EWS को 10%आरक्षण
इस वजह से इन दोनों वर्गों की कट ऑफ में
30-40अंकों का अन्तर रहता है!
#जितनी_जनसंख्या_उतना_आरक्षण
10 जातियों की मिला कर सरकारी नौकरी में भागीदारी सिर्फ 21% है और जनसँख्या इन 10 जातियों की मिलाकर 50 % है!
वहीं दूसरी तरफ ब्राह्मण समाज की जनसँख्या 4% है लेकिन 40% सरकारी नौकरी पर कब्जा किया हुआ है!
आरक्षण जनसँख्या के आधार पर होना चाहिए जिसकी जितनी आबादी उसकी उतनी हिस्सेदारी!
जिन लोगों ने घटिया काम किया है, उन्हें पता होगा कि सड़क जल्दी टूट जाएगी और सच्चाई सामने नहीं आएगी। ऐसे वीडियो देख कर हँस रहे होंगे।
भाजपा सांसद के भाई की कंपनी में भी राष्ट्र के प्रति प्रेम नहीं दिखता।
महाराष्ट्र के FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने Analog Paneer पर पूरे राज्य में पाबंदी लगा दी
आज कल युवा ठेले पर या रेस्टोरेंट में सैंडविच, फ्रैंकी और पिज़्ज़ा में मिला पनीर खाते वो Analog Paneer होता है.
30 रुपए के फ्रैंकी में पनीर
60 रुपए के पिज्जा में पनीर
50 रुपए के सैंडविच में पनीर
250 की ��ब्जी में पनीर
इतने कम कीमत पर पनीर आइटम कैसे मुमकिन है. असल में भारत के 90% लोग जो पनीर खा रहे हैं वो ओरिजिनल पनीर नही, Analog Paneer है. इसे पाम ऑइल, स्टार्च, स्टेबलाइजर, इम्लसिफायर, फ्लोवर और अन्य केमिकल मिलाकर बनाया जाता है.
Analog Paneer एक तरह का जहर है. इससे कैंसर या अन्य गंभीर बीमारी होने का खतरा होता है. भारतीय को प��ा नही पनीर खाने की आदत कब पड़ गयी ?
राजस्थान म���ं OMR घोटाला कृषि पर्यवेक्षक भर्ती 2018
इस बार भी कृषि पर्यवेक्षक भर्ती 2026 में यही फिर दोहराया जा रहा है। इस बार यही खेल मंत्रियों के चहेते लोग OMR भरवाकर कर रहे हैं।
हमेशा बढ़े पदों पर बैठे लोग छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं
#AgricultureSupervisor2026
भूख हड़ताल का 15वां दिन! सोनम वांगचुक सर की तबीयत बेहद नाज़ुक है BP काफ़ी गिर चुका है 104/66 पर!
15 दिनों में 7.8 किलो वजन घट चुका है... शरीर टूट रहा है, लेकिन देश के युवाओं के भविष्य के लिए इरादा आज भी फौलादी है।
इस सच्चे देशभक्त की गिरती सेहत देखकर भी क्या सिस्टम सोया रहेगा?
राजस्थान में कृषि शिक्षा को बेहतर करना है तो नई शिक्षा नीति के तहत Second Grade Teacher के पदों का सृजन कर जल्द से जल्द भर्ती का आयोजन करना चाहिए , ताकि कृषि स्नातक युवाओं को रोजगार मिले तथा कृषि शिक्षा बेहतर हो सके 🙏
@DrKirodilalBJP@ajaypanwar51@ChouhanShivraj
"जब 2008 का संकट आया, पूरी दुनिया हिल गई, तब मनमोहन सिंह ने मनरेगा के जरिए गरीबों के हाथ में पैसा दिया और भारत उसे संकट से बच गया। आज सारा पैसा पूंजीपतियों को दिया जा रहा है। बड़े पूंजी पत्तियों का 14 लाख करोड रुपए माफ कर दिया ग���ा। देशभक्ति का पाठ केवल गरबों को पढ़ाया जा रहा है, पूंजीपति पैसा इकट्ठा कर रहे हैं।
- अखिल स्वामी, अर्थशास्त्री
देश का खजाने पर ढाका
👉RBI केंद्र को ट्रांसफर करेगा लगभग 2.87लाख करोड़!
ये अब तक की सबसे बड़ी राशि होगी ।
ध्यान रहे देश में कोई युद्ध या अकाल नहीं आया है फिर भी ? खुलेआम लूट चल रही है जनता तमाशा देख रही है !!!
नोट-मुझे पता है आप लोग आवाज उठाने से डरते हो ग़ुलाम हो ��ुके हो ,लेकिन याद रहे चुप रहने से भी बचोगे नहीं देश उस गड्डे में गिरता जा रहा है जो गड्डे आने वाले 30 साल तक कोई भी सरकार भर नहीं पायेगी !!!
कम से कम सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर पोस्ट शेयर करके अपनी आवाज को बुलंद कर सकते हो ??
✍🏻हर्ष छिकारा ✍🏻
Serious Note to All देशप्रेमी-
Trump को कुछ दिन पहले चीन के पास जाना पड़ा…
क्योंकि चीन ने आँख दिखा दी थी। क्योंकि चीन ने rare earths और rare‑earth magnets पर कड़े export controls लगा दिए हैं, जिन पर पूरी high‑tech दुनिया काफी हद तक चीन पर निर्भर है।
Rare earths वही धातुएँ हैं जो mobile–laptop के magnets से लेकर fighter jets और missiles तक में लगती हैं। आज इनका 60% से ज़्यादा production और करीब 90% processing चीन के control में है। इसी monopoly के दम पर चीन rare earths पर export controls लगा कर पूरी दुनिया, खासकर अमेरिका, पर दबाव बना pa रहा है |
Rare earths सिर्फ चीन में नहीं, भारत के तटों में भी ��रपूर हैं |
असली लड़ाई “minerals किसके पास हैं” की नहीं, बल्कि “उन्हें refine और value‑add कौन कर सकता है” की है। पर heavy REE refining और magnet industry बनाने के लिए अभी भी आक्रामक निवेश और नीति‑साहस की ज़रूरत हैं |
जब तक हम अपने rare earths को खुद refine कर के high‑end magnets और motors नहीं बनाएँगे, तब तक Make in India भी “Assemble with China’s materials” ही रहेगा। I
मगर हम क्यों करेंगे? हमें तो घटिया राजनीति से फुर्सत मिले तब ना… हम तो कामचोर हैं।💔💔
~NEET पेपर लीक - कोई आवाज नहीं
~पेट्रोल डीजल मंहगा - कोई आवाज नहीं
~रुपया की गिरावट - कोई आवाज नहीं
~भयानक मंदी की आहट - कोई आवाज नहीं
~नौकरी पर खतरा - कोई आवाज नहीं
लेकिन "मेलोडी टॉफी" पर सुबह से हंगामा काटे हुए हैं।
पता नहीं क्या मजबूरी है इनकी, जो इनको शर्म भी नही�� आती है?
कृषि विभाग में पद खाली पड़े हैं,
फिर भी सरकार भर्ती बढ़ाने को तैयार नहीं।
कृषि विद्यार्थियों का आक्रोश अब सड़क से ट्विटर तक पहुंचेगा#agriculture supervisor