ज़मीन की कीमत 500 करोड़ और सौदा सिर्फ ₹1 में? कमाल की 'सांस्कृतिक' डीलिंग है! रसूखदार सलाहकार साहब पर इतनी मेहरबानी क्यों? जब रक्षक ही भक्षक बनकर कौड़ियों के भाव ज़मीनें लुटाएंगे, तो जनता का गुस्सा फूटना लाज़मी है।
@SamKhasa_ गजब की व्यवस्था है! साल भर बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र एक ही झटके में फेल मान लिए जाते हैं अगर वे NEET की 'कोचिंग' न ले पाएं��� जब पूरा सिस्टम ही पेपर लीक और धांधली से घिरा हो, तो ऐसे केंद्रीय टेस्ट का क्या फायदा?
@INCIndia गजब की विडंबना है! एक तरफ देश को महाशक्ति बनाने के बड़े-बड़े दावे और रैलियां हो रही हैं, और दूसरी तरफ देश की गृहणियां बच्चों के पालन-पोषण और राशन के लिए तरस रही हैं। खोखले भाषणों से किसी का घर नहीं चलता, साहब!
@DrLaxman_Yadav गजब का न्याय है! चुनाव खत्म होते ही जनता के अधिकारों पर बुलडोजर चलना शुरू हो गया। कागजी गड़बड़ी के नाम पर राशन और बैंक खाते बंद करना कौन सा ��ल्याणकारी मॉडल है? क्या अब गरीब को जिंदा रहने के लिए भी साहब की पर्ची चाहिए?
@BhajanlalBjp@babulalkharadi3 गजब का दृश्य है! जो लोग अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को लेकर सवाल उठाते थे, उन्हें यूएई के आसमान में उड़ते इन लड़ाकू विमानों का यह 'एस्कॉर्ट' जरूर देखना चाहिए। कूटनीति सिर्फ बयानों से नहीं, बल्कि ऐसे धरातल के सम्मान से दिखती है।
@ranvijaylive गजब का 'विश्वगुरु' मॉडल है! बाकी देश अपनी जनता का दर्द समझकर पेट्रोल-डीजल सस्ता कर रहे हैं, और हमारे यहाँ चुनाव खत्म होते ही ₹3 का 'रिटर्न गिफ्ट' थमा दिया जाता है। वाकई, हमारे यहाँ का 'अमृत काल' आम आदमी के लिए सबसे अनोखा है!
@jitupatwari गजब का '��मृत काल' है! एक तरफ देश को महाशक्ति बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, और दूसरी तरफ आम नागरिक बुनियादी जरूरतों के लिए भी संघर्ष कर रहा है। खोखले प्रचारों से पेट नहीं भरता, जनता को अब वास्तविक आर्थिक सुधार चाहिए!
@INCIndia जनता का यह गुस्सा उनके खाली होते पॉकेट और रोजमर्रा के संघर्षों का नतीजा है। जब देश का आम नागरिक महंगाई से त्रस्त हो, तब नेतृत्व का बार-बार विदेश उड़ जाना सवाल तो खड़े करेगा ही। सरकार को जमीनी हकीकत देखनी होगी।
@NayakRagini@INCIndia@kharge@priyankagandhi@kcvenugopalmp@Jairam_Ramesh गजब की टाइमिंग है! चुनाव खत्म, जनता का काम खत्म। राहुल गांधी जी की चेतावनी सच साबित हुई और ₹3 का 'गिफ्ट' जनता को मिल गया। साहब तो 'वैश्विक संबंधों' के लिए उड़ गए, पीछे जनता महंगाई के इस 'अमृत काल' के मजे ले रही है!
@DrLaxman_Yadav महंगाई अब किसी एक वर्�� की नहीं, बल्कि हर परिवार की समस्या बन चुकी है। टैक्स के ऊंचे दाम और जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतें मध्यम वर्ग की कमर तोड़ रही हैं। लोकतंत्र में जनता की इस आवाज को अनसुना करना किसी भी सरकार के लिए भारी पड़ सकता है।
@VinodJakharIN यह सिर्फ पेपर लीक नहीं, बल्कि ��ुवाओं के भविष्य का कत्ल है! सालों की मेहनत और मां-बाप की गाढ़ी कमाई को चंद भ्रष्टाचारी चंद मिनटों में बेच देते हैं। सरकार खोखले आश्वासनों के बजाय दोषियों पर ऐसी सख्त कार्रवाई करे जो मिसाल बने! #JusticeForNeetStudents
@s_afreen7 तमिलनाडु भारत के कपड़ा निर्यात की रीढ़ है। कपास पर इंपोर्ट ड्यूटी के कारण धागे की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे छोटे उद्योग बंद होने की क���ार पर हैं। लाखों परिवारों की आजीविका बचाने के लिए इस नीतिगत फैसले पर तुरंत सुधार जरूरी है।
@nehafolksinger लोकतंत्र में जैसी प्रजा होगी, वैसा ही राजा मिलेगा। अगर हमारी प्राथमिकताएं शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के बजाय ��ोखले प्रचार हैं, तो सिस्टम कभी नहीं सुधरेगा। जवाबदेही तय करनी है तो सबसे पहले अपने वोट की कीमत और जिम्मेदारी समझनी होगी।
@ssrajputINC भारतीय तेल कंपनियां भूटान को महंगा नहीं बेचतीं, बल्कि भारत सरकार और राज्य सरकारें अपने नागरिकों से पेट्रोल पर भारी टैक्स वसूलती हैं, जो भूटान की सरकार अपने नागरिकों से नहीं वसूलती। यही वजह है कि भारत का पेट्रोल भारत में ही महंगा है और सीमा पार जाते ही सस्ता हो जाता है।
@Rudhrayadav001 युद्ध और अंतरराष्ट्रीय संकट के नाम पर जनता को डराना बंद कीजिये। तेल सचिव खुद कह रहे हैं कि देश में पर्याप्त स्टॉक है और कोई राशनिंग नहीं होगी। लेकिन ऐसी अफवाहें इसलिए फैलती हैं क्योंकि सरकार ईंधन की बढ़ती कीमतों पर कोई ठोस नियंत्रण नहीं रख पा रही है।
@HansrajMeena भूमि अधिकार आदिवासियों का संवैधानिक हक है, प्रशासन की कोई ��ैरात नहीं। कोर्ट का अंतिम फैसला आने से पहले कार्रवाई करना यह साबित करता है कि तंत्र किस कदर निरंकुश हो चुका है। इस पूरे मामले की तुरंत उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
@priyanka2bharti एक तरफ युवाओं के पास रोजगार नहीं है, बुनियादी सुविधाएं ठप हैं, और दूसरी तरफ सिर्फ 34 मंत्रियों के ठाठ-बाठ पर हर महीने 71 लाख का डीजल उड़ाया जा रहा है। टैक्सपेयर्स के पैसे का ऐसा दुरुपयोग लोकतंत्र का मजाक है। इसकी सीमा तय होनी चाहिए!
@NayakRagini@rssurjewala गजब का 'विकास मॉडल' है! अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता हो जाए, तब भी देश में कीमतें आसमान छूती हैं। 43 लाख करोड़ की इस 'कमाई' के बाद भी अगर गरीब की थाली खाली है, तो सोचना पड़ेगा कि यह पैसा आखिर किसकी जेब में जा रहा है?
@AadiwasiDendor खंडवा से उठी यह न्याय की मांग अब दबने वाली नहीं है। यह लड़ाई सिर्फ ज़मीन की नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता और पहचान की है। राष्ट्रपति जी और प्रधानमंत्री जी, इस प्रशासनिक तानाशाही पर तुरंत संज्ञान लें। आदिवासियों के अधिकारों से खिलवाड़ बंद हो!
@Abhimanyu1305 माँ' शब्द में ही दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है, जो ट्रेन के नीचे रहकर भी बच्चों पर खरोंच नहीं आने देती। घायल होने के बावजूद बच्चों ��ो बचाना माँ के अटूट प्रेम की मिसाल है। ईश्वर उन्हें जल्द स्वस्थ करे। कृपया सब लोग सुरक्षित यात्रा करें, शॉर्टकट न अपनाएं।