यूपी के मथुरा में कॉकरोच दिख रहे हैं. कल एक कॉकरोच नगर निगम के दफ़्तर पहुंचा था. जिसे देख लोग हैरान रह गए.
और आज ये कॉकरेच यमुना की गंदगी दिखाने नाले में घुस गया है. ये कॉकरेच यमुना में सीधे गिरते नाले को दिखा रहा है.
Launching a campaign demanding the resignation of Education Minister Dharmendra Pradhan.
Please sign the petition:
https://t.co/WQ6MbRPTnK
#EduMinisterMustResign
गुजरात की सियासत में बदलाव की गूंज अब साफ़ सुनाई देने लगी है।
यह सिर्फ़ नुक्कड़ सभाओं का नज़ारा नहीं, बल्कि गुजरात की आत्मा से उठती एक नई आवाज़ है। आम आदमी पार्टी आज गुजरात की गलियों, चौपालों और खेतों तक पहुँच चुकी है। ईशुदान गढ़वी की बेबाक आवाज़, गोपाल इटालिया की ज़मीनी पकड़, चैतार वसावा का आदिवासी स्वाभिमान और मनोज सरोठिया की संगठनात्मक ताक़त इन सबके साथ पार्टी ने सत्ता के किले को चुनौती देने का ऐलान कर दिया है।
नुक्कड़ सभाओं से लेकर विशाल जनसभाओं तक, महापंचायतों से लेकर किसान आंदोलनों तक आम आदमी पार्टी का हर नेता आज हर गुजराती के साथ खड़ा है। यह लड़ाई सिर्फ़ भाषणों की नहीं, बल्कि रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान और नौजवान के हक़ की है। यह लड़ाई उस आम आदमी की है, जिसकी आवाज़ को सालों तक दबाया गया।
2027 की राजनीति अब एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। सत्ता की शतरंज पर दशकों से जमे पुराने मोहरे अब हिलने लगे हैं। गुजरात की धरती से उठी यह चुनौती केवल चुन���वी अंकगणित नहीं, बल्कि सोच, नीति और नेतृत्व में ऐतिहासिक बदलाव का संकेत है। जनता अब भ्रम नहीं, जवाब चाहती है। अब विकल्प नहीं, परिवर्तन चुनने के मूड में है।
जिस निज़ाम ने कभी गुजरात की धरती से अपनी सत्ता की नींव रखी थी, आज वही निज़ाम सत्ता की सनक में डूबकर जनता से कट चुका है। और इतिहास गवाह है जब जनता उठती है, तो सबसे मज़बूत सत्ता भी ढह जाती है।
गुजरात अब बदलाव मांग रहा है।
और यह बदलाव अब रुकने वाला नहीं है।
गुजरात में मोदी जी की रैली में खर्च हुआ आदिवासी विकास फण्ड का 50 करोड़।
आम आदमी पार्टी के डेडियापाड़ा से विधायक चैतर वसावा ने प्रशासन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डेडियापाड़ा कार्यक्रम पर हुए खर्च का पूरा हिसाब मांगा था। जवाब में हर विभाग का खर्च करोड़ों रुपये में बताया गया।
उन्होंने कहा कि मंडप पर करीब 7 करोड़, डोम पर 3 करोड़, स्टेज पर 5 करोड़, चाय-नाश्ते पर 2 करोड़ और बसों पर 7 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसके अलावा बैनर, टॉयलेट, होटल और खाने-पीने पर भी करोड़ों रुपये खर्च किए गए।
चैतर वसावा ने सवाल उठाया कि एक तरफ बच्चों की छात्रव��त्ति और सिकलसेल की सहायता बंद कर दी गई, वहीं दूसरी तरफ आदिवासी विकास ग्रांट के 50 करोड़ रुपये इस तरह बेकार खर्च कर दिए गए.
ये फण्ड गरीब आदिवासियों के विकास के लिए जो फण्ड आता है, उस फण्ड का इस्तेमाल किया गया है।
गरीब लोगो के विकास का फण्ड मोदी अपनी रैली में खर्च कर रहे है।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में 2 करोड़ 40 लाख 86 हज़ार रुपए से ज़्यादा की रकम Mobile Toilet पर खर्च की गई। इन Toilet में श��यद प्लेटेनियम का कमोड लगवाया गया है।
गुजरात में प्रधानमंत्री को चुनावी दिखावा करने के लिए एक स्कूल नहीं मिला था, जिसके बाद उन्हें नक़ली स्कूल बनवाना पड़ा था लेकिन करोड़ो रुपए टॉयलेट पर खर्च किए जा रहे हैं।
- @Saurabh_MLAgk जी, दिल्ली प्रदेश संयोजक, AAP
गुजरात में आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ रहा लोगों का हुजूम🔥
आम आदमी पार्टी के 'गुजरात जोड़ो' अभियान के तहत AAP विधायक @Chaitar_Vasava जी की उपस्थिति में कातु घोघंबा तालुका में एक विशाल जनसभा आयोजित की गई, जिसमें स्थानीय लोग का हुजूम उमड़ आया।
यह हुजूम इस बात का प्रतीक है कि गुजरात की जनता अब प्रदेश में बदलाव चाहती है और वह आम आदमी पार्टी को अपनी उम्मीद के रूप में देख रही है।
बनासकांठा जिले के अंबाजी के पास स्थित पालड़िया गांव में आदिवास��� समुदाय, वन विभाग और पुलिस के बीच एक हिंसक घटना हुई थी।
उस घटना को लेकर कल 17 दिसंबर को आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी, लीगल टीम और आदिवासी समाज के सभी संगठनों के पदाधिकारियों के साथ सुबह 10:30 बजे अंबाजी माता के दर्शन कर गब्बर पर्वत पर एकत्र होकर पालड़िया गाँव की मुलाक़ात लेगे। इस हिंसा की जड़ क्या है? इसकी शुरुआत किसने की? यह हिंसा क्यों हुई? कानूनी कार्रवाई के दौरान केवल आदिवासी लोगों पर ही कार्रव��ई क्यों की गई? जिन्होंने शुरुआत में लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और फायरिंग की, उन पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों द्वारा लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले छोड़ना और 50 राउंड फायरिंग करना क्यों आवश्यक समझा गया? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए हम आदिवासी समाज के सभी संगठनों के पदाधिकारियों और हमारी लीगल टीम के साथ गांव का दौरा करेंगे। गांव में जो भी घटनाएं हुई हैं, उनकी सच्चाई जान���र आदिवासी समाज को मिले अधिकारों का सही उपयोग कैसे हो और भविष्य में हिंसा कैसे रोकी जाए,इन विषयों पर हम चिंतन करेंगे।
@TribalArmy
Savage Delhi crowd at Messi event shouts “AQI..AQI..” right when BJP CM Rekha Gupta walks into the stadium 😂
This is some trolling. Finally Rekha ji getting a credit she totally deserves.
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने फिर करवाई दुनिया के सामने दिल्ली और देश की फ़ज़ीहत—
CM रेखा गुप्ता जैसे ही दुनिया के महान Football खिलाड़ी Lionel Messi से मिलने मंच पर पहुँची,
दिल्ली वालों ने नारा लगा दिया— AQI! AQI!
चुनाव में आजकल इतना पैसा लगता है कि एक आम नागरिक या किसान का बेटा चुनाव नहीं लड़ सकता।
चुनाव में अगर पहला सुधार लाना है तो चुनाव में लगने वाले पैसे को Reform Category में लाना पड़ेगा।
दूसरा Voter List इतनी महत्वपूर्ण है कि अगर 1% भी गड़बड़ी हो जाए तो Large Scale पर Seats पर प्रभाव पड़ सकता है इसलिए Voter List को ठीक ढंग से Verify किया जा सके, इसमें सुधार की जरूरत है।
-@SandeepPathak04
दिल्ली NCR में प्रदूषण अब Emergency बन चुका है,
लेकिन न PM और न ही पर्यावरण मंत्री चिंतित दिख रहे।
पूरे नॉर्थ इंडिया को प्रदूषण के हवाले छोड़ दिया BJP ने!
आम आदमी पार्टी राजनीति में लोगों की सेवा करने आई है 🙏
गोवा में हमारे 2 विधायक हैं और उन्होंने अपनी विधानसभाओं में शानदार काम किया है। किसी से भ�� कोई पैसा नहीं लिया, ना कभी किसी को कोई धमकी दी है।
हमारे दोनों विधायकों ने अपने दफ्तरों में क्लीनिक खोले हुए हैं, वहाँ लोगों का मुफ्त इलाज किया जाता है। @AmitPalekar10 जी ने अपने घर के अंदर क्लीनिक खोला है।
- @ArvindKejriwal