मेरे प्यारे छात्रों, युवाओं और भारत के Gen Z,
आपके साथ सारा देश देख रहा है कि आज ���क टूटी हुई शिक्षा व्यवस्था ने आपकी उम्मीदों की लौ को बुझा कर आपके भविष्य को अंधेरे में धकेल दिया है।
‘छात्रों की गूंज’ के माध्यम से मैं अलग-अलग शहरों में आपसे मिलकर आपकी चुनौतियां समझ रहा हूं। इसी मुहिम के साथ 19 सितंबर को मैं फिर आपके बीच, इंदौर में रहूंगा।
मगर इस सिस्टम को बदलने के लिए पूरे देश के हर छात्र की आवाज़, उनका दर्द और उनकी राय सुनी जानी ज़रूरी है।
नीचे दिए लिंक पर जाकर बताइए - आपको अपने सपने पूरे करने से क्या रोक रहा है? आप वीडियो बनाकर भी अपनी बात हम तक पहुंचा सकते हैं।
आपकी समस्याएं। आपके सुझाव। हम मिलकर उम्मीद फिर से लौटाएंगे।
https://t.co/LJKkkNMrGM
#ChhatronKiGoonj
MPSC विद्यार्थ्यांसाठी राहुल गांधींनी आवाज बुलंद केलाय.
जोपर्यंत MPSC ची विश्वासार्हता परत मिळत नाही आणि अध्यक्ष चा राजीनामा होत नाही तोपर्यंत हा लढा सुरूच राहील.
राहुल गांधी 🔥🔥🔥
IT हब हिंजवडी; मात्र मूलभूत सुविधांचा अभाव कायम!
पुणेकरांनी भाजपला सत्ता दिली, मात्र हिंजवडीसारख्या महत्त्वाच्या IT परिसरात आजही खराब रस्ते, खड्डे, अपुरा पाणीपुरवठा आणि रखडलेली मेट्रो यांसारख्या मूलभूत प्रश्नांना नागरिकांना सामोरे जावे लागत आहे.
विकासाच्या मोठमोठ्या दाव्यांपेक्षा प्रत्यक्ष जमिनीवरील काम महत्त्वाचे असते. हिंजवडीतील नागरिकांचा वाढता असंतोष हा भाजप सरकारच्या कार्यक्षमतेवर गंभीर प्रश्नचिन्ह उपस्थित करणारा आहे.
नागरिकांना ��ता, जाहिरातीतील विकास नव्हे, प्रत्यक्ष आयुष्यात दिसणारा विकास हवा!
निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।
साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो।
अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दू��री तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है।
@narendramodi जी, @AmitShah जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे?
निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
जय भीम। जय संविधान।
भाजपा और 'वोट चोरी आयोग' के तरीके बदलते रहते हैं, और बदलते रहेंगे - मकसद बस एक ही है: किसी भी क़ीमत पर BJP की जीत, और भारत के लो��तंत्र का अंत।
महाराष्ट्र 2024 - लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच अचानक 39 लाख नए वोटर जुड़ गए। मैंने तब भी कहा था, आज भी कहता हूँ: यह वोट चोरी थी।
बंगाल 2026 - SIR में जिन नामों को काटा गया, उनमें से 91% नाम अपील के बाद वापस जोड़ने पड़े। यानी हर 10 में से 9 नाम गलत तरीके से काटे गए, और नाम चुनाव के बाद ही जोड़े गए। मैंने तब भी कहा था, आज भी कहता हूँ: यह वोट चोरी थी।
और अब महाराष्ट्र में 2.07 करोड़ मतदाताओं को ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर कर दिया गया है - यानी हर पांचवां वोटर।
लोक सभा 2024: 9.29 करोड़
विधान सभा 2024: 9.7 करोड़
SIR 2026: 7.78 करोड़
कौन सी लिस्ट सही थी?
वोट चोरी से बनी सरकार के लिए जनता ज़रूरी नहीं है - यही कारण है कि ये BJP न जनता की सुनती है, न उनका आदेश मानती है।
‘मी पुण्यात असेपर्यंत युवक काँग्रेसच्या कार्यकर्त्यांना सोडू नका, त्यांना स्टेशनमध्येच बसवून ठेवा,’ असे आदेश पुणे पोलिसांना देणारे ‘फट्टू’ फडणवीस आज पुण्यात बरंच काही बडबडले आहेत.
भाजप-संघाची दिल्लीपासून गल्लीपर्यंतची ही हाफ चड्डीतली पिलावळ युवक आणि विद्यार्थ्यांच्या रोषाला, जननायक राहुलजी गांधी यांना आणि ‘छात्रों की गूंज’ला मिळत असलेल्या प्रचंड समर्थनाला पाहून एवढी बावचळली आहे की काहीही बडबड करत सुटली आहे.
ज्या हाफ चड्डीतल्या फडणवीसांसारख्याच डरपोक आणि ब्रिटिशांचे तळवे चाटणाऱ्या त्यांच्या पूर्वजांनी ‘वंदे मातरम्’ला विरोध केला, त्यांनी अभिमानाने ‘वंदे मातरम्’ आणि ‘जन गण मन’ गाणाऱ्या काँग्रेसला देशप्रेम शिकवू नये. त्यामुळे त्यांचेच तथाकथित खोटे देशप्रेम जनतेसमोर उघडे पडत आहे, एवढं नक्की!
हा आधुनिक भारत उभा करणारा काँग्रेस पक्ष, भा��पच्या विद्वेषी गॅंगचा महिला आरक्षणाच्या आडून देशाचा समतोल बिघडवू पाहणारा ‘Delimitation’ कायदा कधीही पारित होऊ देणार नाही.
फडणवीसजी, कितीही खोटं बडबडलात तरी आता देशाची जनता तुमचं ऐकत नाहीये. तुम्ही कितीही प्रयत्न करा, जनता तुम्हाला आणि तुमच्या विद्वेषी गॅंगला चांगलंच आपटायला उत्सुक आहे.
गेट वेल सून, फडणवीस…!
NCLT - “नेता-कंपनी लूट ट्रिब्यूनल”
किसान 50 हज़ार न चुकाए तो ज़मीन नीलाम हो जाती है। Salaried एक EMI न भर पाएं तो घर पर बैंक के गुंडे पहुंच जाते हैं। गरीब छात्रों को तो शिक्षा तक के लिए लोन नहीं मिलता।
मगर, चुनिंदा "मित्रों" के लिए बैंक का पैसा निजी संपत्ति है - कितना भी निकालो, जो मर्ज़ी चुकाओ।
मोदी सरकार ने देश में दो व्यवस्थाएं बना रखी हैं - एक चंद अरबपतियों के लिए, दूसरी बाक़ी सबके लिए।
महाराष्ट्र के छात्रों ने एक लड़ाई जीत ली है।
MPSC की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा और पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द हुई - यह सरकार की मेहरबानी नहीं, उन छात्रों की जीत है जो मार्च में ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के पेपर लीक के बाद से डटे रहे।
दबाव झेला, तानें सुने, महीनों इंतज़ार किया - पर आवाज़ उठ��ना नहीं छोड़ा। आप सब पर गर्व है।
पर याद रखिए - एक परीक्षा रद्द होना जीत है, न्याय नहीं। जब तक लीक कराने वालों को सज़ा नहीं मिलती, यह लड़ाई अधूरी है।
आगे और लड़ाइयां हैं। और हर एक में मैं आपके साथ हूं।
हमें इस पूरे system को ठीक करना है - ताकि हर बच्चे के लिए शिक्षा बेहतर हो, और मेहनत का दाम हर किसी को मिले।
#ChhatronKiGoonj
धन्यवाद राहुल जी!
तुम्ही विद्यार्थ्यांचा आवाज बुलंद केला, त्यांच्या न्याय्य हक्कांसाठी ठामपणे उभे राहिलात. तुमच्या पाठपु���ाव्यानंतर MPSCने पेपरफुटीची बाब मान्य करत संबंधित भरती रद्द करण्याचा निर्णय घेतला.
विद्यार्थ्यांच्या संघर्षाला न्याय मिळवून देण्यासाठी दिलेला हा लढा निश्चितच प्रेरणादायी आहे.
पेट्रोल दुसऱ्याकडून घेऊ नये म्हणून ऊस वापरण्यात आला...
ऊसाचा इतका वापर करण्यात आला की, आता साखरच दुसऱ्याकडून घेण्याची वेळ आली !
आत्मनिर्भरतेचा हा उलटा प्रवास...!
मोदींच्या ���हकार्याने बलात्कार्यांचे सुगीचे दिवस !
बलात्कारी बाबा राम रहीम जेलमध्ये सुट्ट्या घालवून पुन्हा घरी परतला आहे. २० वर्षांची शिक्षा अशीच मजे मजेत करत पूर्ण होणार आहे !
पॅरोल च्या नावाखाली जेलबाहेर मजेत राहण्याची संपूर्ण यादी 👇
1. ऑक्टोबर २०२०: १ दिवसांची पॅरोल
2. मे २०२१: १ दिवसांची पॅरोल
3. फेब्रुवारी २०२२: २१ दिवसांची फरलो
4. जून २०२२: ३० दिवसांची पॅरोल
5. ऑक्टोबर २०२२: ४० दिवसांची पॅरोल
6. जानेवारी २०२३: ४० दिवसांची पॅरोल
7. जुलै २०२३: ३० दिवसांची पॅरोल
8. नोव्हेंबर २०२३: २१ दिवसांची फरलो
9. जानेवारी २०२४: ५० दिवसांची पॅरोल
10. ऑगस्ट २०२४: २१ दिवसांची फरलो
11. ऑक्टोबर २०२४: २० दिवसांची पॅरोल
12. जानेवारी २०२५: ३० दिवसांची पॅर��ल
13. एप्रिल २०२५: २१ दिवसांची फरलो
14. ऑगस्ट २०२५: ४० दिवसांची पॅरोल
15. जानेवारी २०२६: ४० दिवसांची पॅरोल
16. मे २०२६: ३० दिवसांची पॅरोल
17. ऑगस्ट २०२६: २१ दिवसांची फरलो
राहुल गांधींनी आता सगळ्या राजकीय पक्षांना जीवनावश्यक मुद्द्यांवर, स्त्रीया व मुलींच्या, शिक्षणाच्या, पितृसत्ताक प्रथेतून होणाऱ्या अन्यायाच्या प्रश्नांवर बोलणे अपरिहार्य केले आहे. एकवेळ अशी होती की अशिक्षित मोदी-शाह आणि धर्मांध भाजपने धार्मिक स्थळी जाऊन घाणेरड्या नद्यांमध्ये पवित्रस्नान करणे, पूजा घालणे अक्षरशः राहुल गांधींना सुद्धा अपरिहार्य केले.
आता भाजपच्या वरिष्ठ नेत्यांपासून ते गल्लीतील कार्यकर्त्यांपर्यंत सर्वाना राहुल गांधींमुळे अभ्यासपूर्ण विधाने करणे, मुद्देसूद बोलणे बंधनकारक झाले आहे. राहुल गांधींनी बेताल बोलणाऱ्यांचा व सतत राजकीय विधाने करणाऱ्यांचा काळ संपुष्टात आणला आहे.
मोदी सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि “दिल्ली पुलिस की तारीफ करनी चाहिए।”
संसद से आधा किलोमीटर दूर, शांतिपूर्ण छात्रों पर पैलेट गन चली, कील लगी लाठियाँ चलीं, एक बच्चे की आँख चली गई, एक बच्ची का कान कट गया। इस बर्बरता की तारीफ करनी चाहिए?
मैं ख़ुद उन घायल बच्चों से मिला हूँ। हज़ारों वीडियो देश ने देखे हैं।
इस सरकार का मूल मंत्र ही असत्य और हिंसा है। पहले बच्चों पर लाठी चलाओ, फिर बोल दो कि कुछ हुआ ही नहीं।
पूरे सत्र “��ापता” अमित शाह विपक्ष से भागते रहे। और प्रधानमंत्री ने आज तक छात्रों से माफ़ी नहीं माँगी।
सच्चाई यह है कि इस देश के लिए सबसे बड़ा ख़तरा यही दिमाग से खाली लोग हैं - जिन्हें न अपनी ग़लती दिखती है, और दिखने पर मानते नहीं।
देश के बच्चों से झूठ मत बोलिए। उनके पास आँखें हैं और याददाश्त भी।
जब मैं पहली बार MLA बना था, तब अमित शाह बच्चे थे और आज हमें देशभक्ति सिखा रहे हैं।
BJP और इनके पुरखों ने कभी आजादी की लड़ाई नहीं लड़ी, इसलिए ये लोग कांग्रेस के लोगों को देशभक्ति न सिखाएं।
असल में- 'Anti-India' और 'Anti-religion' तो BJP है, क्योंकि जब मैंने उत्तराखंड में भाषण दिया तो BJP के लोगों ने भाषण मंच का शुद्धिकरण कर दिया।
क्या BJP को उनके गुरुओं ने यही सिखाया है?
: कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge
📍 गोवा