कैसे हज़ारों गुंडे किसानों के नाम पर लालक़िले पर चढ़ जाते है और अब तक किसी को सजा नहीं मिली? पूरी दुनिया में देश को शर्मसार करने के लिए कोई ज़िम्मेदार नहीं है? और कैसे कुछ गुंडे देश के प्रधानमंत्री के क़ाफ़िले को रोक सकते हैं? क्या ये लोकतंत्र है? क्या देश इसी दिशा में चलेगा?
सन 1971 मे, भारत पाक युद्ध की अभूतपूर्व विजय की स्वर्ण जयंती के गौरवपूर्ण अवसर पर, अखिल भारतीय पूर्व सैनिक परिषद द्वारा, आज अनेकों भूतपूर्व सैन्य योद्धाओं के सम्मान में एक शानदार समारोह आयोजित किया गया.
आज इन वीर सैनिकों के बीच मुझे भी बैठने का गौरव हासिल हुआ...जय हिन्द