#यह_नहीं_चलेगा
निजी स्कूलों की हर साल की फीस लूट, यूनिफॉर्म-किताबें जबरन एक ही दुकान से—क्या शिक्षा व्यापार बन गई है? अब ये मनमानी बंद होनी चाहिए!
@yadavakhilesh
सुबह 8:00 बजे रेलवे की साइट खुलते ही पूरा प्रोसेस किया।8:02 पर पेमेंट क्लियर हुआ, लेकिन 247 सीटों के बावजूद मुझे टिकट नहीं मिला।
भारतीय रेल मंत्रालय इस पर संज्ञान ले – क्या हैकर हमसे तेज़ हैं या सिस्टम में ही कोई खेल चल रहा है?"
@indianrightwing@RailMinIndia@Central_Railway
सुबह 8:00 बजे रेलवे की साइट खुलती है मैं सारा प्रोसेस कंप्लीट करने के बाद 8:02 पर मेरा पेमेंट क्लियर हो जाता है और 247 सीटों में मुझे सीट नहीं मिलता है..
ये भारतीय रेल मंत्रालय संज्ञान ले हैकर कहां आपसे आगे है या सिस्टम में ही खेल चल रहा है
सुबह 8:00 बजे रेलवे की साइट खुलती है मैं सारा प्रोसेस कंप्लीट करने के बाद 8:02 पर मेरा पेमेंट क्लियर हो जाता है और 247 सीटों में मुझे सीट नहीं मिलता है..
ये भारतीय रेल मंत्रालय संज्ञान ले हैकर कहां आपसे आगे है या सिस्टम में ही खेल चल रहा है
शिक्षा को व���यवसाय का साधन बनाने वाले स्कूलों के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान में,छात्रों और अभिभावकों की आवाज़ बनकर मेरा साथ देने वाले सभी पत्रकार साथियों का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ
आपकी कलम हमारी सबसे बड़ी ताक़त है
हम सब मिलकर इसे जनहितकारी बनाने का संकल्प पूरा करेंगे
जब राज ठाकरे ब���ले — 'महाराष्ट्र स्टाइल'
जब आम आदमी बोले — 'बुलडोजर स्टाइल'
भाषा पर हिंसा को जायज़ ठहराना अगर आम आदमी करे तो जेल तय,
लेकिन नेता बोले तो बीजेपी मौन!
यही है बीजेपी का जंगलराज —
जहां कानून सिर्फ जनता पर चलता है, नेताओं पर नहीं।"
#JungleRaj #RajThackeray #BJP
जैसे को तैसा जवाब देना ही पड़ेगा!
अगर कभी ये राज ठाकरे मुझे दिल्ली में या किसी एयरपोर्ट पर मिल गया, तो ऐसा तमाचा जड़ूंगा कि इसकी सात पीढ़ियां किसी गरीब मज़दूर को परेशान करने ��े पहले सौ बार सोचेंगी।
उत्तर भारतीयों पे हमला किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ।
जैसे को तैसा जवाब देना ही पड़ेगा!
अगर कभी ये राज ठाकरे मुझे दिल्ली में या किसी एयरपोर्ट पर मिल गया, तो ऐसा तमाचा जड़ूंगा कि इसकी सात पीढ़ियां किसी गरीब मज़दूर को परेशान करने से पहले सौ बार सोचेंगी।
उत्तर भारतीयों पे हमला किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा ।
मराठी नहीं सीखूंगा’ लिखने पर सुशील केडिया के ऑफिस पर हमला।
क्या अब अभिव्यक्ति की आज़ादी का जवाब पत्थर देंगे?
सरकार की ���ुप्पी शर्मनाक है।"
@yadavakhilesh
राज ठ���करे खुलेआम उत्तर भारतीयों को पीटता है, और भाजपा सरकार तमाशा देखती है।
गरीबों की झोपड़ी पर बुलडोजर दौड़ाने वाली सरकार, ठाकरे के बंगले पर आकर लंगड़ी हो जाती है।
कानून सिर्फ कमज़ोरों पर चलता है।
ठाकरे पर नहीं — क्योंकि वो भाजपा की चुप्पी का फायदा है।
#उत्तर_भारतीय
महिला सशक्तिकरण की पहचान भारतीय संसद में शोषितों वंचितों पिछड़ों दलितों आदिवासियों और आधी आबादी की सशक्त आवाज नौजवानों की उम्मीद मैनपुरी की लोकप्रिय सांसद श्रीमती डिंपल यादव ���ी का गोरखपुर में गर्म जोशी से स्वागत किया गया l
@dimpleyadav
गोरखपुर में माता प्रसाद पांडेय जैसे वरिष्ठ नेता पर हमला, ये कोई सामान्य घटना नहीं है — ये उस जंगलराज की निशानी है जो सत्ता की छांव में पनप रहा है।
#जंगलराज@yadavakhilesh
सरकारी आदेश था – वरिष्ठ डॉक्टर ही बने अधीक्षक।
लेकिन BJP राज में कुर्सी बोली में बिकती है।
रिश्वत दो, प्रभारी बनो – अनुभव गया भाड़ में।
नौकरशाहों की लूट और सरकार की चुप्पी – यही है ‘सुशासन’?
#भ्रष्टाचार_की_सरकार#स्वास्थ्य_तंत्र_की_हत्या"
@DistrictSant
@DhsKabir
"D-Mart के कर्मचारी को सिर्फ इसलिए पीटा गया क्योंकि उसे मराठी नहीं आती! ये गुंडागर्दी है? भाजपा राज में धर्म, जाति और भाषा के आधार पर भेदभाव बढ़ा है,और शिकार बन रहे हैं गरीब मजदूर।
@MumbaiPolice, ऐसे अराजक तत्वों पर कार्रवाई होगी या हिंसा को ऐसे ही बढ़ावा मिलता रहेगा?
हैलो @grok अपने देश के नागरिकों को मस्जिद मंदिर की राजनीति में की पीसने वाली सरकारे देशभक्त की श्रेणी में आती है को देशद्रोह की श्रेणी में ....कृपया जवाब दे ।
अन्याय पर न्याय की विजय और अहंकार के अंत का प्रतीक, होलिका दहन का यह पावन पर्व आपके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लेकर आए। समस्त देशवासियों को होलिका दहन की हार्दिक शुभकामनाएँ!
महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🔱
भोलेनाथ की असीम कृपा से आपका जीवन सुख, शांति और समृद्धि से भरपूर रहे।
महादेव का आशीर्वाद आपको शक्ति, सफलता और सद्बुद्धि प्रदान करे।
हर हर महादेव! 🕉️🚩
उप्र सरकार को महाकुंभ में फँसे लोगों के राहत के लिए व्यवस्था संबंधित सुझाव :
- भोजन-पानी के लिए जगह-जगह दिन-रात ढाबे खोलने और भंडारों के आयोजन की अपील की जाए।
- प्रदेश भर से मेडिकल और पैरा मेडिकल स्टाफ़ को स्वयं सेवी लोगों के दुपहिया वाहनों के माध्यम से दूरस्थ इलाक़ों में फँसे लोगों तक पहुँचाने की व्यवस्था हो।
- महाकुंभ के आस-पास और प्रदेश भर में मीलों तक फँसे वाहनों को पेट्रोल-डीज़ल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
- दवाई की दुकानों को दिन-रात खोलने की अनुमति दी जाए।
- लोगों को कपड़े और कंबल दिये जाए।
जहाँ हज़ारों करोड़ रूपये प्रचार पर और दुर्घटना की ख़बरें दबाने के लिए बहाए जा रहे हैं वहाँ पीड़ितों के लिए कुछ करोड़ ख़र्च करने से सरकार पीछे क्यों हट रही है?