एक बार फिर @RahulGandhi जी की चेतावनी सही साबित हुई।
उन्होंने संसद में साफ कहा था कि “अगर यह रास्ता जारी रहा तो वह दिन दूर नहीं जब अमेरिका तय करेगा कि भारत किससे तेल खरीदेगा और किससे नहीं।”
आज वही बात सच साबित हो रही है। अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की “इजाज़त” दी है।
अब सवाल यह है कि क्या भारत की ऊर्जा नीति दिल्ली तय करेगी या वाशिंगटन?
*UAE, सऊदी, जॉर्डन में अमेरिकी THAAD डिफेंस-सिस्टम पर ईरानी हमला:* जॉर्डन वाला सिस्टम तबाह, कीमत ₹22 हजार करोड़; अमेरिका के पास ऐसे सिर्फ 7 सिस्टम
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यह वो दौर था जब भारत ने वैश्विक दबावों के सामने सिर झुकाने से इंकार किया था। निर्णय देशहित में होते थे, किसी बाहरी शक्ति की स्वीकृति से नहीं।
और आज…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी अमेरिका के दबाव में आकर किसानों के खिलाफ फैसले लेते हैं।
देश को झुकने वाली नहीं, डटकर खड़ा होने वाली नेतृत्व चाहिए।
सोनिया गांधी जी का जीवन ���िर्फ़ किसी एक राजनीतिक अध्याय का नाम नहीं है, बल्कि दृढ़ता, त्याग और संकल्प की मिसाल है।
एक महिला, जिन्होंने भारत की संस्कृति को अपनाया, अपने जीवनसाथी को खोया, असा��ारण व्यक्तिगत पीड़ा झेली, फिर भी सार्वजनिक जीवन से पीछे नहीं हटीं।
उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी जी और लालकृष्ण आडवाणी जी जैसे दिग्गजों के सामने चुनावी लड़ाई लड़ी और जीती। प्रधानमंत्री बनने का अवसर ठुकराया। गंभीर बीमारियों से लड़ीं। राजनीतिक हमले, अपमान, झूठे आरोप सब सहते हुए भी कभी सहानुभूति की राजनीति नहीं की।
आज भी वे विचार की लड़ाई में डटी हुई हैं।
गांधी परिवार की आलोचना करना आसान ��ै लेकिन उस विरासत, उस राजनीतिक प्रतिबद्धता और उस निरंतर संघर्ष की बराबरी करना इतना आसान नहीं।
आज जोधपुर में AICC सचिव सुश्री दिव्या मदेरणा जी से उनके आवास पर मिलकर आत्मीय अनुभव हुआ।
उन्होंने हमेशा ग़रीब, किसान और आमजन की आवाज़ को मजबूती से उठा���ा है। जनहित के मुद्दों पर उनकी स्पष्ट सोच, संवेदनशीलता और संघर्षशीलता प्रेरणादायक है।@DivyaMaderna
एक नई शुरुआत - एक नई जिम्मेदारी
NSUI के नव-नियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विनोद जाखड़ जी के पदभार ग्रहण समारोह में आप सभी सादर आमंत्रित हैं। यह अवसर छात्र शक्ति को एकजुट कर संविधान, समानता और शिक्षा के अधिकार के लिए हमारे संघर्ष को और मजबूत करने का है।
📍 28 फरवरी 2026
🕙 प्रातः 10 बजे
📌 NSUI राष्ट्रीय कार्यालय, 5 रायसीना रोड, दिल्ली
आइए, साथ मिलकर छात्र आंदोलन के अगले अध्याय की शुरुआत करें।
@nsui@RahulGandhi@kanhaiyakumar@VinodJakharIN
ये जनरल मनोज मुकुंद नरवणे जी की किताब है, लेकिन मुझे कहा गया है कि मैं इसे Quote नहीं कर सकता हूं।
इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कही एक लाइन है- ''जो उचित समझो, वो करो''
आर्मी चीफ नरवणे जी ने अपनी किताब में साफ लिखा है- "I felt really alone, I was abandoned by the entire establishment."
I don't think the PM has the guts to come to the Lok Sabha today. Because if he comes, I'll go physically and hand him this book.
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi जी
आज अगर प्रधानमंत्री संसद में आते हैं, तो मैं उन्हें एक किताब भेंट करूंगा।
यह किताब किसी विपक्षी नेता की नहीं है।
यह किताब किसी विदेशी लेखक की नहीं ह���।
यह किताब है देश के पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की - और हैरानी की बात यह है कि यह किताब कैबिनेट मंत्रियों के हिसाब से मौजूद ही नहीं है।
इस किताब में साफ़ लिखा है कि जब चीनी सेना हमारी सीमा में घुस आई थी, ऐसी नाज़ुक घड़ी में सेना प्रमुख को इंतजार करवाया।
और जब निर्णय लेने का वक़्त आया, तो प्रधानमंत्री ने बस इतना कहा - “जो आपको उचित लगे, वो कीजिए।”
यानी देश की सुरक्षा के सबसे गंभीर संकट में, मोदी जी ने राजनीतिक ज़िम्मेदारी से हाथ खड़े कर लिए।
जनरल नरवणे खुद लिखते हैं कि उस समय उन्हें महसूस हुआ कि राजनीतिक नेतृत्व ने सेना को अकेला छोड़ दिया।
यही वह सच्चाई है जिसे बोलने से मुझे संसद में रोका जा रहा है।
देश सवाल पूछ रहा है और सरकार जवाब देने से भाग रही है।
"इंदिरा गांधी जी कभी निर्णय लेने से पीछे नहीं हटीं।
उन्��ोंने कमरे में दुबककर ये नहीं कहा- मैं निर्णय नहीं लूंगी। वे आगे आईं और पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए.."
कांग्रेस महासचिव सांसद @priyankagandhi जी
ऑपरेशन सिंदूर का सस्पेंशन हो,
रूस और वेनेज़ुएला से तेल ख़रीद पर बयान हों,
या फिर भारत-अमेरिका ट्रेड डील की घोषणा।
हर बड़ा फ़ैसला वॉशिंगटन से ही क्यों सुनाया जा रहा है?
हम पर थोपे जा रहे इस भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत भारतीय निर्यात पर अमेरिका में 18% टैरिफ, जबकि अमेरिकी सामान पर भारत में 0% टैरिफ तय किया गया है।
इतना ही नहीं, भारत का कृषि क्षेत्र अमेरिका के लिए खोल दिया गया है और भारत अब अमेरिका से ज़्यादा सामान खरीदेगा।
टैरिफ़ में कथित राहत के बदले खेती को दाँव पर लगाना
न कोई नीति है,
न कोई रणनीति,
यह सिर्फ़ सरेंडर है।
सरकार को संसद में साफ़-साफ़ जवाब देना चाहिए कि क्या इस समझौते में किसानों की सुरक्षा गिरवी रख दी गई है? क्या भारत की कृषि और रोज़गार अब विदेशी दबावों के आगे कुर्बान किए जा रहे हैं?
देश को जवाब चाहिए।
#TradeDeal
No compromise, no agreement—
Yet the US Agriculture Secretary is talking about Indian agriculture!
This is not cooperation, it's interference.
Indian farmers are not an experiment lab.
India will decide its own agricultural policy. @USDA@meaindia1@narendramodi@RahulGandhi
Thank you @POTUS for ONCE AGAIN delivering for our American farmers.
New US-India deal will export more American farm products to India's massive market, lifting prices, and pumping cash into rural America.
In 2024, America’s agricultural trade deficit with India was $1.3 billion. India’s growing population is an important market for American agricultural products and today’s deal will go a long way to reducing this deficit.
America First victory on top of the dozens of deals for ag🔥 #FarmersWin #USIndiaTrade #RuralAmerica
“मेरे सुख-दुख के सच्चे साथी, मेरे आदर्श मामा जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।
आपका स्नेह, मार्गदर्शन और साथ हमेशा मेरे जीवन की सबसे बड़ी ताक़त रहा है।
ईश्वर आपको उत्तम स्वास्थ्य, लंबी उम्र और अपार खुशियाँ प्रदान करे।”
@pradeep_hudda
“मेरे सुख-दुख के सच्चे साथी, मेरे आदर्श मामा जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।
आपका स्नेह, मार्गदर्शन और साथ हमेशा मेरे जीवन की सबसे बड़ी ताक़त रहा है।
ईश्वर आपको उत्तम स्वास्थ्य, लंबी उम्र और अपार खुशियाँ प्रदान करे।”
@pradeep_hudda