Humanitarian; Senior executive and business owner in NY; Humanity is more important than nationalism and religion;
Vipassana ;
Constitution is paramount
कृपया ध्यान से सुनें, पढ़ें और समझें, आम आदमी के लिए पूरा किया गया कार्य। डॉ. पिराटला द्वारा केवल आपके लिए तैयार किया गया। जनहित के लिए प्रचार करें.
धन्यवाद।
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श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हुए कथित करोड़ो रुपये के चढ़ावा गबन प्रकरण में विशेष जांच दल की कार्रवाई शुरू होने से ठीक पहले अयोध्या में जबरदस्त सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। सूत्रों से मिल रही बड़ी जानकारी के मुताबिक, एसआईटी के पहुंचने से पहले ट्रस्ट के दो सबसे बड़े और प्रभावशाली नामों को लेकर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। बताया जा रहा है कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की तबीयत अचानक खराब हो गई है, उन्हें तीव्र जुकाम के साथ शुगर बढ़ने की शिकायत सामने आई है।
इस बीच खबर है कि ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा भी फिलहाल रामनगरी अयोध्या में मौजूद नहीं हैं। सूत्रों का दावा है कि वे भी अपने इलाज के सिलसिले में शहर से बाहर गए हुए हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच फायरब्रांड नेता विनय कटियार के तेवरों ने मामले को और गरमा दिया है। कटियार ने खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि वह कल खुद अयोध्या पहुंचेंगे और ‘चोरों’ को खदेड़ेंगे, वरना ये सब जेल जाएंगे। इस तीखी धमकी के बाद विश्व हिंदू परिषद ने आनन-फानन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निष्पक्ष जांच की बात कही है, लेकिन कटियार अपनी मांग पर अड़े हुए हैं और अब उन्हें मनाने के लिए बैकचैनल मैनेजमेंट शुरू कर दिया गया है।
एसआईटी की टीम आज रात ही अयोध्या पहुंच सकती है और कल सुबह से कड़ाई के साथ जांच प्रक्रिया शुरू कर देगी। अब सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि जब जांच टीम अपनी कार्रवाई शुरू करेगी, तो चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा जैसे बड़े पदाधिकारी उनके सामने कब और कैसे पेश होंगे। देखना दिलचस्प होगा कि एसआईटी की यह जांच सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित रहती है या ट्रस्ट के बड़े नामों से भी आमने-सामने पूछताछ की जाएगी।
#UttarPradesh #rammandir #ayodhya
मैंने कुछ साल पहले एक सरकारी बैंक से लोन लिया था 4 लाख 69000 का.
तीन साल तक EMI समय पर दिया..कोविड आया तो 2 EMI बाउंस हुईं..मुझे बैंक द्वारा 3 हज़ार की पेनल्टी लगी..लोन पूरा भरवाया गया. कोई छुट् नहीं
लेकि इन साहब के केस में तो जबरदस्त बात हुईं
अनिल अम्बानी की RCOM पर 53 बैंको के 49000 करोड़ बकाया थे.
सबसे ज्यादा SBI का 13000 करोड़ रूपये थे
इन्होने तीन साल तक एक पैसा नहीं भरा.
NCLT ने कंपनी को दिवालिया घोषित कर दिया.
IBC यानि बैंक इंसोल्वेसी और BANKRUPTCY नियम बताकर 49000 करोड़ का लोन मात्र 455 करोड़ में सेटल कर दिया गया.
अकॉउंट को फ़्रॉड घोषित करने के बाद आम आदमी को तो पुलिस पकड़ लेतीं है.
पर बड़े लोगों को कौन पकड़े? कहने को तो Ed सीबीआई जाँच हुईं है, हो रही होगी.
आम आदमी का 490 रूपये रह जाये तो लोन क्लोज नहीं होता, यहाँ इनके 49 हज़ार करोड़ रह गए तब भी लोन क्लोज??
किसकी मेहरबानी से, नाम नहीं लिखूंगा 😊
महमूद गजनवी और औरंगजेब तो हैं नहीं, फिर अयोध्या में राम मंदिर कौन लूट रहा है?
जिसे चढ़ावा चोरी कहा जा रहा है, वह चोरी नहीं, डकैती है। यह डकैती उन्हीं चोरों ने की जिन्हें चौकीदार बनाकर तैनात किया गया था।
अलग अलग आरोपों को देखें तो अभी कितने करोड़ की चोरी है, यह कह नहीं कह सकते। कोई कह रहा है 150 करोड़, कोई 200 करोड़, कोई 1400 करोड़... हो सकता है यह डकैती इससे भी ज्यादा की हो। जब चंपत राय का ड्राइवर अरबपति हो गया तो आप खुद ही अंदाजा लगाइए कि डकैती किस स्तर की है।
अयोध्या में पहले चंदा चोरी हो रहा था, फिर जमीनों की लूट हुई और अब चढ़ावा चोरी हो रहा है।
मंदिर आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ता संतोष दुबे के मुताबिक, दुनिया भर से 1250 सोने, चांदी, हीरे और अष्टधातु की शिलाएं एकत्र हुई थीं। तीन ताले के अंदर से गायब हो गईं।
मुंबई के एक व्यवसायी अनिल विश्वकर्मा का दावा है कि उन्होंने हीरा जड़ित 3 किलो चांदी का हार और 1 किलो की चरण पादुका दान की। चंपत राय के चेले टिन्नू ने व्यवसायी से कहा कि चांदी की शुद्धता जांचकर इसे प्रभु राम को पहनाएंगे और आपको फोटो भेजेंगे। साथ में रसीद भी भेजेंगे। आजतक हार और चरणपादुका का पता नहीं है।
इंडिया ज्वेलर्स एसोसिएशन ने जुलाई 2020 में 1 किलो चांदी की ईंट दान की थी और अनुरोध किया था कि इसे मंदिर की नींव में लगाया जाए। आजतक उसका पता नहीं चल सका।
अगर आप जमीनों का मसला देखें तो बीजेपी और ट्रस्ट के लोगों ने पहले से वहां मौजूद सस्ती जमीनें खरीद लीं और फिर वही जमीन ट्रस्ट को कई गुना ज्यादा दाम में बेच दी।
2 करोड़ की ज़मीन 18.5 करोड़ में, 3 करोड़ की ज़मीन 24 करोड़ में, 9 करोड़ की ज़मीन 55 करोड़ में... ये सारे मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के नाम पर हुए।
जो लोग 12 साल से बता रहे थे कि महमूद गजनवी और औरंगजेब से बदला लेना है, वे अब मुंह में दही जमाए बैठे हैं। अब किसी की भावना आहत नहीं हो रही है, क्योंकि सारे चौकीदार ही चोर निकले और हमारी जनता को चौकीदार के रूप में चोर ही पसंद हैं।
राम जन्मभूमि मंदिर के नाम पर हुआ बड़ा घोटाला! मंदिर परिसर की जमीन की कीमत कम और दूर की जमीन की कीमत 47 लाख प्रति बिस्वा क्यों? ED की नाक के नीचे चल रहा ये खेल किसका है? सच सबके सामने आना चाहिए!
@SanjayAzadSln जी
जौनपुर के कारोबारी अजय विश्वकर्मा द्वारा रामलला को अर्पित सवा किलो चांदी का हार और 300 ग्राम चांदी की चरण पादुका की रसीद आज तक उपलब्ध नहीं कराई गई। यदि यह दावा सही है तो यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा गंभीर प्रश्न है।
हमारे पूर्वांचल में ऐसे स्थान हैं जहां बिना ताले, बिना चौकीदार के वर्षों से श्रद्धा का सामान सुरक्षित रहता है, क्योंकि आस्था का सम्मान किया जाता है। लेकिन यदि राम मंदिर में चढ़ावे और दान के प्रबंधन में पारदर्शिता नहीं है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
आस्था के नाम पर आने वाला हर दान जनता की अमानत है। जो भी दोषी हो, उसे कानून के अनुसार जवाबदेह बनाया जाए। श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ अक्षम्य है।
- @DRANURAGMISHR13
पूर्वांचल प्रांत प्रभारी, आम आदमी पार्टी, उत्तर प्रदेश
राम के नाम पर चंदा चोरी नहीं चलेगी-नहीं चलेगी।
चंपत राय गैंग के ख़िलाफ़ करोड़ों की हेराफेरी और गबन के मामले में FIR दर्ज करने के लिए अयोध्या थाने में मेरे द्वारा दी गई तहरीर।
चंदा चोरों को गिरफ्तार करो।
महमूद गज़नवी ने सोमनाथ मंदिर लूटा।
ED पार्टी (BJP) ने राम मंदिर लूटा