स्वच्छ भारत का नया अध्याय: जब आरोपों से मुक्ति भी एक निवेश योजना बन जाए
देश के स��मान्य नागरिक से कहा जाता है — विदेश यात्रा मत कीजिए, स्वर्ण मत खरीदिए, वाहन कम चलाइए, क्योंकि विदेशी मुद्रा की बचत राष्ट्रीय कर्तव्य है।
और उसी देश का सबसे बड़ा पूँजीपति 10 अरब डॉलर अमेरिका में
देश में जो आज आक्रोश, विरोध और सोशल मीडिया पर “कॉकरोच जनता पार्टी” जैसे ट्रेंड या व्यंग्य देखने को मिल रहे हैं, उन्हें सिर्फ देश विरोध या विदेशी साजिश कहकर खारिज ��हीं किया जा सकता। यह गुस्सा अचानक पैदा नहीं हुआ, इसके पीछे लगातार बढ़ती बेरोज़गारी, पेपर लीक, भर्ती घोटाले, महंगाई,
हर चंद कोई #ख़्वाब मुकम्मल नहीं हुआ,
मैं इसके बावजूद भी पागल नहीं हुआ.
जारी है हादसों का #सफ़र इस तरह के बस,
एक हादसा जो आज हुआ कल नहीं हुआ.
एक उम्र की तवील मुसाफ़त के बावजूद,
मैं चल रहा हूँ मेरा बदन शल नहीं हुआ.
~ साक़ी अमरोहवी #ज़िन्दगी