@abhijeet_dipke "दूध से जली बिल्ली मट्ठा भी फोन फूंक कर पीती है"
एक बार अन्ना आंदोलन के नाम पर ठगी गई जनता अब किसी भी मुखौटे के पीछे छिपे झूठे और मक्कार चेहरे की असलियत पहचान लेती है।
काठ की हांडी चूल्हे पर बार बार नहीं चढ़ पाती।
@abhijeet_dipke "दूध की जली बिल्ली मट्ठा भी फूंक फूंक कर पीती है!'
एक बार जनता ने अन्ना आंदोलन के नाम पर भरोसा करके देख लिया कि लोग कैसे कैसे मक्कारी और गद्दारी करके जनता की आंखों में धूल झोंककर अपनी ��ाजनीतिक रोटी सेंकने लगते है, अब जनता किसी भी मुखौटे के पीछे छुपे हुए चेहरे से सावधान है।
@SurajKrBauddh श्री राम किसी की बपौती नहीं कि किसी से भी जबरन बुलवाया जाय।
बस एक बात जरूर है कि "वंदेमातरम" भारत में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को कहना ही चाहिए ।
@_Attitude_Vini जो औरतें अपना शरीर और जमीर दोनों ही बेचने का साहस करती हैं उनके लिए तो यह रकम बिल्कुल कम है, वे 18 महीने तो क्या 18 दिन में इतना धन इकट्ठा कर सकती हैं।
@SurajKrBauddh कुछ लोग जातिवाद के जहर का डर फैलाकर अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए अपने ही समाज का नुकसान कर रहे हैं। हमे जातिवाद के जहर को खत्म करने की दिशा में काम करना चाहिए न कि उसे वायरस की तरह फैलाने की कोशिश।
@SurajKrBauddh जितना प्रोत्साहन एवं उत्थान की योजनाएं बीजेपी की मोदी सरकार में बनी हैं उतनी तो स्वतंत्र भारत में कभी नहीं बनी।
मोदी शासन में दलित एवं पिछड़ा वंचित सभी खुश और संतुष्ट है सिवाय दलित नेताओं के।
मोदी जी की इस विजय यात्रा में सबसे बड़ा योगदान इन दलित वंचित एवं पिछड़े भाइयों का ही है।