आदरणीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी
जन्मदिन की अनेक-अनेक शुभकामनाएँ!
1 बार फिर से यह मेरा सौभाग्य है कि 135 करोड़ भारतीयों में से सबसे पहले मुझे आपको अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ देने का अवसर मिला है।आप युगों-युगों तक जिएँ और सदैव स्वस्थ रहें।
@PMOIndia@BJP4India@HMOIndia
This is peak journalism. Indian express has started exposing all the corrupt BJP ministers.
This is what we need from the Indian media. If the media starts working properly, No politician would dare to cheat the public.
आखिर यह गार्डेन है किस लिए? अगर यहां इंसान नहीं बैठ सकते हैं पानी की व्यवस्था नहीं हो सकती है दिल्ली जैसे राजधानी और इंडिया गेट जैसे इलाकों में जहां देश विदेश का पर्यटक आता ���ै वहां यह व्यवस्था? आखिर कौन बोला कि गर्मी में पेड़ की छाव के नीचे बैठना मना है?
वैसे तो आम ज���मानस को गाड़ियों में बम्पर गार्ड लगावाना गैर कानूनी है और 5000 तक जुर्माना भी है,
लेकिन आप IPS अधिकारी हैं तो लगवा सकते हैं किसी के ब���प की औकात नहीं कि कोई जुर्माना भी लगे
How can anyone be so insensitive? 😰
10-year old girl was sexually assulted & brutally killed.
And these police officers were cracking jokes & laughing hysterically at the press briefing.
2017 में पेट्रोलियम मंत्री रहे व वर्तमान में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बेटी के इंटरनेशनल सिम कार्ड का 68,424 रूपये का बिल सरकारी कंपनी पेट्रोनेट एलएनजी ने भरा....
मंत्रियों के बच्चों के बिल सरकार भरे और 22 लाख नीट के बच्चों के भविष्य का कोई हिसाब नहीं?
Indian Army🔥💪
इतिहास में पहली बार
ITBP कमा���डो ने पुलिस कमिश्नर को घेरा
कानपुर में इलाज के नाम पर लापरवाही ने एक
ITBP जवान की मां का हाथ छीन लिया
3 दिन तक FIR और न्याय के लिए भटकता रहा जवान लेकिन सिस्टम खामोश रहा गुस्साए ITBP जवानों ने आखिरकार कानपुर कमिश्नरेट को घेर लिया
A video showing police officers laughing during a press conference on the Coimbatore child murder case has triggered backlash on social media. Users criticised the conduct by the officials as Tamil Nadu continues to react strongly to the brutal killing.
#coimbatore#tamilnadu #police #viral #socialmedia #pressmeet #outrage #crime
टोल अपने आप कट जाता है, FASTag से सेकंडों में पेमेंट हो जाती है…
थोड़ा तेज गाड़ी चलाओ तो e-challan भी तुरंत घर पहुंच जाता है।
लेकिन सड़क टूट जाए तो?
उसे ठीक करने के लिए कोई “automatic system” क्यों नहीं है?
ग्वालियर में एक महिला नेता पिछले 3 साल से अपने ही इलाके की सड़क बनवाने की मांग कर रही हैं…
और हैरानी की बात ये है कि वो उसी पार्टी से हैं जिसकी MP में सरकार है।
जब हर चीज online, AI-enabled और automated हो सकती है,
तो सड़क जैसी basic चीज के लिए अब भी इतना इंतज़ार क्यों?
Technology सिर्फ challan काटने के लिए है,
या फिर लोगों की basic problems solve करने के लिए भी?